खान-पान विविधा जानिए आपकी राशि अनुसार आपका भोजन ..??? December 3, 2016 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment सभी खाद्य पदार्थ चाहे वे किसी भी रूप-स्वरूप में हों जैसे तरल खाद्य पदार्थ, अनाज, दाले, फल, सब्जियाँ, मेवे इत्यादि भी अपने-अपने गुणों व स्वादों के अनुसार किसी न किसी ग्रह का प्रतिनिधित्व करते हैं। आप ग्रह-नक्षत्रों के अशुभ फल को कुछ खाकर शुभ फल में बदल सकते हैं। क्या सचमुच ऐसा हो सकता है? कहते हैं कि जैसा खाओगे अन्न, वैसा बनेगा मन। Read more » food according to horoscope food as per horoscope राशि अनुसार भोजन
महत्वपूर्ण लेख विविधा भारतीय शिक्षाव्यवस्था का इतिहास करवट लेगा : निकट भविष्य में डॉक्टरी की पढ़ाई हिन्दी में कर पाएंगे भारतीय बच्चे December 1, 2016 by डॉ. शुभ्रता मिश्रा | 1 Comment on भारतीय शिक्षाव्यवस्था का इतिहास करवट लेगा : निकट भविष्य में डॉक्टरी की पढ़ाई हिन्दी में कर पाएंगे भारतीय बच्चे इसके पहले भी अटल बिहारी बाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय, भोपाल इंजीनियरिंग के कोर्स हिन्दी में शुरू करने की घोषणा कर चुका है और वहां इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल तथा सिविल के कोर्स हिन्दी में शुरू भी कर दिए गए हैं। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के चैयरमैन अनिल डी. सहस्रबुद्धे ने कहा था कि हिन्दी या क्षेत्रीय भाषाओं में इंजीनियरिंग की पढ़ाई हो सकती है। उनका कहना था कि कालेज को सिर्फ एआईसीटीई के मानक पूरे करने अनिवार्य हैं। Read more » Featured इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिन्दी में डॉक्टरी की पढ़ाई हिन्दी में भविष्य में डॉक्टरी की पढ़ाई हिन्दी में भारतीय चिकित्सा परिषद भारतीय शिक्षाव्यवस्था का इतिहास शिक्षाव्यवस्था
विविधा शख्सियत सिनेमा औलाद के लिए षडयंत्र किया दिलीप कुमार ने पर बन न सके बाप….. December 1, 2016 by अनिल अनूप | 2 Comments on औलाद के लिए षडयंत्र किया दिलीप कुमार ने पर बन न सके बाप….. -अनिल अनूप भारतीय सिनेमा में ट्रेजडी किंग नाम से मशहूर दिलीप कुमार एक महान विश्वविदित लोकप्रिय अभिनेता हैंl दुखद सीन में अपनी मार्मिक एक्टिंग से सबके दिल को छू लेने की वजह से इन्हें ट्रेजडी किंग कहा गया. जन्म से उनका नाम मोहम्मद युसूफ खान था, हिंदी सिनेमा में आने के बाद इन्होनें अपना नाम […] Read more » Featured औलाद दिलीप कुमार
महत्वपूर्ण लेख विविधा अर्थक्रांति और राष्ट्रवाद की और देश December 1, 2016 by अनुज अग्रवाल | Leave a Comment अनेक उच्च वर्गीय लोगो का कहना था कि मोदी के नोट वापसी के फैसले के बाद वे निराश हें और या तो काम करना बंद कर देंगे अथवा विदेश चले जायेंगे। मेरा उनसे कहना है कि अगर वो ऐसा करते हें तो इस देश पर अहसान ही होगा क्योकि वो देश में कमाते भी हें तो टैक्स चोरी कर कालाधन विदेश भेज देते हें या विदेशो से नकद में आयात कर देश के उद्योगों की कमर तोड़कर युवा पीढ़ी को बेकार कर रहे हें। कृपया अपने साथ लंपट नेताओ और नोकरशाहों को भी ले जाइयेगा और जल्द हमें बताइये कि किस देश में आप बिना कानून माने और टैक्स दिए बिना अय्याशी कर रहें हें। Read more » Featured अर्थक्रांति नोटबंदी राष्ट्रवाद की और देश
जन-जागरण विविधा हिन्दी की अस्मिता पर प्रहार करने वाले हिन्दी के अपने । November 30, 2016 / November 30, 2016 by प्रो. कृष्ण कुमार गोस्वामी | 4 Comments on हिन्दी की अस्मिता पर प्रहार करने वाले हिन्दी के अपने । – प्रो. कृष्ण कुमार गोस्वामी हिंदुस्तान समाचारपत्र के 13 नवंबर 2016 के अंक में केंद्रीय गृह मंत्री माननीय श्री राज नाथ सिंह के एक सभा में भोजपुरी को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करने के लिए संसद में विधेयक पारित करने का आश्वासन दिया है। यह बहुत बड़ी विडंबना है कि हिन्दी को तोड़ने […] Read more » Featured हिन्दी हिन्दी की अस्मिता पर प्रहार
विधि-कानून विविधा न्यायपालिका और सरकार में टकराव उचित नहीं November 30, 2016 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on न्यायपालिका और सरकार में टकराव उचित नहीं प्रमोद भार्गव केंद्र सरकार और न्यायपालिका के बीच एक बार फिर जजों की नियुक्तियों को लेकर टकराव सतह पर आया है। इस बार सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीष टीएस ठाकुर ने न्यायालयीन ट्रिब्यूनलों की खस्ताहाल स्थिति को भी उजागार किया है। अखिल भारतीय केंद्रीय प्रशासनिक पंचाट के इसी कार्यक्रम में उपस्थित विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद […] Read more » .S Thakur Featured t कार्यपालिका और न्यायपालिका में सुधार न्यायपालिका न्यायपालिका और सरकार में टकराव मंत्री रविशंकर प्रसाद सरकार
विधि-कानून विविधा बस्ते में बंद पड़ा लोकपाल November 30, 2016 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment लोकपाल की नियुक्ति बावत न्यायलय में जनहित याचिका गैर सरकारी संगठन काॅमन काॅज ने लगाई हुई है। अदालत ने जब लोकपाल की नियुक्ति नहीं किए जाने बावत सरकार से जवाब-तलब किया तो सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने उत्तर दिया कि ‘इस समय लोकसभा में विपक्ष का कोई नेता नहीं है, इसलिए लोकपाल का चयन संभव नहीं हो पा रहा है। Read more » Featured lokpal बस्ते में बंद पड़ा लोकपाल
विविधा विश्ववार्ता कौन सुनेगा बांग्लादेशी हिंदुओं की आवाज ? November 29, 2016 / November 29, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment भारत की राजनीति अल्पंख्यकवाद पर टिकी हुई है। लोकसभा व विधानसभा चुनाव आते ही सभी दल अल्पसंख्यकों के हितों को पूरे जोर शोर से उठाने लग जाते हैं। अल्पंसख्यकों के मुददे उठाते समय इन सभी दलों को देशहित व समाजहित की कतई चिंता नहीं रहती है। लेकिन जब हमारे ही पड़ोसी देश बांग्लादेश वा पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू अल्पंसख्यकों पर अत्याचार होते हैं तब कोई अल्पसंख्यकवादी नेता, बुद्धिजीवी व मानवाधिकारी उनके हितों की रक्षा करने के लिए आगे नहीं आता। Read more » Featured अल्पंख्यकवाद बांग्लादेशी हिंदु बांग्लादेशी हिंदुओं की आवाज भारत की राजनीति
विधि-कानून विविधा न्याय व्यवस्था का गिरता हुआ स्तर November 29, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment आज कानून का पालन करने वालों से कानून तोडऩे वालों की प्रतिष्ठा अधिक है। इतना ही नहीं, कानून तोडऩे की ‘क्षमता’ ही लोगों की आर्थिक, सामाजिक या राजनीतिक ‘प्रतिष्ठा’ का मापदंड बनती जा रही है। वैसे तो सभी राजनीतिक पक्ष ऐसी संपूर्ण स्वतंत्र और निष्पक्ष न्याय प्रणाली चाहते हैं, जिन्हें सिर्फ उनके ही पक्ष में निर्णय पाने की स्वतंत्रता रहे। इस हालात में किसी भी संवेदनशील व्यक्ति की आंखों में आंसू आएंगे ही। उन आंसूओं में प्रायश्चित और वेदना की अहमियत है, जो व्यवस्था को शक्ति प्रदान कर सकती है। Read more » Featured गिरता हुआ स्तर न्याय व्यवस्था
विविधा नालन्दा राजनीतिक नहीं, राष्ट्रीय मुद््दा है November 29, 2016 by ललित गर्ग | Leave a Comment नालंदा विश्वविद्यालय के विचार को पुनर्जीवित करने की कोशिश एक असाधारण उपक्रम था, एक बड़ी चुनौती थी और उसका मूर्तरूप प्रकट होना आश्चर्य से कम नहीं कहा जा सकता है। वह दिन बिहार और देश-दुनिया के इतिहास में दिलचस्पी रखने वालों के लिए खास बना। तत्कालीन राष्ट्रपति डा. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ने मार्च 2006 में बिहार विधानमंडल के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा था कि नालंदा विश्वविद्यालय को पुनर्जीवित किया जाना चाहिए। Read more » Featured Nalanda University नालंदा विश्वविद्यालय नालंदा विश्वविद्यालय को पुनर्जीवित करने की कोशिश
विविधा आवश्यकता है पौराणिक मनवर का वास्तविक स्वरूप दिलवाया जाय November 29, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment मनवर के महात्म्य , ऐतिहासिकता और उर्वरता को पुनः महिमामण्डित किये जाने से इस क्षेत्र के लोगों को वर्तमान भारत सरकार से बहुत उम्मीदें हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस आलेख में बहुत महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं। Read more » कुआनो नदी का दर्द पंन्डूलघाटः मखौड़ा धाम मनोरमा तट श्रृंगीनारी आश्रम
विविधा सार्थक पहल हिंदी का स्वाभिमान बचाने समाचार-पत्रों का शुभ संकल्प November 29, 2016 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment ह सर्वविधित है कि हिंदी के समाचार माध्यमों में अंग्रेजी शब्दों का बढ़ता प्रयोग भारतीय मानस के लिए चिंता का विषय बन गया है। विशेषकर, हिंदी समाचार पत्रों में अंग्रेजी के शब्दों का चलन अधिक गंभीर समस्या है। हमें नहीं भूलना चाहिए कि हिंदी समाचार पत्रों की भाषा से नवयुवक अपनी भाषा सुधारते थे। समाचार पत्र सूचना और अध्ययन सामग्री देने के साथ-साथ समाज को भाषा का संस्कार भी देते थे। Read more » हिंदी हिंदी का स्वाभिमान