महिला-जगत महिला आरक्षण और पंचायती राज June 3, 2011 / December 12, 2011 by डाँ. रमेश प्रसाद द्विवेदी | Leave a Comment भारतीय लोकतांत्रिक विकेन्द्रीकरण की व्यवस्था का मूल आधार पंचायती राज व्यवस्था ही है। सभ्य समाज की स्थापना के बाद मानव ने समूह में रहना सीखा और उसकी चेतना में धीरेधीरे बदलाव आता गया। इस बदलाव के साथ पंचायती राज के आदर्श एवं मूल उनकी चेतना में होते आये है। इसी व्यवस्था को विविध कालों में […] Read more » Women Reservation पंचायती राज महिला आरक्षण
जन-जागरण महिला-जगत महिलाएं व मानवाधिकार June 2, 2011 / December 12, 2011 by डाँ. रमेश प्रसाद द्विवेदी | 1 Comment on महिलाएं व मानवाधिकार “हमारे समाज में कोई सबसे अधित हताश हुआ है तो वे महिलाएं ही हैं और इस बजह से हमारा अंधःपतन भी हुआ हैं महिलापुरूष के बीच जो फर्क प्रकृति के पहले है और जिसे खुली आंखों से देखा जा सकता है, उसके अलावा मैं किसी किस्म की फर्क को नही मानता’’ महात्मा गांधी भारत में […] Read more » Woman and Rights महिलाएं व मानवाधिकार
महिला-जगत राहुल गांधी के आपरेशन उत्तर प्रदेश की शुरूआत हुई महिलाओं के अपमान से June 1, 2011 / December 12, 2011 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | Leave a Comment डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री राहुल गांधी ने अपना ऑपरेशन उत्तर प्रदेश, भट्टा-पारसौल से प्रारंभ किया है। भट्टा-पारसौल में सरकार द्वारा अपनी जमीन के अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों पर भीषण अत्याचार किए। गोलीवारी में कुछ लोग मारे भी गए। दरअसल, जब से वैश्विकरण की बिमारी भारतीय पूंजीवाद में घुसी है तब से केंद्रीय और […] Read more » Rahul Gandhi किसान आंदोलन भट्टा परसौल राहुल गांधी
महिला-जगत विविधा वर्ग संघर्ष के नाम पर नारी देह का शोषण May 31, 2011 / December 12, 2011 by समन्वय़ नंद | Leave a Comment शोषण से पूरी तरह मुक्त समाज के सुनहरे सपने दिखाने वाले माओवादी अपने साथ के कार्य कर रहे महिलाओं के साथ यौन उत्पीडन हैं , इस बारे में बीच बीच में समाचार आते रहते हैं । देश के किसी भी हिस्से में किसी महिला माओवादी जब आत्मसमर्पण करती है तो आत्मसमर्पण करने के कारणों के […] Read more » women body नारी देह वर्ग संघर्ष शोषण
महिला-जगत असंयम से बदलाव नहीं, बवाल होगा May 16, 2011 / December 13, 2011 by चैतन्य प्रकाश | Leave a Comment चैतन्य प्रकाश पिछली पूरी सदी मनुष्य जाति के इतिहास में ‘वस्त्र सभ्यता’ की तरह बीती है। वस्त्रें से शरीर ढंकने, कम ढंकने, उघाड़ने या ओढ़ने पर बड़ा जोर रहा है। बट्रर्ड रसल ने अपनी आत्मकथा में लिखा है, ”विक्टोरियन युग में स्त्री के पैर का अंगूठा भी दिखता था तो बिजली दौड़ जाती थी, अब […] Read more » change
महिला-जगत 775 साल का लेडी पावर May 14, 2011 / December 13, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे आजादी के पहले महिलाओं को कमतर ही आंका जाता रहा है। महिलाओं को चूल्हा चैका संभालने और बच्चे पैदा करने की मशीन ही समझते थे सभ्य समाज में पुरूष वर्ग के लोग। अस्सी के दशक के उपरांत यह मिथक शनैः शनैः टूटने लगा। लोग मानते थे कि महिलाओं को अगर घर की दहलीज […] Read more » Woman नारीशक्ति महिला
महिला-जगत महज कानून बनाने से नहीं रूकने वाला महिला उत्पीड़न May 5, 2011 / December 13, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे पुरानी कहावत है -‘‘. . ., गंवार, पशु और नारी, ये सब हैं ताड़न के अधिकारी।‘‘ इसमें नारी को शामिल किया गया है। एक तरफ तो नारी को माता का दर्जा देकर सबसे उपर रखा गया है, वहीं दूसरी ओर नारी को ही प्रताड़ना का अधिकारी बताया जाना कहां तक न्यायसंगत है। नारी […] Read more » Woman Torture महिला उत्पीड़न
महिला-जगत पुरूष ही नहीं महिलाएं भी होती हैं दबंग : मध्यप्रदेश की एक मात्र जेल अधिक्षक सुश्री शैफाली तिवारी March 8, 2011 / December 15, 2011 by रामकिशोर पंवार | Leave a Comment अकसर महिलाओं को लेकर तमाम सवाल उठते रहे हैं। मध्यप्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार का होना कोई नई बात नहीं हैं। पुरूष प्रधान समाज में जहां पर नारी को पैरो की जूती समझा जाता रहा हैं। उस पुरूष समाज में पहली बार किसी महिला ने अपनी दबंगाई दिखाते हुए उस चुनौती को स्वीकार किया जिसे […] Read more » Bold दबंग
महिला-जगत तुर्कमेन समाज में महिला दिवस के अनुभव – डा.सुधा सिंह March 8, 2011 / December 15, 2011 by रामकिशोर पंवार | 1 Comment on तुर्कमेन समाज में महिला दिवस के अनुभव – डा.सुधा सिंह 8 मार्च 2011 को विश्व महिला दिवस सारी दुनिया में मनाया जाता है। मैं यहां तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अस्काबाद में विश्वभाषा संस्थान में हिन्दी विभाग में प्रोफेसर हूँ, नया विभाग खुला है, मेरी यह दूसरी विदेश यात्रा है,पांच महिने गुजर चुके हैं यहां पर। महिला दिवस पर इस देश का माहौल देखकर आश्चर्य हो रहा […] Read more » Women's Day महिला दिवस
महिला-जगत जन्मी और अजन्मी कन्याओं की रक्षा कैसे हो ? February 17, 2011 / December 15, 2011 by सतीश सिंह | 2 Comments on जन्मी और अजन्मी कन्याओं की रक्षा कैसे हो ? सतीश सिंह कभी लब्धप्रतिष्ठ कवि तुलसीदास ने ’नारी को तारण का अधिकारी’ माना था। 21वीं सदी में भी हमारे विचार तुलसीदास से इतर नहीं हैं। आज भी हमारे समाज में अजन्मी और जन्मी कन्याओं की हत्या धड़ल्ले से बेरोक-टोक जारी है। पर हमारा समाज इस कत्लेआम को रोकने के बजाए उसे सही साबित करने पर […] Read more » Female feticide भ्रूण हत्या
धर्म-अध्यात्म महिला-जगत ईसाई धर्म और नारी मुक्ति February 1, 2011 / December 15, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 6 Comments on ईसाई धर्म और नारी मुक्ति प्रो. कुसुमलता केडिया क्रिश्चिएनिटी की जिन मान्यताओं के विरोध में यूरोपीय नारी मुक्ति आंदोलन वीरतापूर्वक खड़ा हुआ, वे मान्यताएं हिन्दू धर्म, बौध्द धर्म तथा विश्व के सभी धर्मों में कभी थी ही नहीं। यहां तक कि यहूदी धर्म और इस्लाम में भी ये मान्यताएं कभी भी नहीं थीं। भले ही स्त्रियों पर अनेक प्रतिबंध इस्लाम […] Read more » christanity Women's liberation ईसाई धर्म नारी मुक्ति
महिला-जगत आज के युग में पति द्वारा औरत को पीटना क्या जायज है? January 19, 2011 / December 16, 2011 by एल. आर गान्धी | Leave a Comment एल.आर.गान्धी भारतीय राजनयिक अधिकारी अनिल वर्मा ने अपनी पत्नी को क्या पीट दिया ‘सारे सभ्य समाज में बवाल मच गया. भारत ने भी अपने अधिकारी को वापिस बुला लिया और उसके खिलाफ सख्त कारर्वाही की जाएगी? इसी बीच वर्मा की पत्नी प्रोमिता ने अपने और पांच वर्षीय बेटे के लिए लन्दन में शरण देने की […] Read more » Woman औरत पत्नी महिला