राजनीति सौ दिन के साहसिक फैसलों के उजाले

सौ दिन के साहसिक फैसलों के उजाले

– ललित गर्ग- राष्ट्रीय आदर्शों, राष्ट्रीय प्रतीकों, राष्ट्रीय सुरक्षा, राष्ट्रीय समृद्धि और राष्ट्रीय मान्यताओं की मजबूती के लिये नेतृत्व ऐसा होना चाहिए जो पचास वर्ष…

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धर्म-अध्यात्म मनुष्य और पशु में अन्तर

मनुष्य और पशु में अन्तर

-मनमोहन कुमार आर्य                मनुष्य और पशुओं में अनेक समानतायें हैं। मनुष्य भोजन करते हैं और पशु भी घास आदि चारा खाकर अपना पेट भरते…

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राजनीति कश्मीरियों से सार्थक संवाद

कश्मीरियों से सार्थक संवाद

डॉ. वेदप्रताप वैदिक गृहमंत्री अमित शाह से जम्मू-कश्मीर के लगभग 100 लोगों के प्रतिनिधि मंडल ने कल दिल खोलकर बात की। उनमें पंचायतों के सरपंच,…

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धर्म-अध्यात्म मनुष्य के लिए अनुचित एवं हानिकर है मांसाहार ”

मनुष्य के लिए अनुचित एवं हानिकर है मांसाहार ”

-मनमोहन कुमार आर्य        मनुष्य की उत्पत्ति अपनी आत्मा तथा परमात्मा सहित इस सृष्टि को जानने तथा सद्कर्म करने के लिये हुई है। क्या हम…

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लेख मैगसेसे मंच से रविश कुमार ने खूब उगला जहर

मैगसेसे मंच से रविश कुमार ने खूब उगला जहर

हिन्दी पत्रकारों,मोदी सरकार,मिशन चन्द्रयान सबकी उड़ाई खिल्ली                                     …

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लेख ज्ञान के महासागर थे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन।

ज्ञान के महासागर थे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन।

   प्रथम भारत रत्न  डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण की  आज 131वीं जयंती है।उनके जन्म दिवश को शिक्षक दिवश के रूप में हर वर्ष  5 सितम्बर को देश…

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कविता शिक्षक कौन है ?

शिक्षक कौन है ?

 शिक्षक कौन है ? राही सा मन को, राह दिखा दे जिसे चलना न आये, उसे चलना सिखा दे जिसे हँसना न आये , उसे…

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समाज शिक्षा का व्यवसायीकरण और बाजारीकरण देश के समक्ष बड़ी चुनौती

शिक्षा का व्यवसायीकरण और बाजारीकरण देश के समक्ष बड़ी चुनौती

05 सितंबर 2019 शिक्षक दिवस पर विशेष शिक्षक समाज में उच्च आदर्श स्थापित करने वाला व्यक्तित्व होता है। किसी भी देश या समाज के निर्माण में शिक्षा की अहम् भूमिका होती है, कहा जाए तो शिक्षक समाज का आइना होता है। हिन्दू धर्म में शिक्षक के लिए कहा गया है कि आचार्य देवो भवः यानी कि शिक्षक या आचार्य ईश्वर के समान होता है। यह दर्जा एक शिक्षक को उसके द्वारा समाज में दिए गए योगदानों के बदले स्वरुप दिया जाता है। शिक्षक का दर्जा समाज में हमेशा से ही पूज्यनीय रहा है। कोई उसे गुरु कहता है, कोई शिक्षक कहता…

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राजनीति आजादी के बाद भटकता भारत का युवा।

आजादी के बाद भटकता भारत का युवा।

हम लाए हैं तूफान से कश्ती निकाल के, इस देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के। फिल्म जागृति का यह गीत देशभक्ति को जगाने के…

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धर्म-अध्यात्म हम कहां से आये हैं और हमें कहां जाना है

हम कहां से आये हैं और हमें कहां जाना है

–मनमोहन कुमार आर्य                हम सब मनुष्यों का कुछ वर्ष पूर्व इस संसार में जन्म हुआ है और तब से हम इस शरीर में रहते…

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शख्सियत शाबाश रानू ! बंगभूमि की जादुई आवाज़ की कशिश में डूबी दुनिया

शाबाश रानू ! बंगभूमि की जादुई आवाज़ की कशिश में डूबी दुनिया

                        प्रभुनाथ शुक्ल किस्मत को गढ़ना बेहद मुश्किल है। जिंदगी में कभी-कभी आपकी लाख…

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विविधा देश-विदेश में शिक्षक दिवस

देश-विदेश में शिक्षक दिवस

शिक्षक दिवस (5 सितम्बर) पर विशेष – योगेश कुमार गोयल             राष्ट्र निर्माता माने जाने वाले शिक्षकों को सम्मान देने के लिए देश में प्रतिवर्ष…

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