जिन्दगी तेरे एहसान बहुत है
Updated: July 11, 2019
जिन्दगी तेरे एहसान बहुत है |दिल में मेरे अरमान बहुत है ||किसको जोड़े,किसको घटाये |नेक काम कम है जुर्म बहुत है || देखने को तो…
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“आर्यसमाज के विद्वानों, नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को निःस्वार्थ भाव एवं निर्भीकतापूर्वक वेदों का प्रचार करना चाहिये”
Updated: July 11, 2019
–मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। महर्षि दयानन्द के आगमन से लोगों को यह ज्ञात हुआ कि विद्या व ज्ञान भी सत्य एवं असत्य दो प्रकार का…
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हिंदी ग़ज़ल
Updated: July 11, 2019
शहर तो है नींद से जागा। मुंडेरों पर बोले कागा।। दिनचर्या चालू होते ही, वो दफ्तर को सरपट भागा। होने लगी मुनादी गर तो, पीट…
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सुविधा की खूनी एवं त्रासद सड़कें
Updated: July 11, 2019
– ललित गर्ग- लखनऊ से दिल्ली की ओर जा रही उत्तरप्रदेश परिवहन की एक बस ड्राईवर को नींद की झपकी आ जाने से यमुना एक्सप्रेस-वे…
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मौत का वे-ंउचययमुना एक्सपे्रस-ंउचयवे रोडवेज के लापरवाह अधिकारियों को 29 ‘हत्याओं’ के जुर्म में गिरफ्तार करना चाहिए
Updated: July 11, 2019
संजय सक्सेना,लखनऊ उत्तर प्रदेश का यमुना एक्सपे्रस-ंउचयवे फिर कलंकित हो गया। एक बार फिर यह 29 लोगों के लिए मौत का एक्सप्रेस-ंउचयवे बन गया। मौत…
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डुमरांव में बिस्मिल्लाह खां विश्वविद्यालय खोलने के लिए 2013 से संघर्ष कर रहे हैं मुरली मनोहर श्रीवास्तव
Updated: July 10, 2019
“मॉनसून सत्र में बिस्मिल्लाह खां विवि बनाने की मांग का जवाब देते हुए कला संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा की जमीन…
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गांधी,कांग्रेस और मोदी
Updated: July 10, 2019
(डॉ अजय खेमरिया) जिस कांग्रेस को मोहनदास करमचंद्र गांधी ने पल्लवित औऱ पुष्पित किया वह 134 साल में लगता है हारने के बाद थक भी…
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जम्हूरे का खेल बना कर्नाटक , सत्ता और सिंहासन में उलझा जनविश्वास ?
Updated: July 10, 2019
प्रभुनाथ शुक्ल दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक में उभरे राजनीतिक संकट ने लोकतांत्रिक व्यवस्था की बखिया उधेड़ कर रख दिया है। संवैधानिक संस्थाओं के साथ…
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क्रोध, मंगल और ज्योतिष—
Updated: July 10, 2019
क्रोध का मुख्य कारण अहंकार है। अगर हम क्रोध पर नियंत्रण चाहते हैं तो अहंकार को हमें सबसे पहले कुचलना होगा। कुछ लोगों को गुस्से के…
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हिंदी ग़ज़ल
Updated: July 10, 2019
कितने रहे अभागे हैं। उलझे उलझे धागे हैं।। छोटी खुशियों के खातिर, रात रात भर जागे हैं। जिन्हें हम मसीहा समझे, वे मर्यादा लाँघे हैं।…
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जहाँ तुम वहाँ हम
Updated: July 10, 2019
ये एक ब्रह्मवाक्य है ,जो आम और ख़ास दोनों लोगों के लिये बहुत महत्वपूर्ण है ।सबके अपने अपने गम हैं,जैसे हाल ही में गुजरे जमाने…
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“ऋषि दयानन्द द्वारा दिए सभी उपदेशों का संग्रह न होना मन में खटकता है”
Updated: July 10, 2019
–मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। ऋषि दयानन्द को अपनी आयु के चौदहवें वर्ष में मूर्तिपूजा की विश्वसनीयता अथवा उसकी महत्ता पर शंका हुई थी जिसका समाधान…
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