लेख आज भी प्रासंगिक हैं वीर सावरकर

आज भी प्रासंगिक हैं वीर सावरकर

काल स्वयं मुझसे डरा है.मैं काल से नहीं,कालेपानी का कालकूट पीकर,काल से कराल स्तंभों को झकझोर कर,मैं बार बार लौट आया हूं,और फिर भी मैं…

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राजनीति समय है देश विरोधियो के चहरे से नकाब उतारने का

समय है देश विरोधियो के चहरे से नकाब उतारने का

पुलवामा की आतंकवादी घटना के बाद से जिस प्रकार के कदम हमारी सरकार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठा रही है उससे ना सिर्फ देश…

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प्रवक्ता न्यूज़ मध्यप्रदेश की यह राजनीतिक तासीर तो है नहीं

मध्यप्रदेश की यह राजनीतिक तासीर तो है नहीं

11 दिसम्बर की तारीख मध्यप्रदेश की राजनीति के लिए अहम तारीख थी. इस दिन डेढ़ दशक बाद सत्ता में परिवर्तन हुआ तो साथ में राजनीतिक…

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विश्ववार्ता संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जम्मू-कश्मीर

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जम्मू-कश्मीर

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जम्मू-कश्मीर में किसी भी आतंकी हमले पर पहली बार निंदा प्रस्ताव पारित किया है। यह पाकिस्तान की निंदा है कि वह…

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राजनीति पुलवामा : मर्यादाहीन बयानों की बढ़ती राजनीति

पुलवामा : मर्यादाहीन बयानों की बढ़ती राजनीति

सुरेश हिन्दुस्थानीपुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद देश में कुछ दिनों तक जिस प्रकार की बयानबाजी की गई, उससे यही लग रहा था कि…

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राजनीति पाकिस्तान का अस्तित्व ही मिट जाना चाहिए

पाकिस्तान का अस्तित्व ही मिट जाना चाहिए

राकेश कुमार आर्य  पुलवामा में जो कुछ भी हुआ है उसे अब पाकिस्तान पोषित आतंकवाद की हताशा का प्रतीक माना जा सकता है । पुलवामा…

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राजनीति समय है देश विरोधियो के चहरे से नकाब उतारने का

समय है देश विरोधियो के चहरे से नकाब उतारने का

पुलवामा की आतंकवादी घटना के बाद से जिस प्रकार के कदम हमारी सरकार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठा रही है उससे ना सिर्फ देश…

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फ़ेस बुक पेज़ से क्या है अनुच्छेद 35A..

क्या है अनुच्छेद 35A..

अनुच्छेद 35A एक ऐसा अनुच्छेद है जो अनुच्छेद 370 की ही तरह जम्मू-कश्मीर को एक विशेष अधिकार दे देता है। इसे दूसरे शब्दों में कहें…

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राजनीति कश्मीर का बिना शर्त भारत में पूर्ण विलय , फिर अनुच्छेद 370 का क्या औचित्य…❔

कश्मीर का बिना शर्त भारत में पूर्ण विलय , फिर अनुच्छेद 370 का क्या औचित्य…❔

▶कश्मीर का भारत में विलय➖ 26 अक्टूबर 1947 को भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 ( इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट 1947 )  के अनुसार जिस विलय पत्र पर…

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कविता जनता की आवाज सुनो

जनता की आवाज सुनो

जनता में आक्रोश है,पहले अब इसको शांत करो गद्दारों को मार भगाओ,फिर पाक पर वार करो  जे एन यु,ए एम यु, आंतकवाद की फैक्ट्री बंद करो सिद्धू…

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व्यंग्य मेरी दावेदारी भी लिख लें

मेरी दावेदारी भी लिख लें

किसी भी विवाह या जन्मदिन समारोह में जाएं, तो वहां कुछ राशि भेंट देना एक परम्परा है। कहीं इसे व्यवहार कहते हैं, तो कहीं शुभकामना…

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महत्वपूर्ण लेख खेलो का बहिष्कार या ….

खेलो का बहिष्कार या ….

-अनिल अनूप इंडिया के पूर्व कप्तान मुहम्मद अजहरुद्दीन और प्रख्यात स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह ने एक नई बहस छेड़ दी है कि विश्व कप के दौरान…

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