कविता मोदी है तो सब मुमकिन है |

मोदी है तो सब मुमकिन है |

मोदी जी जो कहते है |वे हमेशा करते भी है ||अब तो साबित हो गया |वे 56 इंच का सीना रखते है || वैसे तो…

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राजनीति एक सार्थक पहल और सख्त सन्देश

एक सार्थक पहल और सख्त सन्देश

– ललित गर्ग-पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान की बहानेबाजी एवं आतंकवाद को लगातार प्रोत्साहन एवं पल्लवन देने की स्थितियों को देखते हुए यह आवश्यक हो…

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राजनीति देवभूमि कश्मीर का अहिंदुकरण

देवभूमि कश्मीर का अहिंदुकरण

➖ ▶1947 की  शरणार्थी समस्या➖ हिन्दुओं के लिये स्वर्ग कहलाने वाली देवभूमि जम्मू-कश्मीर में देश विभाजन के समय 1947 में पाकिस्तान से प्रताड़ित होकर आये…

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राजनीति धारा 370 व 35 ए के हटाने का सही समय है ये

धारा 370 व 35 ए के हटाने का सही समय है ये

पिछले दिनों भारतीय सेना ने लेखक, कवि एवं निबन्धकार रामधारी सिंह दिनकर की एक कविता की कुछ पक्तियों को ट्वीट किया है।भारतीय सेना द्वारा ट्वीट…

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कला-संस्कृति धन्य हुआ महाकुम्भ

धन्य हुआ महाकुम्भ

शिवशरण त्रिपाठी नियमित अंतराल पर देश के चार तीर्थ स्थलों प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन एवं नासिक में आयोजित होने वाले महाकुम्भ की महत्ता जगजाहिर है। खासकर…

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राजनीति भारत ने वही किया, जो उसे करना था

भारत ने वही किया, जो उसे करना था

डॉ. वेदप्रताप वैदिकप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मेरी हार्दिक बधाई कि उन्होंने हमारी फौज को वह करने दिया, जो उसे करना ही चाहिए था। पिछले डेढ़…

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राजनीति ‘ मन्यु ‘ भाव से भरा भारतीय नेतृत्व

‘ मन्यु ‘ भाव से भरा भारतीय नेतृत्व

राकेश कुमार आर्य हमारे ऋषियों ने  यह कहा है कि काम ,क्रोध, मद ,मोह और लोभ व्यक्ति के सबसे बड़े शत्रु हैं । क्रोध को सबसे…

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कविता भालू , राम टटोले बोले

भालू , राम टटोले बोले

हाथी दादा लिए सूंड में, मोबाइल ,भन्नाकर बोले। क्यों करते डिस्टर्ब बीच में, मुझको मिस्टर राम टटोले। नहीं फेस बुक ,अभी छुआ है, वाट्स एप…

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राजनीति कमलनाथ को कांग्रेसीकरण, मोदी और संघ की बुराई से फुर्सत मिले तब तो मासूमों की फिक्र करे

कमलनाथ को कांग्रेसीकरण, मोदी और संघ की बुराई से फुर्सत मिले तब तो मासूमों की फिक्र करे

: मध्य प्रदेश भारत का हृदय प्रदेश है, भारत का दिल है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से दिल में रहने वाले ही सुरक्षित नहीं हैं, वे असहज…

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लेख आज भी प्रासंगिक हैं वीर सावरकर

आज भी प्रासंगिक हैं वीर सावरकर

काल स्वयं मुझसे डरा है.मैं काल से नहीं,कालेपानी का कालकूट पीकर,काल से कराल स्तंभों को झकझोर कर,मैं बार बार लौट आया हूं,और फिर भी मैं…

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राजनीति समय है देश विरोधियो के चहरे से नकाब उतारने का

समय है देश विरोधियो के चहरे से नकाब उतारने का

पुलवामा की आतंकवादी घटना के बाद से जिस प्रकार के कदम हमारी सरकार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठा रही है उससे ना सिर्फ देश…

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प्रवक्ता न्यूज़ मध्यप्रदेश की यह राजनीतिक तासीर तो है नहीं

मध्यप्रदेश की यह राजनीतिक तासीर तो है नहीं

11 दिसम्बर की तारीख मध्यप्रदेश की राजनीति के लिए अहम तारीख थी. इस दिन डेढ़ दशक बाद सत्ता में परिवर्तन हुआ तो साथ में राजनीतिक…

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