राजनीति महाभियोग: कांग्रेस का दुस्साहस

महाभियोग: कांग्रेस का दुस्साहस

डॉ. वेदप्रताप वैदिक स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहली घटना है कि सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को महाअभियुक्त के कठघरे में खड़ा किया…

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महिला-जगत पंचायतों में महिला आरक्षण से ग्रामीण भारत में बदलाव का दौर’’ 

पंचायतों में महिला आरक्षण से ग्रामीण भारत में बदलाव का दौर’’ 

लेखक – अशोक बजाज, स्थानीय इकाई के रूप में त्रि-स्तरीय पंचायत राज व्यवस्था प्रजातंत्र की सबसे लघु इकाई है । गांव स्तर पर ग्राम पंचायतें,…

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कविता खोया है गाँव मेरा !

खोया है गाँव मेरा !

डॉ. मधुसूदन (१) सीढीपर बैठा बालवृन्द, मस्ती से,आवाजाही निरखता हो. बरखा की शीतल खुशी, हथेली पर झेलता हो. —मिल जाएँ ऐसा गाँव, तो लौटाना ना…

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सार्थक पहल संघर्ष कभी शब्दों के मोहताज नहीं रहे

संघर्ष कभी शब्दों के मोहताज नहीं रहे

दिलीप बीदावत शब्द जब सियासत के लिए आफत बन जाते हैं या शब्द की अवधारणा से उजागर समाज के किसी वर्ग विषेष के जीवन स्तर…

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आर्थिकी बदलते वैश्विक परिदृश्य मे भारत की चुनौतियाँ

बदलते वैश्विक परिदृश्य मे भारत की चुनौतियाँ

दुलीचन्द रमन कभी विश्व में थानेदार की भूमिका निभाने वाला अमेरिका आज कई मोर्चो पर एक साथ लड़ रहा है। ये अमेरिका की फितरत है…

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राजनीति कानून से ज्यादा जरूरी है सोच का बदलना

कानून से ज्यादा जरूरी है सोच का बदलना

– ललित गर्ग- बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण कानून यानी पॉक्सो में संशोधन संबंधी अध्यादेश को केंद्रीय मंत्रिमंडल और फिर राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई। अब…

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खेत-खलिहान कृषि के लिए मानसूनी बारिश के शुभ संकेत

कृषि के लिए मानसूनी बारिश के शुभ संकेत

सुरेश हिन्दुस्थानी यह बात शत प्रतिशत सही है कि भारत कृषि आधारित देश है, कृषि ही 130 करोड़ जनता का पेट भरती है। वास्तव में…

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कविता मैं देवदार का घना जंगल

मैं देवदार का घना जंगल

अरुण तिवारी मैं देवदार का घना जंगल, गंगोत्री के द्वार ठाड़ा, शिवजटा सा गुंथा निर्मल गंग की इक धार देकर, धरा को श्रृंगार देकर, जय…

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प्रवक्ता न्यूज़ Default Post Thumbnail

मासूमों की चित्कारों से लथपथ भारतीय राजनीति

डॉ.अर्पण जैन ‘अविचल’   भारत के भाल से पढ़े जा रहें कसीदे, कमलनी के तेज पर प्रहार हो रहा है, समाजवाद से गायब समाज है,…

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समाज  संसद की आवाज़ क्यों नहीँ बनती बेटियां  ?

 संसद की आवाज़ क्यों नहीँ बनती बेटियां  ?

संसद की आवाज़ क्यों नहीँ बनती बेटियां  ? प्रभुनाथ शुक्ल समाज में बेटियों की सुरक्षा को लेकर हम जिस जिस चौराहे पर खड़े हैं ,…

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धर्म-अध्यात्म “सच्ची आध्यात्मिकता के उन्नायक व पुरस्कर्ता ऋषि दयानन्द”

“सच्ची आध्यात्मिकता के उन्नायक व पुरस्कर्ता ऋषि दयानन्द”

“सच्ची आध्यात्मिकता के उन्नायक व पुरस्कर्ता ऋषि दयानन्द” –मनमोहन कुमार आर्य, ऋषि दयानन्द (1825-1883) को सारा संसार जानता है। सभी मत-मतान्तरों के आचार्य भी उन्हें…

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धर्म-अध्यात्म ‘संसार में अनादि पदार्थ कितने व कौन कौन से हैं?’

‘संसार में अनादि पदार्थ कितने व कौन कौन से हैं?’

‘संसार में अनादि पदार्थ कितने व कौन कौन से हैं?’ -मनमोहन कुमार आर्य, हम जब आंखे बन्द करते हैं तो हमें कुछ दिखाई नहीं देता…

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