धर्म-अध्यात्म दुर्गा सप्तशती शक्ति उपासना का सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ 

दुर्गा सप्तशती शक्ति उपासना का सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ 

डा. राधेश्याम द्विवेदी दुर्गा सप्तशती हिन्दू धर्म का सर्वमान्य ग्रंथ है। इसमें भगवती के कृपा के सुन्दर इतिहास के साथ बड़े बड़े गूढ़ साधन रहस्य…

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राजनीति महाराष्ट बन्द के परिप्रेक्ष्य में सेक्युलरों का सोची समझी साजिस 

महाराष्ट बन्द के परिप्रेक्ष्य में सेक्युलरों का सोची समझी साजिस 

डा. राधेश्याम द्विवेदी ब्राह्मण विरोधी राजनीति की जड़ 19वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में ज्योतिबा फुले के सत्यशोधक समाज के रूप मंक रखा गया था, और…

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धर्म-अध्यात्म खण्डेल के रोगहरण हनुमानजी : भक्तों को मिलता है यहाँ आरोग्य का वरदान

खण्डेल के रोगहरण हनुमानजी : भक्तों को मिलता है यहाँ आरोग्य का वरदान

डॉ. दीपक आचार्य   रामभक्त हनुमानजी कलियुग में शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता के रूप में मान्य हैं। यही वजह है कि हर कहीं बजरंगबली…

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समाज सुधार अंदर से ही होता है

सुधार अंदर से ही होता है

दुनिया का कोई भी धर्म, मत, पंथ, सम्प्रदाय, मजहब, समाज, संस्था या संगठन ऐसा नहीं है, जिसमें समय के अनुसार कुछ सुधार या परिवर्तन न…

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शख्सियत योगेश्वर एवं वेदर्षि दयानन्द

योगेश्वर एवं वेदर्षि दयानन्द

-मनमोहन कुमार आर्य आर्यसमाज के संस्थापक ऋषि दयानन्द सरस्वती वेदों के उच्च कोटि के विद्वान एवं सिद्ध योगी थे। योग में सफलता, वेदाध्ययन व वेद…

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विविधा अपने शरीर की रक्षा के लिए मनुष्य को हर समय सावधान रहना चाहिये

अपने शरीर की रक्षा के लिए मनुष्य को हर समय सावधान रहना चाहिये

मनमोहन कुमार आर्य हमारा यह शरीर हमें परमात्मा से मिला है। यह शरीर हमारी आत्मा का साधन है। यह ऐसा साधन है जिसके द्वारा हम…

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समाज गृहस्थ आश्रम की व्यापकता

गृहस्थ आश्रम की व्यापकता

डा. राधेश्याम द्विवेदी आश्रम क्या है :- प्राचीन काल में सामाजिक व्यवस्था के दो स्तंभ होते थे- वर्ण और आश्रम। मनुष्य की प्रकृति -गुण, कर्म…

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समाज देश से पहले संस्कृति बचाओ

देश से पहले संस्कृति बचाओ

राकेश कुमार आर्य भारत में अध्यात्म और मानव समाज का चोली दामन का साथ है। बिना अध्यात्म के भारत में मानव समाज की कल्पना ही…

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कविता चालाक लोमड़ी

चालाक लोमड़ी

एक लोमड़ी थी चालाक । उसको थी रोटी की ताक ।। उसने देखा आँख उठा कर। कौआ बैठा दिखा पेड़ पर ।। कौए  के  मुँह…

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मीडिया साहित्य प्रकाशन बनाम सोशल मीडिया का प्रभाव

साहित्य प्रकाशन बनाम सोशल मीडिया का प्रभाव

डॉ.अर्पण जैन ‘अविचल’   एक दौर था, जब साहित्य प्रकाशन के लिए रचनाकार प्रकाशकों के दर पर अपने सृजन के साथ जाते थे या फिर…

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धर्म-अध्यात्म आत्मा अविनाशी तथा इसका शरीर नाशवान है

आत्मा अविनाशी तथा इसका शरीर नाशवान है

–मनमोहन कुमार आर्य हम मननशील होने से मनुष्य कहलाते हैं। मनन हम सत्यासत्य व उचित अनुचित का ही करते हैं। सत्य व उचित बातों का…

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समाज वैदिक विवाह का स्वरूप और आधुनिक विवाह परम्परा में धन का अपव्यय

वैदिक विवाह का स्वरूप और आधुनिक विवाह परम्परा में धन का अपव्यय

-मनमोहन कुमार आर्य संसार का सबसे प्राचीन धर्म व संस्कृति वैदिक धर्म है। संसार के सभी मनुष्यों का धर्म एक ही होता है और वह…

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