राजनीति : उत्तरप्रदेश से एक और बड़ा संदेश
Updated: December 6, 2017
सुरेश हिन्दुस्थानी देश में जबसे नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, तबसे राजनीति में एक परिवर्तन सा दिखाई दे रहा है। वह परिवर्तन किस प्रकार का…
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साहित्य के प्रधान सेवक
Updated: December 4, 2017
अमित शर्मा (CA) मिश्रा जी साहित्य के प्रधान सेवक है। साहित्य सेवा का यह बीड़ा उन्होंने 55 किलो ग्राम श्रेणी में ही उठा लिया था…
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इंसानियत अभी ज़िंदा है
Updated: December 4, 2017
अरुण तिवारी सच है कि अधिक से अधिक धन, अधिक से अधिक भौतिक सुविधा, अधिक से अधिक यश व प्रचार हासिल करना आज अधिकांश…
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हदिया जैसी लडकियां लव नहीं जिहाद का शिकार होती हैं
Updated: December 4, 2017
परिवर्तन तो संसार का नियम है। व्यक्ति और समाज के विचारों में परिवर्तन समय और काल के साथ होता रहता है लेकिन जब व्यक्ति से…
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गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-12
Updated: December 2, 2017
राकेश कुमार आर्य   गीता के दूसरे अध्याय का सार और संसार गीता और शहादत अपनी मजहबी मान्यताओं को संसार पर बलात् थोपने वाले…
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गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-11
Updated: December 2, 2017
राकेश कुमार आर्य  गीता के दूसरे अध्याय का सार और संसार आजकल पैसा कैसे कमाया जाए और कैसे बचाया जाए?-सारा ध्यान इसी पर केन्द्रित…
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लोककल्याण का मार्ग है गीता
Updated: December 2, 2017
अरविंद जयतिलक पाश्चात्य जगत में विश्व साहित्य का कोई भी ग्रंथ इतना अधिक उद्धरित नहीं हुआ है जितना भगवद्गीता। भगवद्गीता ज्ञान का अथाह सागर है।…
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मत-मतान्तरों द्वारा ईश्वर को न मानना व अन्यथा मानने का कारण अविद्या है
Updated: December 2, 2017
मनमोहन कुमार आर्य देश व संसार में दो प्रकार के मत हैं। कुछ व अधिकांश मत संसार में ईश्वर का होना मानते हैं। यह बात…
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पब्लिक अॉन डय़ूटी … !!
Updated: December 2, 2017
तारकेश कुमार ओझा बैंक में एक कुर्सी के सामने लंबी कतार लगी है। हालांकि बाबू अपनी सीट पर नहीं है। हर कोई घबराया नजर आ…
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जनेऊ संस्कार है हथियार नही !
Updated: December 2, 2017
राहुल का सोमनाथ मन्दिर जाना और वहां की व्यवस्थाओं के अनुसार गैर हिन्दु वाले रजिस्टर में पंजीयन एक साधारण सी बात थी। प्रकरण वायरल होने…
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भाषा रूढ कैसे की जाए?
Updated: December 2, 2017
डॉ. मधुसूदन प्रवेश: प्रश्न उठाया जाता है, कि, हिन्दी की श्रेष्ठता और उपयोगिता प्रमाणित होने पर भी भारत की जनता और संचार माध्यम हिन्दी क्यों…
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वेद सृष्टिकर्ता ईश्वर से ही उत्पन्न हुए हैं
Updated: December 2, 2017
मनमोहन कुमार आर्य, संसार में दो प्रकार की रचनायें हैं। प्रथम अपौरुषेय कहलाती हैं जिन्हें कि मनुष्य व मनुष्य समूह मिलकर भी निर्मित नहीं कर…
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