आर्थिकी चाबहार बंदरगाह एक बड़ी उपलब्धि

चाबहार बंदरगाह एक बड़ी उपलब्धि

प्रमोद भार्गव पाकिस्तान और चीन की सभी कूटनीतियों को दरकिनार करते हुए भारत ईरान के रास्ते पहुंचने वाले वैकल्पिक मार्ग, अर्थात चाबहार बंदरगाह को शुरू…

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समाज बलात्कार : भारतीय समाज का कलंक

बलात्कार : भारतीय समाज का कलंक

निर्मल रानी हम भारतवासी कभी-कभी तो स्वयं को अत्यंत सांस्कृतिकवादी,राष्ट्रवादी,अति स य,सुशील,ज्ञान-वान,कोमल तथा योग्य बताने की हदें पार करने लग जाते हैं और स्वयं को…

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विविधा भ्रष्टाचार के खिलाफ नीति ही नहीं नीयत भी साफ हो

भ्रष्टाचार के खिलाफ नीति ही नहीं नीयत भी साफ हो

विश्व भ्रष्टाचार निरोधी दिवस – 9 दिसम्बर 2017 पर विशेष ललित गर्ग दुनियाभर में 9 दिसंबर  को अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाया जाता है। इस…

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लेख गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-15

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-15

राकेश कुमार आर्य  गीता के दूसरे अध्याय का सार और संसार ‘गीता’ का कहना है कि योगस्थ होकर कर्मयोग का अभ्यासी बनकर मनुष्य को…

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विविधा ओबामा के अनुचित बोल..

ओबामा के अनुचित बोल..

भूतपूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने अपनी प्रथम स्वतंत्र भारत यात्रा पर आकर अपने को  इस्लाम से सशक्तरूप से जुड़ें रहने की मनोवृति का…

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विविधा अयोध्या: तथ्य, तारीखें, हाशिम अली का बयान और मुस्लिमों का रूख

अयोध्या: तथ्य, तारीखें, हाशिम अली का बयान और मुस्लिमों का रूख

अयोध्या के राम जन्म भूमि स्थल पर भव्य मंदिर निर्माण का कार्य अब अपनी पूर्णता की ओर देख रहा है. ढ़ाई दशक पहले जिस विवादित…

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समाज सन्तान को जन्म देकर निर्माण करने में माता का सर्वाधिक योगदान

सन्तान को जन्म देकर निर्माण करने में माता का सर्वाधिक योगदान

मनमोहन कुमार आर्य जन्म देने वाली सत्ता व शक्ति का नाम माता है। सारा संसार वा मनुष्य अपनी अपनी माताओं से उत्पन्न होते वा जन्म…

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व्यंग्य   राजतंत्र का तबेला

  राजतंत्र का तबेला

शर्मा जी की खुशी का पारावार नहीं था। जैसे पक्षी नहाने के बाद पंख झड़झड़कार आसपास वालों को भी गीला कर देते हैं, ऐसे ही…

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लेख गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-14

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-14

राकेश कुमार आर् गीता के दूसरे अध्याय का सार और संसार ‘गीता’ कहती है कि इस आत्मा को संसार का कोई शस्त्र छेद नहीं सकता।…

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लेख गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-13

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-13

राकेश कुमार आर्य गीता के दूसरे अध्याय का सार आत्मा को नहीं होत है, सुख, दु:ख का कभी भान। द्वन्द्व सताते देह को बात वेद…

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समाज नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स  : आखिर क्यों हम अपने बच्चों को नहीं बचा पा रहे 

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स : आखिर क्यों हम अपने बच्चों को नहीं बचा पा रहे 

1 दिसंबर 2017,कोलकाता के जीडी बिरला सेन्टर फाँर एजुकेशन में एक चार साल की बच्ची के साथ उसी के स्कूल के पी टी टीचर द्वारा…

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कविता हर उम्र वैसे अजीब होती है

हर उम्र वैसे अजीब होती है

ये सत्तर की उम्र भी अजीब होती है, बुढ़ापे की दहलीज़ होती है, इसके आगे जितनी मिल जाये, सूद पर व्याज होती है।    …

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