मीडिया साहित्य प्रकाशन बनाम सोशल मीडिया का प्रभाव

साहित्य प्रकाशन बनाम सोशल मीडिया का प्रभाव

डॉ.अर्पण जैन ‘अविचल’   एक दौर था, जब साहित्य प्रकाशन के लिए रचनाकार प्रकाशकों के दर पर अपने सृजन के साथ जाते थे या फिर…

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धर्म-अध्यात्म आत्मा अविनाशी तथा इसका शरीर नाशवान है

आत्मा अविनाशी तथा इसका शरीर नाशवान है

–मनमोहन कुमार आर्य हम मननशील होने से मनुष्य कहलाते हैं। मनन हम सत्यासत्य व उचित अनुचित का ही करते हैं। सत्य व उचित बातों का…

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समाज वैदिक विवाह का स्वरूप और आधुनिक विवाह परम्परा में धन का अपव्यय

वैदिक विवाह का स्वरूप और आधुनिक विवाह परम्परा में धन का अपव्यय

-मनमोहन कुमार आर्य संसार का सबसे प्राचीन धर्म व संस्कृति वैदिक धर्म है। संसार के सभी मनुष्यों का धर्म एक ही होता है और वह…

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लेख भैया! , सही सही लगाओ

भैया! , सही सही लगाओ

अमित शर्मा  “सस्ता रोये बार बार, मँहगा रोये एक बार” यह कहावत सदियो से (पैदल)चली आ रही है लेकिन इस कहावत से पूंजीवादी होने की…

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लेख  कर्मफल

 कर्मफल

डा. राधेश्याम द्विवेदी भारतीय संस्कृति कर्मफल में विश्वास करती है । हमारे यहाँ कर्म की गति पर गहन विचार किया गया है और बताया गया…

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लेख शब्द

शब्द

काल “कलयति संख्याति सर्वान् पदार्थान् स कालः।” [जो जगत् के सब पदार्थो और जीवों को आगे बढ़ने को बाध्य करता है और उनकी संख्या (आयु)…

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राजनीति दुर्जन से कैसी सज्जनता …

दुर्जन से कैसी सज्जनता …

क्या पाकिस्तान के अनेक अपमानजनक  व अमर्यादित कटु व्यवहारों के बाद भी हम मौन रहें और उसे  सहते रहें , पर कब तक और क्यों…

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समाज ईसाई नववर्ष की शुभकामनाएं

ईसाई नववर्ष की शुभकामनाएं

देवेंद्र सिंह आर्य   ईसाई नववर्ष 2018 का आगमन हो गया है। इस अवसर पर सभी लोगों का परस्पर शुभकामनाओं का आदान-प्रदान हो रहा…

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विविधा बढ़ती दुर्घटनाओं की नृशंस चुनौतियां 

बढ़ती दुर्घटनाओं की नृशंस चुनौतियां 

– ललित गर्ग- घने कोहरे के कारण आगरा एक्सप्रेस-वे पर एक और हादसा हुआ। जिसमें छह लोगों की जान चली गई। गलत साइड से आ…

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व्यंग्य कांग्रेसी संस्कृति के नये अध्याय

कांग्रेसी संस्कृति के नये अध्याय

डा. रामधारी सिंह ‘दिनकर’भारत के एक महान साहित्यकार थे। उनकी एक कालजयी पुस्तक है ‘संस्कृति के चार अध्याय’। चार मोटे खंडों वाली इस पुस्तक को…

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मीडिया सोशल मीडिया : जगत सा अराजक या अराजकता का जगत

सोशल मीडिया : जगत सा अराजक या अराजकता का जगत

क्या सोशल मीडिया अत्यंत बुद्धिमत्तापूर्वक निर्मित किसी ऐसे मानव रचित चक्रवात या भूकम्प की तरह है जिसके केंद्र का पता लगाना संभव नहीं है? पता…

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समाज ढोंगी बाबाओं का फैलता मकड़जाल

ढोंगी बाबाओं का फैलता मकड़जाल

आस्था के नाम पर पाखंड, ढोंग और आडंबर का खेल भारत में जारी हैं। एक ऐसा ही ढोंग का खेल रचने वाला तथाकथित बाबा फिर…

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