रजनीकांत राजनीति की एक नई सुबह
Updated: January 3, 2018
– ललित गर्ग- नयावर्ष प्रारंभ होते ही सुपर स्टार रजनीकांत ने सबको चैका दिया। उनकी राजनीति में आने की घोषणा ने जहां राजनीति के क्षेत्र…
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गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-30
Updated: January 3, 2018
राकेश कुमार आर्य   गीता का पांचवां अध्याय और विश्व समाज कर्मयोग श्रेष्ठ या ज्ञानयोग श्रेष्ठ है जैसे आजकल विभिन्न सम्प्रदायों की तुलना करते…
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गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-29
Updated: January 3, 2018
राकेश कुमार आर्य   गीता का चौथा अध्याय और विश्व समाज गीता में आगे गीताकार श्रीकृष्णजी के मुखारविन्द से कहलवाता है कि हे पार्थ!…
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दुर्गा सप्तशती शक्ति उपासना का सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ
Updated: January 3, 2018
डा. राधेश्याम द्विवेदी दुर्गा सप्तशती हिन्दू धर्म का सर्वमान्य ग्रंथ है। इसमें भगवती के कृपा के सुन्दर इतिहास के साथ बड़े बड़े गूढ़ साधन रहस्य…
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महाराष्ट बन्द के परिप्रेक्ष्य में सेक्युलरों का सोची समझी साजिस
Updated: January 3, 2018
डा. राधेश्याम द्विवेदी ब्राह्मण विरोधी राजनीति की जड़ 19वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में ज्योतिबा फुले के सत्यशोधक समाज के रूप मंक रखा गया था, और…
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खण्डेल के रोगहरण हनुमानजी : भक्तों को मिलता है यहाँ आरोग्य का वरदान
Updated: January 3, 2018
डॉ. दीपक आचार्य रामभक्त हनुमानजी कलियुग में शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता के रूप में मान्य हैं। यही वजह है कि हर कहीं बजरंगबली…
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सुधार अंदर से ही होता है
Updated: January 3, 2018
दुनिया का कोई भी धर्म, मत, पंथ, सम्प्रदाय, मजहब, समाज, संस्था या संगठन ऐसा नहीं है, जिसमें समय के अनुसार कुछ सुधार या परिवर्तन न…
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योगेश्वर एवं वेदर्षि दयानन्द
Updated: January 3, 2018
-मनमोहन कुमार आर्य आर्यसमाज के संस्थापक ऋषि दयानन्द सरस्वती वेदों के उच्च कोटि के विद्वान एवं सिद्ध योगी थे। योग में सफलता, वेदाध्ययन व वेद…
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अपने शरीर की रक्षा के लिए मनुष्य को हर समय सावधान रहना चाहिये
Updated: January 3, 2018
मनमोहन कुमार आर्य हमारा यह शरीर हमें परमात्मा से मिला है। यह शरीर हमारी आत्मा का साधन है। यह ऐसा साधन है जिसके द्वारा हम…
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गृहस्थ आश्रम की व्यापकता
Updated: January 1, 2018
डा. राधेश्याम द्विवेदी आश्रम क्या है :- प्राचीन काल में सामाजिक व्यवस्था के दो स्तंभ होते थे- वर्ण और आश्रम। मनुष्य की प्रकृति -गुण, कर्म…
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देश से पहले संस्कृति बचाओ
Updated: January 1, 2018
राकेश कुमार आर्य भारत में अध्यात्म और मानव समाज का चोली दामन का साथ है। बिना अध्यात्म के भारत में मानव समाज की कल्पना ही…
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चालाक लोमड़ी
Updated: January 1, 2018
एक लोमड़ी थी चालाक । उसको थी रोटी की ताक ।। उसने देखा आँख उठा कर। कौआ बैठा दिखा पेड़ पर ।। कौए के मुँह…
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