विविधा आखिर क्यों चाहिए नियमों को निर्देशों की बैसाखी ?

आखिर क्यों चाहिए नियमों को निर्देशों की बैसाखी ?

  जग मोहन ठाकन चार व पांच अगस्त की रात्रि को चंडीगढ़ जैसे सुरक्षित समझे जाने वाले शहर में एक आइ ए एस अधिकारी की…

Read more
कविता जीवन की ताल

जीवन की ताल

जीवन की हर ताल पे कोई , गीत नया होगा हँसते – गाते जी लेंगे जो , होगा सो होगा   नए राग में एक नयी धुन , हमने बनायी है उस धुन में जो शब्द भरे वो , सच्चा कवि होगा   भक्ति – भाव श्रृंगार हो चाहे , चाहे हो नवगीत साज़ नया , अंदाज़ नया हो , गीत,ग़ज़ल होगा   अलग रागिनी,अलग ताल हो,सुर लय की बंदिश गूँजेंगे  जब गीत सुरीले , रंग अलग होगा   वीणा बंसी और मृदंग की,संगत जब  होगी गीत सुरीला कानों मे,अमृत सा घु ला होगा   कवि के शब्द सुरों में बंधकर,ता लबद्ध होंगे, भाव बहेंगें शब्द मिलेंगे,जादुइ  असर होगा

Read more
कला-संस्कृति श्रीकृष्ण सच्चे अर्थों में लोकनायक हैं 

श्रीकृष्ण सच्चे अर्थों में लोकनायक हैं 

जन्माष्टमी – 15 अगस्त, 2017 पर विशेष -ललित गर्ग – भगवान श्रीकृष्ण हमारी संस्कृति के एक अद्भुत एवं विलक्षण महानायक हैं। एक ऐसा व्यक्तित्व जिसकी…

Read more
समाज क्या आप जानते हैं इन अंधविश्वासों के वैज्ञानिक कारण—-

क्या आप जानते हैं इन अंधविश्वासों के वैज्ञानिक कारण—-

प्रिय पाठकों,हमारे पूर्वजो द्वारा बनाए गए इन रिवाजों पीछे विज्ञान काम करता है। जी हां हर अंधविश्वास के पीछे छुपा है एक वैज्ञानिक तथ्य। आएये…

Read more
विविधा सहिष्‍णु देश में हामिद अंसारी की असहिष्‍णुता

सहिष्‍णु देश में हामिद अंसारी की असहिष्‍णुता

डॉ. मयंक चतुर्वेदी विश्‍वभर में भारत में मुसलमान कितने सुरक्षित एवं सफल हैं यह सदियों से किसी से छिपी बात नहीं है, किंतु इसके बाद भी जब…

Read more
आर्थिकी आरक्षण के लिए मराठा समाज में फिर उबाल

आरक्षण के लिए मराठा समाज में फिर उबाल

संदर्भःमहाराष्ट्र में मराठों को आरक्षण और कोपर्डी दुष्कर्मी को फांसी की मांग महाराष्ट्र में मराठा समाज का गुस्सा फिर से उबाल पर है, लेकिन इस…

Read more
समाज क्यों हम बेटियों को बचाएँ

क्यों हम बेटियों को बचाएँ

“मुझे मत पढ़ाओ , मुझे मत बचाओ,, मेरी इज्जत अगर नहीं कर सकते ,तो मुझे इस दुनिया में ही मत लाओ मत पूजो मुझे देवी…

Read more
विविधा कैसे समझेंगे हम स्वतंत्रता का महत्व 

कैसे समझेंगे हम स्वतंत्रता का महत्व 

स्वतंत्रता केवल एक शब्द नहीं है एक भाव है,एक एहसास है जो संतुष्टि और पूर्णता की भावना से ओतप्रोत होता है। अपने वर्तमान और अपने…

Read more
राजनीति ‘शाह’ ने बनाया अहमद को ‘पटेल’

‘शाह’ ने बनाया अहमद को ‘पटेल’

देश में तेजी से अप्रासंगिक होती कांग्रेस एवं अपने राजनीतिक जीवन में सर्वाधिक संकट काल का सामना कर रहीं श्रीमती सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार…

Read more
राजनीति नेहरू जी की गलतियों का महादंश झेल रहा जम्मू- कश्मीर

नेहरू जी की गलतियों का महादंश झेल रहा जम्मू- कश्मीर

मृत्युंजय दीक्षित वर्तमान समय में जम्मू -कश्मीर को लेकर बहुत कुछ घट रहा है तथा वहां की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिये कई कोणों…

Read more
विविधा स्वतंत्रता साधन नहीं साध्य

स्वतंत्रता साधन नहीं साध्य

स्वतंत्रता दिवस पर हम प्रायः यह विचार करते हैं कि स्वतंत्रता से पहले हमारी क्या स्थिति थी और स्वतंत्रता के बाद इसमें क्या परिवर्तन आया।…

Read more
विविधा हम कब होंगे आजाद!

हम कब होंगे आजाद!

हेमेन्द्र क्षीरसागर आजादी के पहले गुलामी एक मुसिबत थी, 15 अगस्त 1947 के बाद आजादी एक समस्या बन गई, बेबसी आज भी हम आजाद देश…

Read more