महिला-जगत महिलाओं की FOP Leave: फेमिनिस्‍ट की इतनी हायतौबा क्‍यों ?

महिलाओं की FOP Leave: फेमिनिस्‍ट की इतनी हायतौबा क्‍यों ?

डिजिटल प्रगति अब हमारे समय का सच है इसलिए अब इसके बिना सामाजिक या आर्थिक प्रगति के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। नित…

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विविधा जान लेने वाला किसान आंदोलन या कुछ और …

जान लेने वाला किसान आंदोलन या कुछ और …

मदनलाल राठौर मंदसौर जिले के चार विधानसभा क्षेत्रो मल्हारगढ, मंदसौर, सीतामउ, व गरोठ के ग्रामीण क्षेत्रों के 50 गांवों सभी स्थानों पर किसान इस तथ्य…

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धर्म-अध्यात्म स्वामी सत्यानन्द रचित ऋषि दयानन्द के भावपूर्ण  जीवनचरित की भूमिका में प्रस्तुत महत्वपूर्ण विचार

स्वामी सत्यानन्द रचित ऋषि दयानन्द के भावपूर्ण जीवनचरित की भूमिका में प्रस्तुत महत्वपूर्ण विचार

  मनमोहन कुमार आर्य महर्षि दयानन्द के प्रमुख जीवन चरितों में एक जीवन चरित है ‘श्रीमद्दयानन्द प्रकाश’। इस ग्रन्थ के लेखक हैं स्वामी सत्यानन्द जी।…

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राजनीति एक स्वयंसेवक का राष्ट्रपति बनना

एक स्वयंसेवक का राष्ट्रपति बनना

यूं तो भारत में राष्ट्रपति भवन का अपना एक सुसंस्कृत, विद्वतापूर्ण, व गरिमामय इतिहास रहा है( कांग्रेस के तीन चयन – फखरुद्दीन अली अहमद, ज्ञानी…

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समाज पुलिस  सुधार के लिए भारत इंग्लॅण्ड से सीखे …

पुलिस  सुधार के लिए भारत इंग्लॅण्ड से सीखे …

पुलिस दुराचरण के विरुद्ध लगातार शिकायतें  मिलती रहती हैं | वर्ष 2007  में बनाए गए विभिन्न राज्यों के विकलांग पुलिस कानून में प्रावधान की गयी…

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गजल आग बुझती जा रही है बस धुंआ सा रह गया

आग बुझती जा रही है बस धुंआ सा रह गया

आग बुझती जा रही है बस धुंआ सा रह गया राजनीती देख लगता, ये तमाशा रह गया,   जात में बंटते दिखे, धर्मों के ठेकेदार…

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विविधा धरती पर जैविक विनाश की चेतावनी

धरती पर जैविक विनाश की चेतावनी

संदर्भ – नेशनल एकेडमी आॅफ साइंस  जनरल में प्रकाशित शोध-पत्र प्रमोद भार्गव नेशनल एकेडमी आॅफ साइंस जनरल में छपे शोध-पत्र ने धरती पर जैविक विनाश…

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समाज 40 सालों से समाज की प्यास बुझा रहा है, जिले सिंह

40 सालों से समाज की प्यास बुझा रहा है, जिले सिंह

ललित कौशिक पश्चिम की आबोहवा में सब कुछ बहता जा रहा है, इस बहतेपन को ही लोगों ने जिंदगी समझ लिया है, जिस किसी से…

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विधि-कानून भारतीय पुलिस संस्कृति में भ्रष्टाचार की जड़ें

भारतीय पुलिस संस्कृति में भ्रष्टाचार की जड़ें

भारतीय पुलिस में भ्रष्टाचार सर्वविदित और सुज्ञात  है| जो इस विभाग में ईमानदार दिखाई देते हैं वे भी लगभग ईमानदारी का नाटक ही कर रहे…

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धर्म-अध्यात्म सृष्टि का उत्पत्ति, पालन व प्रलयकर्ता होने से ईश्वर  ही सब मनुष्यों का उपासनीय

सृष्टि का उत्पत्ति, पालन व प्रलयकर्ता होने से ईश्वर ही सब मनुष्यों का उपासनीय

मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य को ज्ञान की आवश्यकता होती है। यह ज्ञान वह मुख्य रूप से अपने माता-पिता व आचार्यों से प्राप्त करता है। मनुष्य…

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समाज बिगड़ते वर्तमान हालात नवयुवकों एवं राष्ट्र के भविष्य के लिए बेहद चिंतनीय है.

बिगड़ते वर्तमान हालात नवयुवकों एवं राष्ट्र के भविष्य के लिए बेहद चिंतनीय है.

ब हिन्दुस्तान के प्रधानमंत्री किसी मुल्क के राष्ट्राध्यक्ष को गीता भेट की थी और कहा था कि मेरे पास इससे ज्यादा देने को कुछ भी…

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व्यंग्य हां, भगवान है   

हां, भगवान है   

अब पटना में देखो। वहां विपक्ष से अधिक बखेड़ा सत्ता पक्ष में ही चल रहा है। पहलवान हर दिन लंगोट लहराते हैं; पर बांधते और…

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