समाज हमनें रंगों को भी बेरंग कर दिया

हमनें रंगों को भी बेरंग कर दिया

“हम काले हैं तो क्या हुआ, दिलवाले हैं ” मोहम्मद रफ़ी का ये गाना सुनने मे तो हमें बहुत अच्छा लगता हैं लेकिन जब यही गाना हमारे…

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मीडिया पत्रकारिता की विश्वसनीयता : भरोसे का वज़न करता समाज 

पत्रकारिता की विश्वसनीयता : भरोसे का वज़न करता समाज 

मनोज कुमार इन दिनों भरोसा तराजू पर है. उसका सौदा-सुलह हो रहा है. तराजू पर रखकर उसका वजन नापा जा रहा है. भरोस कम है…

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कला-संस्कृति कांवड़ यात्रा पर किच – किच क्यों ?

कांवड़ यात्रा पर किच – किच क्यों ?

  तारकेश कुमार ओझा बचपन के दिनों में श्रावण के महीने में  अपने शहर के नजदीक से बहने वाली नदी से जल भर कर प्राचीन…

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कला-संस्कृति जानिए नाग पंचमी का महत्त्व

जानिए नाग पंचमी का महत्त्व

हिंदू धर्मग्रन्थों के अनुसार, श्रावण मास की शुक्ल पंचमी को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। यह नागों और सर्पों की पूजा का पर्व है।…

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राजनीति स्थानीय मुद्दों से विमुख होते राजनेता

स्थानीय मुद्दों से विमुख होते राजनेता

हिन्दुस्तान के राजनीतिक परिदृश्य की चर्चा की जाये तो स्पष्ट रूप से देखने में आ रहा है कि राजनेता स्थानीय मुद्दों से दूरी बनाये रखना…

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विविधा पत्थरबाजो के मानवाधिकार

पत्थरबाजो के मानवाधिकार

संदर्भः- पत्थरबाज को आयोग द्वारा 10 लाख का मुआवजा देने का फैसला- प्रमोद भार्गव यह भारत जैसे ही देश में संभव है कि आतंकवादियों को…

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विविधा कश्मीर में शान्ति बहाली ही शहीदों को सच्ची श्रधांजलि होगी

कश्मीर में शान्ति बहाली ही शहीदों को सच्ची श्रधांजलि होगी

26 जुलाई 2017, 18 वाँ कारगिल विजय दिवस वो विजय जिसका मूल्य वीरों के रक्त से चुकाया गया, वो दिवस जिसमें देश के हर नागरिक…

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विविधा महंगी न्याय प्रणाली

महंगी न्याय प्रणाली

राकेश कुमार आर्य देश को आजाद हुए 70 वर्ष हो गये, पर दुर्भाग्य है हमारा कि आज भी हमारे देश में लगाया पैंतीस हजार वही…

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समाज भारतीयों पर आलसी होने का दाग लगना

भारतीयों पर आलसी होने का दाग लगना

-ललित गर्ग- दुनिया के सबसे आलसी देशों में भारत का अव्वल पंक्ति में आना न केवल शर्मनाक बल्कि सोचनीय स्थिति को दर्शाता है। जिस देश…

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समाज तनाव, असन्तुलन एवं अशांति का जीवन क्यों ?

तनाव, असन्तुलन एवं अशांति का जीवन क्यों ?

-ललित गर्ग- दुनिया में एक नकारात्मकता का परिदृश्य बिखरा पड़ा है। हम निरन्तर आदर्शवाद और अच्छाई का झूठ रचते हुए सच्चे आदर्शवाद के प्रकट होने…

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समाज नासूर बनता “बंग्लादेशी घुसपैठियों” का आतंक

नासूर बनता “बंग्लादेशी घुसपैठियों” का आतंक

बंग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों के आतंक की अनेक दर्दनाक घटनाओं के समाचार आते रहते है। इसी संदर्भ में एन.सी.आर. के आधुनिक नगर नोएडा में 12 जुलाई…

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समाज भगतसिंह पैदा हो, मगर पड़ोसी के घर में

भगतसिंह पैदा हो, मगर पड़ोसी के घर में

अरे..रे..रे, आप गलत सोच रहे है, हम उत्तेजित नहीं हो रहे है बल्कि ये तो आधुनिक परिवेश का कड़वा सच बन गया है कि ‘‘भगतसिंह…

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