महिला-जगत आत्मनिर्भर बन रही हैं झारखंड की महिला किसान

आत्मनिर्भर बन रही हैं झारखंड की महिला किसान

कृषि सलाहकार बलदेव कुमार हेम्ब्रम बताते हैं "अब तक सैकड़ों किसानों को उन्होंने बागवानी, मछली पालन के साथ अच्छी कृषि कौशल भी सिखाए हैं "…

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विधि-कानून क्या आज भी उतना ही प्रासंगिक है संविधान ?

क्या आज भी उतना ही प्रासंगिक है संविधान ?

समूचा देश पिछले एक वर्ष से 25 नवंबर के दिन अपना संविधान दिवस मनाता है । इसकी शुरूआत 2015 से हुई क्योंकि ये वर्ष संविधान…

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धर्म-अध्यात्म  आत्म-विशुद्धि एवं कृत-कर्माें की समीक्षा का पर्व

 आत्म-विशुद्धि एवं कृत-कर्माें की समीक्षा का पर्व

वर्तमान रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ को दशावतारों के रूप में पूजा जाता है, उनमें विष्णु, वराह, कूर्म, नृसिंह, परशुराम, श्रीराम, श्रीकृष्ण, वामन, बुद्ध, कल्की हैं।…

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विविधा 21 जून : भारत वंदन दिवस

21 जून : भारत वंदन दिवस

जब संसार एक मौन क्रांति से बाहर निकलकर अर्थात अपने 'द्विज' बनने की साधना को पूर्ण करके अपनी साधना (संसार में सात्विक लोगों के संगठनीकरण…

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राजनीति आग लगाने में ‘प्रवीण’ तोगडिय़ा

आग लगाने में ‘प्रवीण’ तोगडिय़ा

भारतीय राजनीति जिस समय राम मंदिर निर्माण पर मौन थी और मुस्लिम तुष्टिकरण के चलते हिंदू विरोध की राजनीति को अपना मौलिक संस्कार माने बैठी…

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विविधा कमाई का योग

कमाई का योग

दिल्ली का राजपथ गवाह  है जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 21 जून, 2015 को विश्व के 192 देश योगपथ पर भारत के साथ…

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विविधा योग से जुड़ रही है दुनिया

योग से जुड़ रही है दुनिया

संजय द्विवेदी भारतीय ज्ञान परंपरा में योग एक अद्भुत अनुभव है। योग भारतीय ज्ञान का एक ऐसा वरदान है, जिससे मनुष्य की चेतना को वैश्विक…

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महत्वपूर्ण लेख साम्यवादी गढ़ों में योग का उत्सव

साम्यवादी गढ़ों में योग का उत्सव

इस बार पूंजीवादी देश अमेरिका के नेशनल माॅल में हजारों लोग योग दिवस मनाएंगे। अमेरिका में ही नहीं दुनिया योग आंदोलन, तमाम राजनीतिक और आर्थिक…

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विविधा जश्न मनाने वालों चुल्लू भर पानी में डूब मरो।

जश्न मनाने वालों चुल्लू भर पानी में डूब मरो।

देश को बड़ी उम्मीदें थी। चैंपियंस ट्रॉफी में भारत-पाक मैच का फाइनल। सबकी निगाहें इस मैच पर थी। पूरा देश बस यही सोच रहा था…

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विविधा सरकारी अस्पतालों में काम का बोझ तथा अनुचित घटनायें

सरकारी अस्पतालों में काम का बोझ तथा अनुचित घटनायें

डा. राधेश्याम द्विवेदी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कालेजों में डॉक्टरों की भारी कमी के चलते ना केवल आम जनता को अपितु चिकित्सा प्रशासन व उससे…

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विविधा भारत की विलुप्त होती बोलियां और भाषाएं

भारत की विलुप्त होती बोलियां और भाषाएं

डा. राधेश्याम द्विवेदी भाषा समाज की रीढ़:- बोली सिर्फ बोली जाती है भाषा लिखी भी जाती है. बोलने के लिए बोली की ध्वनियों के उच्चारण…

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राजनीति उप्र के दलित नेता को उम्मीदवार बनाकर मोदी ने सबको चौंकाया

उप्र के दलित नेता को उम्मीदवार बनाकर मोदी ने सबको चौंकाया

राष्ट्रपति चुनाव के बहाने एक बड़ी छलांग -संजय द्विवेदी शायद यही राजनीति की नरेंद्र मोदी शैली है। राष्ट्रपति पद के लिए अनुसूचित जाति समुदाय से…

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