मीडिया नकारात्मक व ओच्छी मानसिकता की पत्रकारिता

नकारात्मक व ओच्छी मानसिकता की पत्रकारिता

यह दुख का विषय है कि पत्रकारिता के क्षेत्र में भी कुछ ऐसे लोग प्रवेश कर गये हैं-जिनका खोजी पत्रकारिता से दूर दूर का भी…

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विविधा जानिए कैसे मिटटी के बर्तन द्वारा आप अपना किस्मत/भाग्य संवार सकते हैं .

जानिए कैसे मिटटी के बर्तन द्वारा आप अपना किस्मत/भाग्य संवार सकते हैं .

मिट्टी के बर्तनों में पकी दाल-सब्जी में धातु विषैले तत्व और चमक पैदा करने वाले रसायनों की मिलावट भी नहीं होती है। मिट्टी उष्णता की…

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विधि-कानून न्यायपालिका में भ्रष्टाचार या अवहेलना न्यायालय की ??

न्यायपालिका में भ्रष्टाचार या अवहेलना न्यायालय की ??

ऐसा नहीं है कि न्यायपालिका के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप पहली बार लगे हैं | इसके पहले भी कई जजों को स्टिंग ऑपरेशन में रंगे…

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समाज बिना माँ के संसार की कल्पना करना निरर्थक

बिना माँ के संसार की कल्पना करना निरर्थक

दुनिया की हर नारी में मातृत्व वास करता है। बेशक उसने संतान को जन्म दिया हो या न दिया हो। नारी इस संसार और प्रकृति…

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समाज कल-युग का देवासुर संग्राम ; सनातन बनाम . . . . . ईसाइयत और इस्लाम

कल-युग का देवासुर संग्राम ; सनातन बनाम . . . . . ईसाइयत और इस्लाम

भारत के धन-वैभव को लुटने-हडपने और सनातन धर्म को नष्ट-भ्रष्ट करने के लिए मुस्लिम आक्रान्ताओं ने भारत मे घुस कर तोड-फोड, लूट-मार, हिंसा-बलात्कार-युक्त जेहाद का…

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व्यंग्य दूर के रसगुल्ले , पास के गुलगुले …!!

दूर के रसगुल्ले , पास के गुलगुले …!!

तारकेश कुमार ओझा इसे जनसाधारण की बदनसीबी कहें या निराशावाद कि खबरों की आंधी में उड़ने वाले सूचनाओं के जो तिनके दूर से उन्हें रसगुल्ले…

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विविधा राष्ट्रीय सुरक्षा की अवहेलना क्यों ?

राष्ट्रीय सुरक्षा की अवहेलना क्यों ?

हमारी ढुलमुल शत्रु नीति व समझौतावादी प्रवृति का ही दुष्परिणाम है कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भी सीमाओं पर अनेक दर्दनाक घटनाऐं राष्ट्रीय सुरक्षा की…

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विविधा जाधव: सांप मरे, लाठी न टूटे

जाधव: सांप मरे, लाठी न टूटे

हेग की अदालत की सलाह का लाभ उठाकर प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ अपने सेनापति को भी मना सकते हैं। यों मोदी और सुषमा, नवाज़ और सरताज…

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पर्यावरण पर्यावरण की सुरक्षा – हमारा नैतिक कर्त्तव्य

पर्यावरण की सुरक्षा – हमारा नैतिक कर्त्तव्य

यदि कोई चाहकर भी वृ़क्षारोपण के कार्य में सहयोग न दे पाये तो कोई बात नहीं । वह कम से कम इतना सहयोग तो जरूर…

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विविधा आगरा की वेदना

आगरा की वेदना

कल कल करने वाली यमुना के तट पर होते हुए मैं प्यासा हूं। कारण यह है कि यमुना नें प्यास मिटाने की क्षमता खो दी…

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विधि-कानून यह न्यायिक आपातकाल क्यों?

यह न्यायिक आपातकाल क्यों?

पता नहीं, वह उनसे इतना डरा हुआ क्यों है? एक माह बाद वे सेवा-निवृत्त होने वाले थे। वे हो जाते। मामला खत्म होता लेकिन अब…

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लेख अपदीपो भव ………….

अपदीपो भव ………….

भगवान बुद्ध ने कहा कि वही सुखी है जो जय-पराजय की भावना का त्याग करता है। वजह यह कि जय की भावना से बैर उत्पन्न…

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