विविधा औपनिवेशिकता की बेड़ियाँ तोड़ने का समय

औपनिवेशिकता की बेड़ियाँ तोड़ने का समय

– लोकेन्द्र सिंह   हमें स्वाधीनता जरूर 15 अगस्त, 1947 को मिल गई थी, लेकिन हम औपनिवेशिक गुलामी की बेडिय़ाँ नहीं तोड़ पाए थे। अब…

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विविधा राजधानी की आवोहवा में जहर!

राजधानी की आवोहवा में जहर!

देश में लाखों डेयरियों में रोज शाम को धुंए के बादल उठते दिखाई देने लगते हैं। भले ही वातावरण में मच्छर हों या न हों।…

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मीडिया मर्यादा उल्लंघन का दंड

मर्यादा उल्लंघन का दंड

मीडिया को ऐसा सब-कुछ परोसने की छूट नहीं मिलनी चाहिए, जो राष्ट्रविरोधी हो ? वैसे भी टेलीविजन दृष्य व श्रव्य माध्यम है और इसका तत्काल…

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समाज क्या वैदिक वर्णव्यवस्था वर्तमान युग में व्यावहारिक है?

क्या वैदिक वर्णव्यवस्था वर्तमान युग में व्यावहारिक है?

मनमोहन कुमार आर्य वैदिक वर्ण व्यवस्था क्या है? वैदिक वर्ण व्यवस्था वह सामाजिक व्यवस्था है जिसमे समाज के सभी मनुष्यों को उनके गुण, कर्म व…

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आर्थिकी खाद्य सुरक्षा कानून  देशभर में लागू

खाद्य सुरक्षा कानून देशभर में लागू

अनाज वितरण की विसंगतियों के चलते राज्य सरकारें आबंटित कोटा वक्त पर नहीं उठातीं हैं। क्योंकि पीडीएस के अनाज का ढुलाई खर्च उन्हें उठाना होता…

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राजनीति बच्चा चुराने वालों को अब आजीवन कारावास

बच्चा चुराने वालों को अब आजीवन कारावास

इस विधेयक के पास हो जाने के बाद यह संभव हो सकेगा कि मानव तस्करी के गंभीर मामलों में जो दोषी पाए जाएंगे उन्हें हत्या…

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विविधा प्रसंगवश– भूतपूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल की मौत

प्रसंगवश– भूतपूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल की मौत

आदरणीय खुजलीवाल जी,पप्पू भय्या जी, हम आपकी पीड़ा समझ सकते है कि मोदी जी के कारण आपका जीना हराम किया हुआ है और आपकी जिंदगी…

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समाज जिन्दगी के गुम हो गये अर्थों की तलाश

जिन्दगी के गुम हो गये अर्थों की तलाश

जिन परिस्थितियों में व्यक्ति जी रहा है, उनसे निकल पाना किसी के लिए भी आज बड़ा कठिन-सा है। अपने व्यापार, अपने कैरियर, अपनी इच्छाओं को…

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प्रवक्ता न्यूज़ भारत माता की प्रतिमा का खंडन : सिरफिरे की करतूत या औरंगज़ेब के समर्थक की ?

भारत माता की प्रतिमा का खंडन : सिरफिरे की करतूत या औरंगज़ेब के समर्थक की ?

डा. राधेश्याम द्विवेदी आगरा। दीवानी चौराहा स्थित भारत माता की प्रतिमा 3 नवंबर 2016 की रात कुछ असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर खंडित कर दिया…

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विविधा एक बेहतर दुनिया के लिए लोकमंथन

एक बेहतर दुनिया के लिए लोकमंथन

लोकमंथन के बहाने हमें एक नया समाज दर्शन भी चाहिए जिसमें राजनीति नहीं लोक केंद्र में हो। समाज का दर्शन और राजनीति का दर्शन अलग-अलग…

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कला-संस्कृति ज्योतिष और वाणीदोष/गूंगापन

ज्योतिष और वाणीदोष/गूंगापन

वाणी दोष कि वजह से परिवार में अशांति हो जाती है , अगर बुध कि उँगली (कनिष्ठ) बहुत अंदर कि तरफ झुकी हुइ है या…

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विविधा ये तमाशे और हम

ये तमाशे और हम

देश में एक तमाशा स्वदेशी के नाम पर चीनी सामान के विरुद्ध चल रहा है। चीन से कई लाख करोड़ के माल के आयातक हम…

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