विविधा एक गोली देश के लिये………..

एक गोली देश के लिये………..

जगदीश यादव उड़ी में सेना के कैंप पर आतंकी हमले में भारत के 18 जवान शहीद हो गए। इसके बाद से ही भारत और पाकिस्तान…

Read more
राजनीति उरी हमले के आगे..

उरी हमले के आगे..

पवन चोरासिया यह कहना बिलकुल भी अतिशियोक्ति नहीं होगा की उरी हमला भारत की आत्मा पे हमला है l 17 जवानों का शहीद हो जाना…

Read more
विविधा लार्ड मैकाले का तर्पण

लार्ड मैकाले का तर्पण

डा. रवीन्द्र अग्निहोत्री इंडिया के कलेंडर में सितम्बर के महीने का अति पवित्र स्थान है। इस महीने में हम दो ऐसे पुण्य स्मरण इतने अधिक…

Read more
प्रवक्ता न्यूज़ डा. कायनात काजी को मिला ABP News बेस्ट हिंदी ब्लॉगर अवार्ड

डा. कायनात काजी को मिला ABP News बेस्ट हिंदी ब्लॉगर अवार्ड

प्रेस विज्ञप्ति फोटोग्राफर, ट्रेवल राइटर और ब्लॉगर डा. कायनात काजी को देश के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल एबीपी न्यूज के बेस्ट हिंदी ब्लॉगर अवार्ड से सम्मानित…

Read more
राजनीति राहुल की किसान यात्रा से कांग्रेस की बदहाली उजागर

राहुल की किसान यात्रा से कांग्रेस की बदहाली उजागर

मृत्युंजय दीक्षित 2017 के विधानसभाचुनावों के मददेनजर अब प्रदेश में तीसरे व चौथे नंबर की लड़ाई लड रही कांग्रेस पार्टी में भी नये सिरे से…

Read more
विविधा मप्र: शिक्षा में क्रांति

मप्र: शिक्षा में क्रांति

मध्यप्रदेश की सरकार को मैं हृदय से बधाई देता हूं। हिंदी दिवस पर उसने अपने इंजीनियरी के छात्रों को अनुपम भेंट दी है। मप्र के…

Read more
विविधा शहादतों का सिलसिला थमता क्यों नहीं –

शहादतों का सिलसिला थमता क्यों नहीं –

18 सितम्बर 2016 घाटी फिर लाल हुई ! ये लाल रंग लहू का था और लहू हमारे सैनिकों का ! सोते हुए निहत्थे सैनिकों पर…

Read more
समाज चिकित्सा सुविधा से वंचित गर्भवती महिलाएं

चिकित्सा सुविधा से वंचित गर्भवती महिलाएं

पूनम राजस्थान भाई की पत्नी को समय पर चिकित्सा सुविधा और सही दवा नही मिली जिस कारण उसकी मौत हो गई”। ये वाक्य है राजस्थान की तहसील लुनकरनसर के कालू गांव मे रहने वाली 45 वर्षीय भंवरी देवी के। जिन्हे इस बात का बेहद दुख है कि आजादी के इतने वर्षो बाद भी महिलाओं खास कर गांव मे महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए उत्तम सुविधाएं उपलब्ध नही कराई जा रही हैं। कारणवश गर्भवास्था के दौरान उनकी सही देखभाल नही हो पाती और महिलाएं मौत का शिकार हो रही हैं। यूं तो कालू गांव मे और भी कई समस्याएं हैं पर उन सबके बीच गर्भवती महिलाओं के लिए सही चिकित्सा सुविधा न होना चिंताजनक विषय है। यहां के ग्रामीणो से बात करने पर पता चला कि कालू गांव के प्रत्येक मुहल्ले मे  स्वास्थ्य केंद्र नही है और जहां है भी वहां पर अच्छे डॉक्टर और नर्से  मौजुद नही होती, और जो होते हैं, आपातकालिन स्थिति मे वो भी घर पर आने के लिए तैयार नही होते। ऐसी दयनीय स्थिति मे अक्सर लोगो को परेशानीयों का सामना करना पड़ता है। भंवरी देवी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ इस बारे मे वो बताती है ” मेरी भाभी गर्भवती थी लेकिन समय पर चिकित्सा सुविधा और सही दवा नही मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। आखिरी समय मे उसकी हालत इतनी बिगड़ गई थी कि उसे बिकानेर के अस्पताल मे रेफर कर दिया गया था पर वहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। और प्राइवेट अस्पताल मे ले जाने के लिए हमारे पास पैसे नही थे। ऐसा सिर्फ मेरी भाभी के साथ नही हुआ बल्कि अबतक गांव की कई महिलाओं के साथ हो चुका है”। नाम न लिखे जाने की शर्त पर गांव की एक दुसरी महिला ने बताया कि “यहां आंगनबाड़ी का भी बुरा हाल है। बच्चे के जन्म से लेकर जन्म होने तक गर्भवती महिलाओं को खास व्यवस्था उपलब्ध नही कराई जाती। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों का वजन तो तौल लेती है परंतु जो बच्चे कुपोषण का शिकार होते हैं उनके लिए पोषक तत्व उपलब्ध नही कराया जाता। और बच्चो के लिए भेजा जाने वाला भोजन बच्चों मे कम और जान पहचान वाले लोगो के बीच बांट दिया जाता है।  कोई बाहर वाला अगर भोजन लेना चाहे तो उसे उसकी किमत चुकानी पड़ती है”। खराब स्वास्थ्य सुविधा और आंगनबाड़ी की बुरी स्थिति के बारे मे भंवरी देवी ने बताया “मेरी बहू  जब गर्भवती थी तो स्वास्थय केंद्र जाकर उसने टिकाकरण तो करा लिया था परंतु वहां से उसे टिकाकरण का कोई कार्ड नही दिया गया। बार बार पूछे जाने पर कहा गया कि आंगनबाड़ी आकर कार्ड प्राप्त किया जा सकता है लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र हमेशा बंद मिलता है। स्वास्थ्य केंद्र मे भी केवल टिकाकरण किया जाता है प्रसव के लिए वहां पर कोई सुविधा उपलब्ध नही है। और नर्सो को बुलाने पर वह घर पर नही आती, यहां तक की दवा भी मुफ्त मे नही बल्कि पैसे देने पर ही मिलती है। ऐसे मे गरीब व्यक्ति इस मंहगाई मे न तो पैसे दे सकता है न ही शहर जाकर इलाज करवा सकता है। मजबुरी मे गांव मे ही इलाज करवाना पड़ता है। भंवरी देवी आगे कहती है “गर्भवती महिला का इलाज यहां के स्वास्थ्य केंद्र मे सही से नही होता और अन्य बिमारीयों के इलाज के लिए जितने भी मरीज आते हैं उन सबको लगभग एक ही दवा दी जाती है। प्रसव की सही सुविधा न मिलने के कारण कितनी गर्भवती महिलाओं की अब तक मौत हो चुकी है, और कितने बच्चों की भी। मालुम हो कि जननी सुरक्षा योजना राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत एक सुरक्षित मातृत्व कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य गरीब गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देते हुए मातृ एंव नवजात मृत्यु दर को कम करना है। इसके बावजुद राजस्थान के कालू गांव की यह स्थिति और दूसरी ओर राजस्थान जननी सुरक्षा योजना की वेबसाईट पर मौजुद आंकड़े चौंकाने वाले हैं। आंकड़े बताते हैं कि भारत मे गर्भावस्था संबधी जटिलताओं के कारण हर साल करीब 67000 महिलाएं दम तोड़ देती हैं। इसी तरह जन्म के एक वर्ष के भीतर करीब 13 लाख बच्चे दम तोड़ देते हैं। विशेष रुप से बात आगर राजस्थान की करें तो मालुम होता है कि प्रतिवर्ष 5300 महिलाओं की मृत्यु गर्भावस्था संबधी जटिलताओं के कारण होती है। इसी तरह लगभग 98500 शिशुओं की मृत्यु जन्म के एक वर्ष के भीतर ही हो जाती है। आंकड़े अपने आप मे सवाल खड़ा करते हैं जिसकी गंभीरता को समझ कर जल्द से जल्द इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि भारत की प्रत्येक मां और बच्चे को सुरक्षा प्रदान की जा सके और जननी-शिशु सुरक्षा जैसी योजनाओं को सफलता प्राप्त हो।

Read more
शख्सियत महाराजा अग्रसेन : समाजवादी व्यवस्था के महासूर्य

महाराजा अग्रसेन : समाजवादी व्यवस्था के महासूर्य

महाराजा अग्रसेन की जन्म जयन्ती- 1 अक्टूबर, 2016 ललित गर्ग कुशल शासकों की कीर्ति किसी एक युग तक सीमित नहीं रहती। उनका लोकहितकारी चिन्तन कालजयी…

Read more
विविधा खुले में शौच से तौबा करते आदिवासी परिवार

खुले में शौच से तौबा करते आदिवासी परिवार

85 साल का आदिवासी गुगरी और उसकी बीवी कमला अब खुले में शौच के लिए नहीं जाते हैं। उनके घर में ही शौचालय बन गया…

Read more
राजनीति केसर की क्यारी में बारूदी गंध

केसर की क्यारी में बारूदी गंध

डा. अरविन्द कुमार सिंह अट्ठारह सैनिकों की शहादत को प्रणाम करते हुए कुछ निवेदन करना चाहूॅगा। दिल भरा है, माॅ सरस्वती शब्दों को सन्तुलित करे…

Read more
विविधा शहीदों को सलामी कब तक ?

शहीदों को सलामी कब तक ?

जम्मू कश्मीर के उरी क्षेत्र में आतंकी हमला सिर्फ एक आतंकवादी हमला नहीं है, यह सीधे-सीधे पाकिस्तान का हमला है। हमले में 17 सैनिक फिर…

Read more