वर्त-त्यौहार सामाजिक समरसता और विश्वबंधुत्व को बढ़ावा देता है रक्षाबंधन

सामाजिक समरसता और विश्वबंधुत्व को बढ़ावा देता है रक्षाबंधन

18 अगस्त पर विशेष:- मृत्युंजय दीक्षित विविध संस्कृतियों के देश भारत में पर्वों की एक महान श्रृंखला चली आ रही है। पर्वों की उसी कड़ी…

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कला-संस्कृति भारत खो गया-भारत मिल गया

भारत खो गया-भारत मिल गया

राकेश कुमार आर्य 15 अगस्त 1947 को जब स्वतंत्र हुआ तो उससे पूर्व 14 अगस्त को भारत का विभाजन हो चुका था, और पाकिस्तान नाम…

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राजनीति दलित राजनीति एक चुनावी साजिश

दलित राजनीति एक चुनावी साजिश

डा. राधेश्याम द्विवेदी दलित राजनीति की दशा और दिशा:- दलित राजनीति के जनक डॉ. आंबेडकर को विभिन्न राजनैतिक पार्टियों द्वारा हथियाए जाने की कोशिश कर…

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कविता मुझको अब सहना आता है……….

मुझको अब सहना आता है……….

मुझको अब सहना आता है इतनी पीड़ा सहने पर अब, ईश्ववर भी याद नहीं आता, जितनी पीड़ा देनी है दे दे वो, मुझको अब सहना…

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कहानी तमाचा

तमाचा

अ और ब दोनों पति पत्नी हैं ।अ जब देखो तब ब को प्रताड़ित करता रहता है ।कभी कभी जरा सी बात पर ब पर…

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जन-जागरण मनुष्य शरीर ईश्वर व मोक्ष प्राप्ति का साधन भी

मनुष्य शरीर ईश्वर व मोक्ष प्राप्ति का साधन भी

मनुष्य शरीर मल-मूत्र बनाने की मशीन सहित  ईश्वर व मोक्ष प्राप्ति का साधन भी -मनमोहन कुमार आर्य वास्तविक दृष्टि से देखा जाय तो शरीर मल-मूत्र…

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विश्ववार्ता पाकिस्तान से बलूचिस्तान अलग होकर रहेगा

पाकिस्तान से बलूचिस्तान अलग होकर रहेगा

  डा. राधेश्याम द्विवेदी पाकिस्तान का पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान नाम का क्षेत्र बड़ा है और यह ईरान (सिस्तान व बलूचिस्तान प्रांत) तथा अफ़ग़ानिस्तान के सटे…

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विविधा तिरंगें का ये कैसा सम्मान ?

तिरंगें का ये कैसा सम्मान ?

हम देश की आजादी का 70वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे है। हर तरफ देशभक्ति के गाने सुनाई दे रहे हैं। स्कूल हो या सरकारी दफ्तर…

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कला-संस्कृति विश्वास की रक्षा ही रक्षाबंधन

विश्वास की रक्षा ही रक्षाबंधन

बरुण कुमार सिंह भारतीय परम्परा में विश्वास का बंधन ही मूल है। रक्षाबंधन इसी विश्वास का बंधन है। यह पर्व मात्र रक्षा-सूत्र के रूप में…

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विविधा हिंदी का अलख कैसे जगाएं ?

हिंदी का अलख कैसे जगाएं ?

हम अपनी मातृभाषा बोलने में ठीक वैसे ही शर्माते हैं जैसे कि एक मजदूर औरत के खून पसीने कि कमाई से पढ़ लिखकर बाबू बना…

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महत्वपूर्ण लेख वर्तमान शिक्षा पद्धति या गुलामी की पाठशाला

वर्तमान शिक्षा पद्धति या गुलामी की पाठशाला

कल मेरे घर पर एक विवाह समारोह का आमंत्रण आया ।आमंत्रण पत्र में मुझे जो सबसे ज्यादा लुभाता है वो है बाल मनुहार “मेली बुआ…

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समाज यथार्थ वर्णव्यवस्था और दलितोद्धार में महर्षि दयानन्द का योगदान

यथार्थ वर्णव्यवस्था और दलितोद्धार में महर्षि दयानन्द का योगदान

-मनमोहन कुमार आर्य इतिहास में महर्षि दयानन्द पहले व्यक्ति हुए हैं जिन्होंने उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में जन्मना वर्ण-जाति व्यवस्था से ग्रस्त भारतीयों को वैदिक…

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