व्यंग्य आया सावन जल -भुन के

आया सावन जल -भुन के

लीजिए साहब! जिस बेदर्दी सावन का फरवरी से ही सरकार को इंतजार था आखिर वह आ ही गया। जल -भुन के ही सही। सावन हद…

Read more
राजनीति अलगाववादी विचारधारा के पोषक मीडिया एवं नेता देश की सबसे बड़ी समस्या

अलगाववादी विचारधारा के पोषक मीडिया एवं नेता देश की सबसे बड़ी समस्या

“ज्यूँही शमशीर कातिल ने उठाई अपने हाथों में, हजारों सर पुकार उठे, कहो दरकार कितने हैं ? “ अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की ये पंक्तियाँ…

Read more
समाज आखिर कौन हैं दलितों का नेता ??

आखिर कौन हैं दलितों का नेता ??

देश मे अगर किसी भी हिस्से से दलितो के उत्पीङन की खबर आती हैं तो हमारी राजनीति इसे दलितो की समस्या के नजरिए से देखने…

Read more
विश्ववार्ता हजारा लोगों का नर-संहार

हजारा लोगों का नर-संहार

काबुल में जिनका नर-संहार हुआ है, उन्हें ‘हजारा’ लोगों के नाम से जाना जाता है। हजारा लोगों को चंगेज खान का वंशज माना जाता है।…

Read more
विविधा अब डिग्री क्यों नहीं पूछते

अब डिग्री क्यों नहीं पूछते

भाषा के विषय में निर्मला जोशी जी के बेहद खूबसूरत शब्द ‘माता की ममता यही , निर्मल गंगा नीर इसका अर्चन कर गए तुलसी सूर…

Read more
राजनीति पलटती बाजी

पलटती बाजी

डा. राधेश्याम द्विवेदी गाली- गलौज की शुरुआत बसपा ने की:-भाजपा के दयाशंकर सिंह ने मायावती के लिए जो कहा , निश्चित रूप से आपत्तिजनक है…

Read more
राजनीति कश्मीर में पाकिस्तानी झंडे : आख़िर क्यों ?

कश्मीर में पाकिस्तानी झंडे : आख़िर क्यों ?

तनवीर जाफ़री भारतीय कश्मीर में सक्रिय अलगाववादी आतंकी संगठन हिज़बुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान मुज़्फ्फर वानी की गत् 8 जुलाई को सुरक्षा बलों के साथ हुई…

Read more
राजनीति अपने ही चक्रव्यूह में फंसी बसपा

अपने ही चक्रव्यूह में फंसी बसपा

सुरेश हिन्दुस्थानी वर्तमान में भारत देश की राजनीति दिशाहीन होती दिखाई दे रही है। बार-बार बदल रहे स्वार्थी लक्ष्यों के चलते राजनीतिक दलों के सामने…

Read more
विविधा एमआरआई जैसी पहल के लिए सरकार का धन्यवाद

एमआरआई जैसी पहल के लिए सरकार का धन्यवाद

डॉ. मयंक चतुर्वेदी स्वास्थ्य किसी भी देश के लिए उसकी रीढ़ की हड्डी से कम नहीं। स्वस्थ शरीर देश के विकास में हर संभव योगदान…

Read more
मीडिया पत्रकारिता को मीडिया कहकर लज्जित न करें

पत्रकारिता को मीडिया कहकर लज्जित न करें

मीडिया और पत्रकारिता के अंतर को जाने मित्रों आज पत्रकारिता शब्द के पर्याय, विकल्प या पत्रकारिता के स्थान पर एक दोयम दर्जे के औपनिवेशिक शब्द…

Read more
खेत-खलिहान फसल की अनिश्चिन्तताओं को दूर करता प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

फसल की अनिश्चिन्तताओं को दूर करता प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

सुवर्णा सुषमेश्वरी कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था पर आधारित होने के कारण कृषि के विकास के लिए विभाजित भारत में भारत सरकार के द्वारा समय –समय पर…

Read more
मीडिया आकाशवाणी तब – हारमोनियम पर प्रतिबन्ध

आकाशवाणी तब – हारमोनियम पर प्रतिबन्ध

बी एन गोयल 18 अप्रैल 1980 के रात 8.45 के समाचारों में प्रसारित एक समाचार ने संगीत जगत में हर्षातिरेक की एक लहर पैदा कर…

Read more