जन-जागरण नमामि गंगे की रुकावटें, कुछ कम नहीं हैं

नमामि गंगे की रुकावटें, कुछ कम नहीं हैं

डॉ. मयंक चतुर्वेदी मोदी सरकार ने अपने बहुप्रतिक्षि‍त नमामि गंगे के पहले चरण का जयघोष कर दिया है। यह जिस अंदाज में देश के सात…

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राजनीति असहिष्णु इस्लाम बनाम धर्मनिरपेक्षता – आर जगन्नाथन

असहिष्णु इस्लाम बनाम धर्मनिरपेक्षता – आर जगन्नाथन

केवल जाकिर नाइक ही क्यों ? सेक्युलर मुसलमानों को सऊदी अरब के खिलाफ भी आवाज बुलंद करना चाहिए ! आजकल फिजा में नाइक पर प्रतिबंध…

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राजनीति काश स्मृति ईरानी ने ‘नशा’ पढ़ी होती!

काश स्मृति ईरानी ने ‘नशा’ पढ़ी होती!

विवेक सक्सेना आम पब्लिक स्कूलों में दाखिले को लेकर जब भारी मारामारी होती है तो कान्वेंट में दाखिला करवाना तो एवरेस्ट पर चढ़ने से कम…

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राजनीति बेखबर भारत और डा. जाकिर!

बेखबर भारत और डा. जाकिर!

हरि शंकर व्यास सुबह तक चैन था कि ईद का दिन शांति से गुजर रहा है। पर फिर बांग्लादेश में आंतकी हमले की वैसे ही…

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आर्थिकी आज की स्वदेशी की मर्यादाएँ

आज की स्वदेशी की मर्यादाएँ

डॉ. मधुसूदन प्रवेश: स्थूल सांख्यिकी के आधार पर स्वदेशी पर विचार। प्रश्न:(१) क्या कोई देश आज बिना आयात/निर्यात मात्र स्वदेशी के आधारपर आगे बढ सकता…

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विविधा जाकिर नाइक : तुम क्या मुसलमान हो?

जाकिर नाइक : तुम क्या मुसलमान हो?

ढाका की गुलशन झील के रेस्तरां पर हमले का खून अभी सुखा भी न था कि किशोरगंज की मस्जिद पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया।…

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समाज कौन थमा रहा है हाथों में बंदूकें..

कौन थमा रहा है हाथों में बंदूकें..

पठानकोट एयर बेस हमला, फ्रांस , तुर्की,पाकिस्तान ,इज़रायल ,ईराक ,सुमोलिया पैरिस ,और अब बांग्लादेश —-। दुनिया का शायद ही कोई ऐसा देश होगा जो आतंकवाद…

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आर्थिकी भारत की विकास दर को लेकर अमेरिका का व्यर्थ संदेह

भारत की विकास दर को लेकर अमेरिका का व्यर्थ संदेह

डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारत के संदर्भ में दुनिया के कई देशों के बीच ऐसा पहली बार हो रहा है कि भारत तेजी से आर्थ‍िक ग्रोथ…

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विविधा ढाका में बजी आतंकी खतरे की घंटी

ढाका में बजी आतंकी खतरे की घंटी

प्रमोद भार्गव बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आतंकवाद की जो घंटी बजी है,उसे भारत को खतरे की घंटी के रूप में लेने की जरूरत है।…

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मीडिया पत्रकारिता और मीडिया एजुकेशन

पत्रकारिता और मीडिया एजुकेशन

मनोज कुमार आपातकाल के पश्चात पत्रकारिता की सूरत और सीरत दोनों में आमूलचूल बदलाव आया है और इस बदलाव के साथ ही यह कि पत्रकारिता…

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राजनीति हर माल मिलेगा ढाई आने : बिकाऊ लोकतंत्र

हर माल मिलेगा ढाई आने : बिकाऊ लोकतंत्र

राकेश कुमार आर्य हम आरक्षण व्यवस्था के विरूद्घ नही हैं। आरक्षण होना चाहिए, किंतु ऐसी व्यवस्था भी होनी चाहिए कि किसी की पात्रता का उल्लंघन…

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कला-संस्कृति संस्कृति पर हमला हो चुका है

संस्कृति पर हमला हो चुका है

राकेश कुमार आर्य इस्लाम और ईसाइयत इन दोनों ने भारत में आकर इस देश की संस्कृति को मिटाने का हर संभव प्रयास किया। यदि यह…

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