विविधा झोपड़ी से निकलकर राष्ट्रपति भवन पहुंचने वाले प्रथम राष्ट्रपति  डा. कलाम

झोपड़ी से निकलकर राष्ट्रपति भवन पहुंचने वाले प्रथम राष्ट्रपति डा. कलाम

27 जुलाई पुण्यतिथि पर विशेष :- मृत्युंजय दीक्षित हम सभी युवाओं व आम जनमानस के दिलों में राज करने वाले देश के महान कर्मयोगी भारतरत्न…

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धर्म-अध्यात्म पं. लेखराम की ऋषि दयानन्द से भेंट का देश व समाज पर प्रभाव

पं. लेखराम की ऋषि दयानन्द से भेंट का देश व समाज पर प्रभाव

-मनमोहन कुमार आर्य पंडित लेखराम जी स्वामी दयानन्द जी के आरम्भिक प्रमुख शिष्यों में से एक थे जो वैदिक धर्म की रक्षा और प्रचार के…

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कहानी शीला दादी की बंद दुकान

शीला दादी की बंद दुकान

हिन्दी में कुछ शब्दों का प्रयोग प्रायः साथ-साथ होता है। जैसे दिन और रात, सुबह और शाम, सूरज और चांद, बच्चे और बूढ़े, जवानी और…

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राजनीति राहुल मांगे क्षमा या करें मुक़दमे का सामना – सर्वोच्च न्यायालय

राहुल मांगे क्षमा या करें मुक़दमे का सामना – सर्वोच्च न्यायालय

संदर्भ: संघ – राहुल – गांधी हत्या गांधीजी की हत्या और राष्ट्रीय स्वयं सेवक विषय पर पर्याप्त से अधिक बहस इस देश में हो चुकी…

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मीडिया सार्थक पत्रकारिता का परिणाम

सार्थक पत्रकारिता का परिणाम

संदर्भः मंगलम चुनाव पर विशेष – प्रमोद भार्गव किसी अंचल में सार्थक पत्रकारिता के आश्चर्यजनक परिणाम क्या निकल सकते हैं, यह पत्रकार-संपादक अशोक कोचेटा की…

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राजनीति प्रदेश की राजनीति में गाली कांड से किसको लाभ ?

प्रदेश की राजनीति में गाली कांड से किसको लाभ ?

मृत्युंजय दीक्षित आगामी विधानसभा चुनावो के मददेनजर अब उप्र की राजनीत गर्मा गयी है। विगत कई दिनों से  एक के बाद एक बगावत के झंझावत…

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राजनीति स्वराज के महानायक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक

स्वराज के महानायक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक

मृत्युंजय दीक्षित भारत की गुलामी के दौरान अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले लोकमान्य तिलक ने देश को स्वतंत्र कराने में अपा सारा जीवन व्यतीत कर…

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मीडिया रिएलिटी के चक्कर में देश को नीचा मत दिखाइए

रिएलिटी के चक्कर में देश को नीचा मत दिखाइए

1991 में टेलिविजन में नया अध्याय आया जब डच सीरीज ‘न्यूमर 28’ आया, जो धीरे-धीरे सुर्खियों में रहा। प्रचलित हुआ। इसे नाम दिया गया वर्ल्ड…

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राजनीति वो दिन हवा हुए जब पसीना गुलाब था

वो दिन हवा हुए जब पसीना गुलाब था

बसपा नेताओं की उपस्थिति में पार्टी कार्यकत्र्ताओं ने दयाशंकरसिंह की पत्नी, बेटी, माता व बहन के लिए अपशब्दों को बोलने की सारी सीमाएं ही लांघ…

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विविधा कारगिल विजय दिवस : जरा याद करो कुर्बानी…

कारगिल विजय दिवस : जरा याद करो कुर्बानी…

अजीत कुमार सिंह कारगिल विजयदिवस पर विशेष जरा याद करो कुर्बानी…गीत सुनते ही रोम-रोम में देशभक्ति का संचार हो जाता है। इसी गीत को गुनगुनाते…

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राजनीति दलित राजनीति : एक नयी चुनौती

दलित राजनीति : एक नयी चुनौती

डा. राधेश्याम द्विवेदी भारत के लोकसभा चुनावों के इतिहास में पहली बार ऐसा मौका आ ही गया है कि दलित नेता भी पूरे मन से…

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कविता तन्हाई

तन्हाई

तन्हाई छोड़ देती हूँ सिलवटे अब ठीक नहीं करती, मन सुकून चाहता , जो शायद मिल पाना मुश्किल, मुस्कान भी झूठी लगती, अच्छी थी कच्ची…

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