समाज शहर-शहर ”वेश्या” बस कोठे नहीं हैं !

शहर-शहर ”वेश्या” बस कोठे नहीं हैं !

”अपने बिकने का दुख है हमें भी लेकिन, मुस्कुराते हुए मिलते हैं खरीदार से हम।” चर्चित साहित्यकार मुनव्वर राना ने जब ये पंक्तियां कहीं तो…

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विश्ववार्ता पाकिस्तान छोड़े अमेरिकी गुलामी

पाकिस्तान छोड़े अमेरिकी गुलामी

डा. वेद प्रताप वैदिक पाकिस्तान के गृहमंत्री चौधरी निसार अली खान यों तो काफी विनम्र आदमी हैं लेकिन वे दो-टूक बातें करने के लिए भी…

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विविधा उदारीकरण के दौर में मजदूर

उदारीकरण के दौर में मजदूर

जावेद अनीस 1991 से शुरू हुए आर्थिक सुधारों के 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं , इन 25 सालों के दौरान देश की जीडीपी तो…

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जन-जागरण विश्व रेडक्रॉस दिवस

विश्व रेडक्रॉस दिवस

डा. राधेश्याम द्विवेदी रेड क्रॉस क्या है:- रेड क्रॉस के किसी भी देश में एक आपातकालीन प्रतिक्रिया संगठन है। यह युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं के…

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कला-संस्कृति साहित्य और समाज

साहित्य और समाज

डॊ. सौरभ मालवीय साहित्य समाज का दर्पण है, समाज का प्रतिबिम्ब है, समाज का मार्गदर्शक है तथा समाज का लेखा-जोखा है. किसी भी राष्ट्र या…

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प्रवक्ता न्यूज़ “बिखरने से बचाया जाए” : अलका सिंह

“बिखरने से बचाया जाए” : अलका सिंह

साहित्य समाज का दर्पण है, समाज का प्रतिबिम्ब है, समाज का लेखा-जोखा है. किसी भी राष्ट्र या सभ्यता की जानकारी उसके साहित्य से प्राप्त होती…

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धर्म-अध्यात्म सृष्टि उत्पत्ति विषयक वैदिक सिद्धान्त और महर्षि दयानन्द

सृष्टि उत्पत्ति विषयक वैदिक सिद्धान्त और महर्षि दयानन्द

मनमोहन कुमार आर्य सृष्टि की उत्पत्ति के विषय में महाभारत काल के बाद उत्पन्न मत-मतान्तरों के साहित्य में अनेक प्रकार की अवैज्ञानिक व अविश्वनीय विचार…

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विविधा व्यवसाय व राजनीति के घनचक्कर में पानी तथा सूखा

व्यवसाय व राजनीति के घनचक्कर में पानी तथा सूखा

जल ही जीवन है .जीवन के लिए जरुरी यह अमृत पाताल के पैंदे में जा पहुंचा है .गर्मी के दस्तक ने ही पानी रूपी संकट…

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विविधा ज्ञानीजी का कैसा 100 वां जन्म दिन?

ज्ञानीजी का कैसा 100 वां जन्म दिन?

डॉ. वेदप्रताप वैदिक आज ज्ञानी जैलसिंह का 100 वां जन्मदिन है। यह जन्मदिन राष्ट्रपति भवन में मनाया गया। ज्ञानीजी की बेटियों ने मुझसे भी आग्रह…

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कहानी स्टेशन के कानून

स्टेशन के कानून

रामलाल रेलवे स्टेशन पर फलों की ठेली लगाता था। बिहार के अपने गांव से बारह साल पहले जब वह यहां आया था, तब उसकी उम्र…

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राजनीति जनसूचना कानून में और सुधार की जरूरत

जनसूचना कानून में और सुधार की जरूरत

डॉ. राधेश्याम द्विवेदी प्रक्रियागत खामियाँ:- भारत के अनेक प्रान्तों के जन सूचना आयुक्त बहुत ही अच्छी तरह से समाज एवं सरकार मे व्याप्त अनियमितताएं उजागर…

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विविधा आठ मई : मातृ दिवस

आठ मई : मातृ दिवस

डा. राधेश्याम द्विवेदी नारी बड़ी विचित्र प्रकृति की होती है। वह पक्षी के समान आकाश में स्वच्छंद घूमकर इतनी खुशी महसूस नहीं करती जितनी पति,…

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