विविधा कंगना के बहाने ऋतिक कर रहे हैं औरतों का अपमान – मनोज जैन

कंगना के बहाने ऋतिक कर रहे हैं औरतों का अपमान – मनोज जैन

इधर एक कविता पढने को मिली. उसके बीच का अंश मुझे याद है कि ‘…करना प्रेम/ करती रहना प्रेम/ प्रेम बचा तो बची रहेगी दुनिया…’.…

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मनोरंजन शाहरुख की “फैनगिरी”

शाहरुख की “फैनगिरी”

जावेद अनीस शाहरुख खान को बालीवुड का किंग खान कहा जाता है और पिछले 20-25 से वे यहाँ दो और खानों के साथ राज कर…

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मीडिया विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस

विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस

डा- राधेश्याम द्विवेदी विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस पूरी दुनिया भर में 23 अप्रैल 2016 शनिवार को मनाया जायेगा। इस दिन को पूरे विश्व साहित्य…

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कला-संस्कृति जल परम्परा और बाजार

जल परम्परा और बाजार

मनोज कुमार एक समय था जब आप सफर पर हैं तो पांच-दस गज की दूरी पर लाल कपड़े में लिपटा पानी का घड़ा आपकी खातिरदारी…

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धर्म-अध्यात्म राम के मित्र महावीर हनुमान का आदर्श व अनुकरणीय जीवन

राम के मित्र महावीर हनुमान का आदर्श व अनुकरणीय जीवन

मनमोहन कुमार आर्य आज आर्य धर्म व संस्कृति के महान आदर्श आजन्म ब्रह्मचारी महावीर हनुमान जी की जयन्ती है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचन्द्र जी के…

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धर्म-अध्यात्म महर्षि दयानन्द को राष्ट्रकवि रवीन्द्रनाथ टैगोर की भाव-भरित श्रद्धांजलि

महर्षि दयानन्द को राष्ट्रकवि रवीन्द्रनाथ टैगोर की भाव-भरित श्रद्धांजलि

मनमोहन कुमार आर्य महर्षि दयानन्द ने वेद प्रचार की अपनी यात्राओं में बंगाल वा कोलकत्ता को भी सम्मिलित किया था। वह राष्ट्रकवि श्री रवीन्द्रनाथ टैगोर…

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विविधा सूखे की मार !

सूखे की मार !

आजकल जिस तरह देश के विभिन्न राज्यों में पानी की कमी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है अगर उस पर ध्यान नहीं दिया गया तो…

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पर्यावरण …आओ बचाएं अपनी वसुंधरा?

…आओ बचाएं अपनी वसुंधरा?

पृथ्वी दिवस पर जल, जंगल और जमीन बचाने का संकल्प लें रमेश पाण्डेय हाल के कुछ साल, महीने और दिवस में नेपाल में आयी भूकंप…

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व्यंग्य ईमानदार राजनीती पर भारी बेईमान मौसम

ईमानदार राजनीती पर भारी बेईमान मौसम

आजकल गर्मी  और आईपीएल के साथ साथ “सम-विषम” (ऑड-इवन) और पुतले लगाए जाने का भी मौसम हैं ताकि कलेजे से बीड़ी जला सकने वाले इस…

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विविधा सूखा प्राकृतिक घटना या दैवीय प्रकोप

सूखा प्राकृतिक घटना या दैवीय प्रकोप

आज देश विश्व पटल पर एक समृद्धशाली और महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है, और 21सवीं सदी में भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने…

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समाज कानून से नहीं, आदतें सुधारने से बचेगा पानी

कानून से नहीं, आदतें सुधारने से बचेगा पानी

प्रवीण दुबे ‘रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून। पानी गए न ऊबरे, मोती मानुष चून।। रहीम के इस प्रेरणादायी दोहे से यदि हमने सीख…

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राजनीति हिंदू की बदनामी, हिंदू का बदला!

हिंदू की बदनामी, हिंदू का बदला!

इसरत जहां, साध्वी प्रज्ञा, कर्नल पुरोहित, असीमानंद को मोहरा बना कर कांग्रेस ने मनमोहन सरकार के वक्त अपनी जो राजनीति की उससे सवाल उठता है…

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