लेख भक्ति रस से उपजा वीर रस

भक्ति रस से उपजा वीर रस

डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री भारत पर विदेशी हमलों की शोकगाथा बहुत पुरानी है । उतनी ही पुरानी इसकी संघर्ष गाथा है । लेकिन संघर्ष और…

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राजनीति नासमझी में मुस्लिमपरस्ती

नासमझी में मुस्लिमपरस्ती

हरि शंकर व्यास सोनिया गांधी की कमान से पहले कांग्रेस के जितने भी अध्यक्ष हुए हैं उन्होंने हिंदू अवचेतन का ध्यान रखा। हिंदू की संवेदनाओं…

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विविधा सूखा आसमान में या दिमाग में ?

सूखा आसमान में या दिमाग में ?

इस प्यास की पङताल जरूरी है यह सच है कि 1960 के दशक में अमेरिका की औद्योगिक चिमनियों से उठते गंदे धुएं के खिलाफ आई…

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पर्यावरण धरातल से रसातल की तरफ भू-जल श्रोत

धरातल से रसातल की तरफ भू-जल श्रोत

विश्व पृथ्वी दिवस पर विशेष लेख – अशोक बजाज आज समूचा विश्व भीषण जल संकट के दौर से गुजर रहा है. किसी को जल में…

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व्यंग्य किसी की सफलता , किसी की सजा…!!

किसी की सफलता , किसी की सजा…!!

तारकेश कुमार ओझा उस दिन मैं दोपहर के भोजन के दौरान टेलीविजन पर चैनल सर्च कर रहा था। अचानक सिर पर हथौड़ा मारने की तरह…

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साक्षात्‍कार समस्या यह कि नहर वोट दिलाती है, गंगा नहीं: स्वामी सानंद

समस्या यह कि नहर वोट दिलाती है, गंगा नहीं: स्वामी सानंद

प्रस्तुति: अरुण तिवारी प्रो जी डी अग्रवाल जी से स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद जी का नामकरण हासिल गंगापुत्र की एक पहचान आई आई टी, कानपुर के…

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पर्यावरण भारतीय, इसलिए भी मनायें पृथ्वी दिवस

भारतीय, इसलिए भी मनायें पृथ्वी दिवस

22 अप्रैल-पृथ्वी दिवस पर विशेष यूं तो मैं सीधे-सीधे कह सकता हूं कि 22 अप्रैल-पृथ्वी दिवस, सिर्फ संयुक्त राष्ट्र संघ अथवा संयुक्त राज्य अमेरिका से…

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पर्यावरण सूखे का संकट और मानसून के संकेत

सूखे का संकट और मानसून के संकेत

सुरेश हिंदुस्थानी देश में प्राकृतिक वातावरण को निर्मित करने वाले संसाधनों का जिस प्रकार से दोहन हो रहा है, उससे कई प्रकार की विषमताएं हमारे…

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विविधा “ कुछ अलग बात तो जरूर है लालू के इस लाल में ”

“ कुछ अलग बात तो जरूर है लालू के इस लाल में ”

बिहार की राजधानी व् दक्षिणी बिहार को उत्तर बिहार से जोड़ने वाला सबसे महत्वपूर्ण लिंक जर्जर गाँधी सेतू अब बिहार की जनता के लिए नासूर…

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समाज सभ्य समाज की असभ्यता’-भाग-2

सभ्य समाज की असभ्यता’-भाग-2

पश्चिमी अद्ध असभ्यता ने भारत की सभ्यता के साथ टी.वी. कल्चर और ‘बैड रूम कल्चर’ के द्वारा भयंकर छेड़छाड़ करनी आरम्भ की। इन दोनों चीज़ों…

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कला-संस्कृति चैत्र पूर्णिमा ही है हनुमान जयन्ती

चैत्र पूर्णिमा ही है हनुमान जयन्ती

–अशोक “प्रवृद्ध” रामायण के प्रमुख पात्रों में से एक वेद – वेदांग पारंगत, महावीर श्रीराम भक्त श्रीहनुमान के पिता सुमेरू पर्वत के वानरराज राजा केसरी…

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विश्ववार्ता अपनी ही बारूद से झुलसता पाकिस्तान

अपनी ही बारूद से झुलसता पाकिस्तान

फैज अहमद ‘फैज’ 20वीं शताब्दी के महान शायरों में से थे। उन्होंने ‘सुबह-ए-आजादी’ नामक कविता लिखी थी। जोकि उस समय बड़ी प्रसिद्घ हुई थी। उनकी…

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