मीडिया सहिष्णुता-असहिष्णुता का विलाप

सहिष्णुता-असहिष्णुता का विलाप

मनोज कुमार सहिष्णुता अथवा असहिष्णुता का यह मुद्दा उन लोगों का है जिनके पेट भरे हुए हैं। जो दिन-प्रतिदिन टेलीविजन के पर्दे पर या अखबार…

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राजनीति मुलायम और राहुल: वाह! क्या जोड़ी है?

मुलायम और राहुल: वाह! क्या जोड़ी है?

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने क्या जबर्दस्त गुब्बारा उछाला है। 2019 के आम चुनाव में वे अपने पिता मुलायमसिंह को प्रधानमंत्री और राहुल गांधी…

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विविधा निर्वाण और बुद्धत्व ने बाबा का मिशन भटकाया

निर्वाण और बुद्धत्व ने बाबा का मिशन भटकाया

डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ 06 दिसम्बर, 1956 में भारत के संविधान के सम्पादक या कहो रचियता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेड़कर की मृत्यु हुई। जिसे…

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राजनीति अम्बेडकर पर संसद में चर्चा :  विचार दरकिनार ,सिर्फ गुणगान !

अम्बेडकर पर संसद में चर्चा : विचार दरकिनार ,सिर्फ गुणगान !

भारतीय संसद ने संविधान निर्माण में अम्बेडकर के योगदान पर दो दिन तक काफी सार्थक चर्चा करके एक कृतज्ञ राष्ट्र होने का दायित्व निभाया है…

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धर्म-अध्यात्म स्वामी दयानन्द के चार विलुप्त ग्रन्थ

स्वामी दयानन्द के चार विलुप्त ग्रन्थ

स्वामी दयानन्द ने सन् 1863 में मथुरा में प्रज्ञाचक्षु दण्डी गुरु स्वामी विरजानन्द सरस्वती से विद्यार्जन पूरा कर अज्ञान के नाश व विद्या की वृद्धि…

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पर्यावरण कब मिलेगा पीने को साफ पानी?

कब मिलेगा पीने को साफ पानी?

जगजीत शर्मा भारत में पेयजल की समस्या का काफी विकट है। गांवों की लगभग 80-85 फीसदी आबादी का गुजारा कुओं या हैंडपंप के पानी से…

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पर्यावरण जलवायु परिवर्तन और हमारी भूमिका

जलवायु परिवर्तन और हमारी भूमिका

सुरेश हिन्दुस्थानी वर्तमान में जलवायु परिवर्तन को लेकर जिस प्रकार का मंथन किया जा रहा है, उसकी आवश्यकता बहुत पहले से महसूस की जा रही…

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राजनीति पहले तोलें फिर बोलें !

पहले तोलें फिर बोलें !

तनवीर जाफ़री वैसे तो विभिन्न धर्मों के तथाकथित धर्मगुरू जिन्हें प्राय: अपने धर्म तथा अपने ही धर्म से संबंधित धर्मग्रंथों की ही आधी-अधूरी जानकारी रहती…

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राजनीति स्वार्थी राजनीति को साधने के लिए बहस

स्वार्थी राजनीति को साधने के लिए बहस

म्ृात्युंजय दीक्षित स्ंासद में असहिष्णुता पर जोरदार बहस हुई। लेकिन यह बहस भी केवल खोदा पहाड़ और निकली चुहिया ही साबित हो रही है। बनावटी…

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पर्यावरण जलवायु परिवर्तन की चपेट में चेन्नई

जलवायु परिवर्तन की चपेट में चेन्नई

प्रमोद भार्गव 86 लाख की आबादी वाला शहर चेन्नई लगभग जलमग्न है। चेन्नई के अलावा नेल्लौर,चित्तूर,प्रकाशम्,कांचीपुरम,तिरूवल्लूर,विल्लूपुरम् और पुड्डुचेरी में भी प्रकृति का यही रौद्र रूप…

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धर्म-अध्यात्म ‘आओ ! सब भेदभाव मिटाकर व परस्पर मिलकर वेदों का सत्संग करें’

‘आओ ! सब भेदभाव मिटाकर व परस्पर मिलकर वेदों का सत्संग करें’

मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य व पशुओं में प्रमुख भेद मनुष्यों के पास बुद्धि का होना व पशु आदि अन्य प्राणियों के पास मनुष्य के समान…

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जन-जागरण नेतृत्व, अनुशासन और संघशक्ति का प्रतीक ध्वज

नेतृत्व, अनुशासन और संघशक्ति का प्रतीक ध्वज

अशोक “प्रवृद्ध”   जाति और राष्ट्र को अतीत की स्मरण कराने वाले, उनकी रगों-नसों में प्राणों का संचार कराने वाले तथा उन्हें पूर्वजों की वीरता…

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