कविता रिश्तों की रणभूमि

रिश्तों की रणभूमि

लहू बहाया मैदानों में,जीत के ताज सिर पर सजाए,हर युद्ध से निकला विजेता,पर अपनों में खुद को हारता पाए। कंधों पर था भार दुनिया का,पर…

Read more
लेख फेसबुक या फूहड़बुक?: डिजिटल अश्लीलता का बढ़ता आतंक और समाज की गिरती संवेदनशीलता

फेसबुक या फूहड़बुक?: डिजिटल अश्लीलता का बढ़ता आतंक और समाज की गिरती संवेदनशीलता

लेखिका: प्रियंका सौरभ जब सोशल मीडिया हमारे जीवन में आया, तो उम्मीद थी कि यह विचारों को जोड़ने, संवाद को मज़बूत करने और जन-जागरूकता फैलाने…

Read more
लेख प्रतिस्पर्धी युग में अंक जीवन नहीं हैं 

प्रतिस्पर्धी युग में अंक जीवन नहीं हैं 

देश में सीबीएसई और विभिन्न राज्यों की अन्य बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट(परिणाम) लगभग-लगभग मई माह में घोषित हो चुके हैं। जिन बच्चों ने इन बोर्ड…

Read more
राजनीति अंतिम सांसे गिन रहा है नक्सलवाद।

अंतिम सांसे गिन रहा है नक्सलवाद।

शिवानन्द मिश्रा कौन था बसवराजू? कोई छोटा-मोटा नक्सली नहीं, नक्सलियों का हाफिज सईद था बसवराजू। सुरक्षाबलों ने जंगल में घुसकर किया ढेर। शीर्ष माओवादी नेता…

Read more
राजनीति बदलते विश्व में होगी भारत की बड़ी भूमिका, बशर्ते हम पिछलग्गू ना बनें

बदलते विश्व में होगी भारत की बड़ी भूमिका, बशर्ते हम पिछलग्गू ना बनें

ट्रंप ने तोड़ा दिल, तो यूरोप को आई भारत की याद ईयू-यूके में हुआ ताजा समझौता ट्रंप के तानों से उपजा एक बड़े बदलाव का प्रतीक…

Read more
लेख किशोरों में बढ़ रही हिंसक प्रवृत्ति गंभीर चुनौती

किशोरों में बढ़ रही हिंसक प्रवृत्ति गंभीर चुनौती

– ललित गर्ग – भारतीय बच्चों में बढ़ रही हिंसक प्रवृत्ति एवं क्रूर मानसिकता चिन्ताजनक है, नये भारत एवं विकसित भारत के भाल पर यह…

Read more
लेख “आई एस आई” आतंकवाद का पोषक

“आई एस आई” आतंकवाद का पोषक

अधिक पीछे न जाते हुए केवल पिछले 2-3  वर्ष की गुप्तचर विभाग की सूचनाओँ में आई.एस.आई द्वारा हमारे देश में आतंकवादियों को उकसाने व भड़काने…

Read more
राजनीति नीति नीयत सब नापाक, फिर भी कहिये ‘पाकिस्तान ‘ ?

नीति नीयत सब नापाक, फिर भी कहिये ‘पाकिस्तान ‘ ?

तनवीर जाफ़री         स्वतंत्रता पूर्व 1941 में ब्रिटिश हुकूमत द्वारा कराई गयी भारत की जनगणना के अनुसार अविभाजित भारत की कुल जनसंख्या…

Read more
महिला-जगत बदलते युग का नया तमाशा: संस्कारों की सिसकियाँ

बदलते युग का नया तमाशा: संस्कारों की सिसकियाँ

(समाज में बदलती नैतिकता, रिश्तों की उलझन और तकनीक के नए असर पर) समाज में अब बेटी की निगरानी नहीं, दादी और सास की होती…

Read more
कविता स्वार्थ की सिलवटें

स्वार्थ की सिलवटें

चेहरों पर मुस्कानें हैं,पर दिलों में दूरी है।रिश्ते हैं बस नामों के,हर सूरत जरूरी है। हर एक ‘कैसे हो’ के पीछे,छुपा होता है सवाल,“तुमसे क्या…

Read more
राजनीति भारत बना विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था : नए भारत की नई उपलब्धि

भारत बना विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था : नए भारत की नई उपलब्धि

वर्ष 2025 भारत के आर्थिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। अब तक विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था…

Read more
लेख नरपुंगव छत्रसाल

नरपुंगव छत्रसाल

भारत के महान क्रांति नायक छत्रसाल महाराज का जन्म गहरवार अर्थात गहड़वाल वंश की बुंदेला शाखा के राजपूतों में हुआ था। इनके पूर्वज काशी के…

Read more