राजनीति टूटा ख्वाब, क्या करें नवाज

टूटा ख्वाब, क्या करें नवाज

पाकिस्तान नाम तो सुना होगा. अपनी हरकत की वजह से तो विश्व में काफी नाम कमा चुका है. वैसे पाकिस्तान का मतलब देखा जाए तो…

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विधि-कानून सामाजिक न्याय और न्यायपालिका की भूमिका

सामाजिक न्याय और न्यायपालिका की भूमिका

शैलेन्द्र चौहान इतिहास गवाह है कि अनेकों शताब्दियां बीत गईं लेकिन मानव सामाजिक न्याय को प्राप्त करने भटकता रहा है और इसी कारण दुनिया में…

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धर्म-अध्यात्म धर्म विषयक सत्य व यथार्थ ज्ञान को ग्रहण करना व कराना कठिन कार्य है

धर्म विषयक सत्य व यथार्थ ज्ञान को ग्रहण करना व कराना कठिन कार्य है

महर्षि दयानन्द ने आर्य समाज का चतुर्थ नियम यह बनाया है कि ‘सत्य के ग्रहण करने और असत्य के छोड़ने में सर्वदा उद्यत रहना चाहिये।’…

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कला-संस्कृति ए नये भारत के दिन बता..

ए नये भारत के दिन बता..

ए नये भारत के दिन बता…… ए नदिया जी के कुंभ बता, उजरे-कारे सब मन बता, क्या गंगदीप जलाना याद हमें या कुंभ जगाना भूल…

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खेत-खलिहान दाल: जमाखोरों पर नकेल के सार्थक परिणाम

दाल: जमाखोरों पर नकेल के सार्थक परिणाम

प्रमोद भार्गव दाल के जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ छापा डालकर नकेल कसने की कार्यवाही से जो सार्थक परिणाम निकले हैं, उससे साफ…

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स्‍वास्‍थ्‍य-योग लम्बा जीना है तो पैदल चलो

लम्बा जीना है तो पैदल चलो

डॉ. दीपक आचार्य जो लोग शरीर के कहे अनुसार चलते हैं वे जल्दी ही थक जाया करते हैं। इसके विपरीत जो लोग शरीर को अपने…

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मीडिया जज्बातों से खेलना बन्द कीजिए …..

जज्बातों से खेलना बन्द कीजिए …..

अरविन्द मंडलोई जो बात मैं लिखने जा रहा हूँ उसको सिर्फ इस संदर्भ में समझिये कि समाज का जो मनोविज्ञान है वो क्या है ?…

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धर्म-अध्यात्म मनुस्मृति का आर्थिक दर्शन

मनुस्मृति का आर्थिक दर्शन

जो अर्थ की दृष्टि से शुद्ध है, वही शुद्ध है मनुस्मृति का आर्थिक दर्शन -अशोक “प्रवृद्ध”   भारतीय परम्परा में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष-…

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लेख साहित्यकार पुरस्कार वापसी के अलावा और क्या क्या कर सकते हैं

साहित्यकार पुरस्कार वापसी के अलावा और क्या क्या कर सकते हैं

इक़बाल हिंदुस्तानी सबकी कट्टरता का विरोध व समाज की स्वस्थ मानसिकता बनायें ! देश में बढ़ रही असहिष्णुता कट्टरता और तीन साहित्यकारों की उनके विचारों…

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कला-संस्कृति गोरक्षा-आन्दोलन और गोपालन का महत्व

गोरक्षा-आन्दोलन और गोपालन का महत्व

आर्य विद्वान और नेता लौह पुरूष पं. नरेन्द्र जी, हैदराबाद की आत्मकथा ‘जीवन की धूप-छांव’ से गोरक्षा आन्दोलन विषयक उनका एक संस्मरण प्रस्तुत कर रहे…

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लेख ऐसी पुरस्कार वापसी से सवाल तो उठेंगे ही..

ऐसी पुरस्कार वापसी से सवाल तो उठेंगे ही..

इन दिनों देश में बढ़ती धार्मिक असहिष्णुता एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हो रहे हमले के खिलाफ विरोधस्वरूप साहित्यकारों द्वारा पुरस्कार वापसी का दौर सा…

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विविधा संस्कृति है चक्रीय हिण्डोला और भाषा उसकी धुरी:

संस्कृति है चक्रीय हिण्डोला और भाषा उसकी धुरी:

डॉ. मधुसूदन प्रवेश: (अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन के अवसर पर विचार) ॐ —संस्कृति, एक मण्डलाकार (मेरी गो राउण्ड) हिण्डोला, भाषा है उसकी धुरी। ॐ—सांस्कृति हिण्डोले की…

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