आत्मदाह के प्रयास को गैर-आपराधिक बनाने का निर्णय
Updated: October 3, 2015
वीरेश्वर तोमर अंततः केन्द्र सरकार ने आत्महत्या को गैर -आपराधिक बनाने का निर्णय विचाराधीन कर ही लिया| यह विधि आयोग की 210वीं रिपोर्ट (वर्ष 2014)…
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किसान आत्महत्याओं का अर्थशास्त्र
Updated: October 3, 2015
भूख से होने वाली मौतें और किसान आत्महत्याएं कभी भी सत्ताधारी पार्टी और शासक वर्ग के लिए चिंता का विषय नहीं बनती, क्योंकि इससे धनकुबेरों…
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मनुष्य की समस्त समस्याओं का समाधान वैदिक शिक्षा
Updated: October 3, 2015
अशोक “प्रवृद्ध” वर्तमान भूमण्डलीकरण के युग ने जहाँ स्थान और समय की दूरी को कम कर दिया है, वहीं महाद्वीपों, देशों और प्रान्तों के अवरोधों…
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जंगल में मोर नाचा तो किसने देखा ?
Updated: October 3, 2015
विदेश नीति के रंग डिजिटल इंडिया ,मेक इन इंडिया,स्किल इंडिया में हम इतने सराबोर हो चुके है कि हमारे आंतरिकता में स्थित देश की पहचान…
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पर्यावरण को लेकर भारत की सराहनीय पहल
Updated: October 3, 2015
डॉ. मयंक चतुर्वेदी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्बन उत्सर्जन को लेकर युरोपियन देशों को अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर जिस तरह से फटकार लगाना शुरू…
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कितना साकार हुआ स्वच्छ भारत का सपना
Updated: October 3, 2015
आज का दिन राष्ट्रपिता को याद करने का एक अवसर प्रदान करता है । मोहनदास करमचन्द गांधी एक समूचे दर्शन का नाम है, जिसकी ओर…
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‘हिंदुत्व’ के प्रगटीकरण का महान आदर्श – ‘महात्मा गांधी’
Updated: October 3, 2015
(2 अक्तूबर, जयन्ती पर विशेष) सत्य ही ईश्वर है। सत्य सर्वदा स्वावलंबी होता है और बल तो उसके स्वभाव में ही होता है। समाज को…
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गांधी जन्म जयंती की सार्थकता है स्वच्छ भारत अभियान
Updated: October 3, 2015
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जन्म जयंती 02 अक्टूबर पर विशेष प्रकाशनार्थ आज सुबह जबतक समाचार पत्र आपके हाथों में पहुंचेगा, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जन्म जयंती…
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आस्था को तर्कों की कसौटी पर तौलने के मायने ?
Updated: October 1, 2015
निर्मल रानी हमारे देश और दुनिया में विभिन्न धर्मों व समुदायों के मध्य इस प्रकार की अनेकानेक ऐसी धार्मिक व सामाजिक मान्यताएं व रीति-रिवाज हैं…
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श्रीमद्भगवद्गीता व सत्यार्थप्रकाश के अनुसार जीवात्मा का यथार्थ स्वरूप
Updated: October 1, 2015
जीवात्मा के विषय में वैदिक सिद्धान्त है कि यह अनादि, अनुत्पन्न, अजर, अमर, नित्य, चेतन तत्व वा पदार्थ है। जीवात्मा जन्ममरण धर्मा है, इस कारण…
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क्या आरक्षण अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है?
Updated: October 3, 2015
स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत की सामाजिक संरचना में विभिन्न कारकों का वर्चस्व रहा| समाज के कुछ विशेष वर्ग, वर्षों से शोषण परक सत्ता के…
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कैसे होगा 2019 तक स्वच्छ मध्यप्रदेश ?
Updated: October 1, 2015
डॉ. परशुराम तिवारी सुना है गाँधीजी ने भारत की आजादी की तुलना में देश में देश में स्वच्छता को अधिक महत्त्वपूर्ण माना था. इसके बावजूद…
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