व्यंग्य पी ले, पी ले, ओ मोरी जनता

पी ले, पी ले, ओ मोरी जनता

देश के युवाओं में नशा का दौर लगातार बढ़ता जा रहा है. किसी को शौक है तो कोई इसका आदी बन चुका है. छोटी खुशी…

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कहानी हरामजादा

हरामजादा

डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी कहानी काफी पुरानी और वास्तविक घटना पर आधारित है। इसकी समानता किसी भी तरह से अन्य लोगों से नहीं हो सकती…

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राजनीति क्या मोदी की विदेश यात्राओं के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं?

क्या मोदी की विदेश यात्राओं के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं?

शैलेन्द्र चौहान एक ओर तो मीडिया के शहंशाह कहे जाने वाले रुपर्ट मर्डोक भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज़ाद भारत का ‘सर्वश्रेष्ठ नेता’ बता…

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राजनीति बिहार में राजनीतिक घमासान तेज

बिहार में राजनीतिक घमासान तेज

सुरेश हिंदुस्थानी बिहार विधानसभा के चुनावों में चल रहे टिकट वितरण की प्रक्रिया के बाद आरोप प्रत्यारोप की राजनीति शुरू हो गई है। लालू प्रसाद…

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जन-जागरण हमारी नदियों को जीने दो

हमारी नदियों को जीने दो

अंतर्राष्ट्रीय नदी दिवस (27 सितम्बर) पर विशेष —————————————————————- हमारी नदियों को जीने दो या दिल्ली उद्घोषणा के एक साल बाद ’’हमारी नदियों को जीने दो’’…

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राजनीति समसामयिक संदर्भ में भगत सिंह के विचार

समसामयिक संदर्भ में भगत सिंह के विचार

शैलेन्द्र चौहान भगत सिंह को भारत के सभी विचारों वाले लोग बहुत श्रद्धा और सम्मान से याद करते हैं। वे उन्हें देश पर कुर्बान होने…

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आर्थिकी आर्थिक आधार पर आरक्षण से परहेज क्यों ?

आर्थिक आधार पर आरक्षण से परहेज क्यों ?

पीयूष द्विवेदी आरक्षण तो इस देश में हमेशा से ही बहस, विवाद और राजनीति का विषय रहा है । पर फ़िलहाल कुछ समय से ये…

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विविधा क्या देश ने महर्षि दयानन्द को उनके योगदान के अनुरूप स्थान दिया?

क्या देश ने महर्षि दयानन्द को उनके योगदान के अनुरूप स्थान दिया?

मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। महर्षि दयानन्द (1825-1883) ने भारत से अज्ञान, अन्धविश्वास आदि दूर कर इनसे पूर्णतया रहित सत्य सनातन वैदिक धर्म की पुनस्र्थापना की…

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राजनीति ये बेचारे  जाति के मारे

ये बेचारे जाति के मारे

बीरेन्द्र सिंह परिहार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघंचालक ने आरक्षण के संबंध में पूछे गये एक सवाल के जवाब में कहा कि एक…

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विविधा शिक्षित बेरोजगारी की भयावह तस्वीर

शिक्षित बेरोजगारी की भयावह तस्वीर

प्रमोद भार्गव भारत को वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बना देने वालों की नींद अब टूटनी चाहिए। जिस युवा जनसंख्या के बूते इक्कीसवीं शताब्दी को भारतीय युवाओं…

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विविधा घोटाले का जिन्न

घोटाले का जिन्न

बचपन में एक टीवी सीरियल बहुत देखते थे. उस सीरियल को काफी लोग पंसद भी करते थे. जादूवी कहानी का वो नाटक जिसका नाम अलिफ…

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अक्षरा सिंह : कब बदलेगा भोजपुरी सिनेमा

अक्षरा सिंह उन हीरोइनों में शामिल हैं, जिसे ग्रामीण समाज में कहा जाता है कि रूपवती भी हैं और गुणवती भी। यानी सिनेमा की भाषा…

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