राजनीति बाबासाहेब की अंतर्दृष्टि के अनुरूप हैं संघप्रमुख के विचार

बाबासाहेब की अंतर्दृष्टि के अनुरूप हैं संघप्रमुख के विचार

सरसंघचालक जी अर्थात राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, प्रमुख मोहन रावजी भागवत के आरक्षण व्यवस्था पर पुनर्विचार की आवश्यकता व्यक्त करनें से वैचारिक तूफ़ान खड़ा हो…

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राजनीति कहीं महाभारत के शल्य की भूमिका में अब मोहन भागवत जी तो नहीं आ गए ?

कहीं महाभारत के शल्य की भूमिका में अब मोहन भागवत जी तो नहीं आ गए ?

 लालू यादव की महाभृष्ट छवि , नीतीश की प्रशाशनिक असफलताएँ और उन का बिहारी डीएनए रोदन एवं उनके ‘ घोर जातिवादी महागठंबधन को मुलायम द्वारा…

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राजनीति नेपाल: भारत चले फूंक-फूंककर

नेपाल: भारत चले फूंक-फूंककर

डॉ. वेदप्रताप वैदिक   नेपाल में नए संविधान की घोषणा का दिन वैसा क्यों नहीं हो सकता था,जैसा कि अन्य देशों में प्रायः होता है? नेपाल…

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राजनीति भ्रष्टाचार मिटाने की दिशा में प्रभावी कदम

भ्रष्टाचार मिटाने की दिशा में प्रभावी कदम

वीरेन्द्र सिंह परिहार हमारे देश में भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या है। कुल मिलाकर यदि इसे देश की मुख्य समस्या ही नहीं बल्कि मूल समस्या कहा…

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धर्म-अध्यात्म ईश्वर न्यायकारी व दयालु अवश्य है परन्तु वह कभी किसी का कोई पाप क्षमा नहीं करता

ईश्वर न्यायकारी व दयालु अवश्य है परन्तु वह कभी किसी का कोई पाप क्षमा नहीं करता

ईश्वर कैसा है? इसका सरलतम् व तथ्यपूर्ण उत्तर वेदों व वैदिक शास्त्रों सहित धर्म के यथार्थ रूप के द्रष्टा व प्रचारक महर्षि दयानन्द सरस्वती ने…

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आर्थिकी पूँजीवाद की कोई और शक्ल ?

पूँजीवाद की कोई और शक्ल ?

शैलेन्द्र चौहान आदिकालीन साम्यवादी समाज में मनुष्य पारस्परिक सहयोग द्वारा आवश्यक चीजों की प्राप्ति और प्रत्येक सदस्य की आवश्यकतानुसार उनका आपस में बँटवारा करते थे।…

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राजनीति शिक्षामित्रः सही निर्णय पर नाजायज आंदोलन , दबाव की राजनीति

शिक्षामित्रः सही निर्णय पर नाजायज आंदोलन , दबाव की राजनीति

मृत्युंजय दीक्षित 12 सितम्बर 2015 के दिन इलाहाबाद हाइ्र्रकोर्ट ने एक ओर अत्यंत ऐतिहासिक निर्णय सुनाया जिसके बाद प्रदेश में निुयक्त किये गये 1.72 लाख…

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राजनीति गठबंधन की गाँठ, असमंजस में मतदाता

गठबंधन की गाँठ, असमंजस में मतदाता

हिमकर श्याम राजनीति  संभावनाओं का खेल है, यहां कुछ भी असंभव नहीं. सियासत में कुछ भी स्थायी नहीं होता. यही उसका स्वभाव है. न दोस्ती, न…

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कहानी दर्द या दवा

दर्द या दवा

पांच सितम्बर को भारत में ‘शिक्षक दिवस’ मनाया जाता है। यह हमारे दूसरे राष्ट्रपति डा. राधाकृष्णन का जन्मदिन है, जो एक श्रेष्ठ शिक्षक भी थे।…

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राजनीति हार्दिक के पीछे कौन

हार्दिक के पीछे कौन

उमेश चतुर्वेदी जिस पाटीदार समुदाय के हाथ गुजरात के सौराष्ट्र इलाके की खेती का बड़ा हिस्सा हो, जिसके पास हीरा तराशने वाले उद्योग की चाबी…

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मीडिया लोकतंत्र में पत्रकारिता

लोकतंत्र में पत्रकारिता

शैलेन्द्र चौहान स्वतन्त्रता आन्दोलन के दौरान  पत्रकारिता को एक मिशन बनाकर सहभागी के रूप में अपनाया गया था। स्वतन्त्रता के पश्चात भी पत्रकारिता को व्यावसायिकता से जोड़कर नहीं देखा गया, किन्तु वैश्वीकरण, औद्योगीकरण…

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विविधा ‘‘ मैं आपसे बहुत प्यार करती हॅू ’’

‘‘ मैं आपसे बहुत प्यार करती हॅू ’’

डा. अरविन्द कुमार सिंह आज बहुत दिनों के बाद कुछ लिखने के लियेफ् कलम उठाया तो चिन्तन के दौर से गुजर गया। क्या लिख्ूा ?…

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