ओ मौला रे ……
Updated: August 4, 2015
ओ मौला रे तेरे दर का रास्ता किधर है मैं तो ढूंढ लिया हर गाँव और हर गली पर तेरे बांहों का आसरा कहीं…
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क्या सचमुच आतंकवाद का कोई मज़हब नहीं होता?
Updated: August 4, 2015
मुंबई धमाकों का गुनहगार फांसी पर चढ़ा दिया गया। भारतीय न्यायव्यवस्था और लोकतंत्र की सुंदरता भी दुनिया के सामने आई। इतने बड़े गुनाह के…
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वैदिक धर्म व संस्कृति का उद्धारक, रक्षक व प्रचारक सत्यार्थ प्रकाश
Updated: August 4, 2015
संसार में समस्त धार्मिक ग्रन्थों में वेद के बाद सत्यार्थप्रकाश का प्रमुख स्थान है। इसका कारण इन दोनों ग्रन्थों का मनुष्य जीवन के लिए…
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स्वार्थी राजनीति का नमूना है संसदीय गतिरोध
Updated: August 4, 2015
मृत्युंजय दीक्षित जैसी की संभावना व आशंका व्यक्त की जा रही थी कि संसद का मानसून सत्र हंगामें की भेंट चढ़ जायेगा ठीक वैसा ही…
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भारत-बांग्लादेश भूमि समझौते पर अमल
Updated: August 4, 2015
नागरिकता को मिली नई पहचान प्रमोद भार्गव इसी साल जून माह में भारत और बांग्लादेश के बीच हुए भूमि समझौते पर शांतिपूर्ण अमल हो गया।…
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प्रो. कलाम: तुम सा नहीं देखा…
Updated: August 4, 2015
तनवीर जाफ़री भारतवासियों के हृदय में एक आदर्श महापुरुष के रूप में अपनी जगह बनाने वाले भारत रत्न व पूर्व राष्ट्रपति डा० एपीजे अब्दुल कलाम…
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कलाम से प्रेम याकूब से घृणा – भारत के दो रूप
Updated: August 4, 2015
गत सप्ताह की दो घटनाओं से भारत के दो सशक्त रूप देखनें को मिले. एक घटना घृणा, विद्रूपता के रूप में आई तो दूसरी में…
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||| एक नज़्म : सूफी फकीरों के नाम ||
Updated: August 3, 2015
कोई पूछे की मैं हूँ कौन लोग कहते है की बावरा हूँ तेरी मोहब्बत में लोग कहते है की आवारा फिरता हूँ तेरी मोहब्बत में…
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अपनों से भरी दुनियाँ
Updated: August 3, 2015
(मधुगीति १५०८०१) अपनों से भरी दुनियाँ, मगर अपना यहाँ कोंन; सपनों में सभी फिरते, समझ हर किसी को गौण ! कितने रहे हैं कोंण, हरेक…
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…. लिपटे रहत भुजंग!
Updated: August 3, 2015
शोध-प्रबंध : देवेश शास्त्री ‘‘जो रहीम उत्तम प्रकृति, का करि सकत कुसंग। चन्दन विष व्यापत नहीं, लिपटे रहत भुजंग।’’ रहीमदास के इस सूक्ति-परक दोहे…
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||| आहट ईश्वर की ……!!! |||
Updated: August 3, 2015
ये कैसी अजनबी आहट है .. कौन है यहाँ , किसकी आहट है ये … जो मन में नए भाव जगा रही है . ये…
Read moreसर्वव्यापक व सदा अवतरित होने से ईश्वर का अवतार नहीं होता
Updated: August 3, 2015
मनमोहन कुमार आर्य भारत में मूर्तिपूजा का प्रचलन बौद्ध व जैन मत से आरम्भ हुआ है। बौद्ध मत के बढ़ते प्रभाव व वैदिक धर्म में…
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