मीडिया यादों में अक्षय

यादों में अक्षय

दिसंबर की उस सर्द भरी रात में किसी ने पीछे से आकर पीठ पर एक जोरदार हाथ मारा। पीछे पलटकर देखा तो एक छह फुट…

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विविधा तब का और अब का भारत—एक अवलोकन

तब का और अब का भारत—एक अवलोकन

जेरेमी सीब्रुक अनुवाद—गंगानन्द झा तीस साल पहले जिस भारत  को मैं गया था, वह आज के भारत से बिलकुल अलग मुल्क था। विदेशी के जेहन…

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धर्म-अध्यात्म दलित स्त्रियों के उत्थान में महर्षि दयानन्द का योगदान

दलित स्त्रियों के उत्थान में महर्षि दयानन्द का योगदान

महर्षि दयानन्द ने अपने जीवनकाल में देश में सर्वांगीण क्रान्ति की थी। वर्णाश्रम व्यवस्था में आये प्रदुषण को उन्होंने दूर किया। उन्होंने समाज में व्यवहृत…

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धर्म-अध्यात्म दक्षिण भारत के संत (11) सन्त  रामानुजाचार्य

दक्षिण भारत के संत (11) सन्त रामानुजाचार्य

बी एन गोयल भक्ति, आस्था और अध्यात्म भारतीय मनीषा के स्थायी भाव हैं। भक्ति का समारंभ कब तथा कैसे हुआ, इस बारे में विद्वानों में…

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विविधा विनाश की ओर बढ़ती मानवता

विनाश की ओर बढ़ती मानवता

11 तारीख को मनाए जाने वाले विश्व जनसंख्या दिवस पर अनिल कुमार पाण्डेय विश्व जनसंख्या दिवस कोई साधारण दिवस नहीं, बल्कि सयुंक्त राष्ट्र संघ द्वारा…

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जरूर पढ़ें आचार्य शंकर का  ऐतिहासिक योगदान

आचार्य शंकर का ऐतिहासिक योगदान

—– डॉ. मधुसूदन (एक ) “हिमालय का प्रवास” पुस्तक। “हिमालय नो (का) प्रवास” नामक गुजराती पुस्तक के लेखक, काका कालेलकर के, आदि-शंकराचार्य की प्रशंसा में…

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विविधा व्यापमं बनाम यमराज

व्यापमं बनाम यमराज

गंगा प्रसाद मरते पत्रकार… निडर होते अपराधी हर रोज कही ना कही कोई ना कोई और किसी ना किसी की डोर टूट ही जाती है…जमाने…

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जन-जागरण विवेकशील बुद्धि से मिलती है सफलता

विवेकशील बुद्धि से मिलती है सफलता

अभिषेक कांत पाण्डेय विवेक से आशय यह है कि जब हम किसी गंभीर विषय पर निर्णय लेते हैं, तो दो बात सामने आती है कि…

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राजनीति अच्छे दिन की कल्पना और सामाजिक विद्रूपताएं

अच्छे दिन की कल्पना और सामाजिक विद्रूपताएं

घनश्याम भारतीय- प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेन्द्र मोदी ने जिस अच्छे दिन की कल्पना की थी और देश वासियों को उसके सपने दिखाये थे उन्हें…

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विविधा जीवन का पुनर्मूल्यांकन और जर्जर समाज

जीवन का पुनर्मूल्यांकन और जर्जर समाज

घनश्याम भारतीय भारत गांवो का देश है, क्योंकि देश की अधिकांश आबादी गांवो में बसती है। इसलिए गांवो और ग्रामीणो की दशा सुधारने के लिए…

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टॉप स्टोरी नौकरी के लालच में मौत का सबब बना व्यापम

नौकरी के लालच में मौत का सबब बना व्यापम

  प्रमोद भार्गव व्यापम यानी मध्यप्रदेश का ऐसा व्यावसायिक परीक्षा मंडल जो शिक्षित बेरोजगारों की स्थायी आजीविका का आधार तो नहीं बन पाया,लेकिन दर्जनों मौतों…

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जन-जागरण तिब्बत पर मुखर होने का समय

तिब्बत पर मुखर होने का समय

अरविंद जयतिलक   पिछले दिनों चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर स्थिति स्पष्ट करने के भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव को खारिज कर एक…

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