परिचर्चा हरि व्यापक सर्वत्र समाना, प्रेम ते प्रकट होहिं मैं जाना

हरि व्यापक सर्वत्र समाना, प्रेम ते प्रकट होहिं मैं जाना

-संतोष कुमार त्रिपाठी-        मैं विवेकानंद का पुनर्जन्म और इस जन्म में कल्कि अवतार हूँ। नोस्त्रेदामस की भविष्यवाणियों का चंद्रमा नामक भारतीय और एंटी क्राइस्ट…

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विविधा हरिवंश बाबा

हरिवंश बाबा

(एक संस्मरण) हरिवंश बाबा मेरे अपने बाबा के परम मित्र थे। मेरे बाबा को मेरे बाबूजी के रूप में एक ही संतान थी; हरिवंश बाबा…

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विश्ववार्ता म्यांमार में सैनिक अभियान से पाक में भय और बेचैनी का आलम

म्यांमार में सैनिक अभियान से पाक में भय और बेचैनी का आलम

-अशोक “प्रवृद्ध”-   चोरी-छुपे छद्म रूप से घात लगाकर मणिपुर के चंदेल जिले में भारतीय सेना के अठारह जवानों की हत्या करने वाले आतंकवादियों का…

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गजल नज़्म

नज़्म

-राघवेन्द्र कुमार “राघव”- किसी की तासीर है तबस्सुम, किसी की तबस्सुम को हम तरसते हैं । है बड़ा असरार ये, आख़िर ऐसा क्या है इस…

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जरूर पढ़ें योग के बल पर कैंसर पर विजय

योग के बल पर कैंसर पर विजय

अनुवादक: डॉ. मधुसूदन सकाल (सकार)वृत्तसेवा, सोमवार, २२ जून २०१५ कोल्हापूर- योगद्वारा केवल मनः शांति ही नहीं; पर कैंसर जैसे गंभीर रोग पर भी विजय प्राप्त…

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जन-जागरण अब आ गया आम का आनंद

अब आ गया आम का आनंद

मृत्युंजय दीक्षित   ऋतुओं के देश भारत की विशेषता है कि यहां पर हर ऋतु के अनुकूल फल प्रकृति उपलब्ध कराती है। गर्मी में आवश्यकता…

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कला-संस्कृति गोरी-काली नस्लों में बंटता अमेरिका

गोरी-काली नस्लों में बंटता अमेरिका

प्रमोद भार्गव   अमेरिका में निरंतर नस्लीय हिंसा से जुड़ी निर्मम वारदातें सामने आ रही हैं। दक्षिण केरौलिना के चार्ल्सटन शहर में अश्वेतों के ऐतिहासिक…

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खेत-खलिहान लंगड़ा आम का नामकरण कथा

लंगड़ा आम का नामकरण कथा

अशोक “प्रवृद्ध” यूँ तो प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र बनारस आज भी बहुत-सी चीजों के लिए लोकप्रिय है, मशहूर है, तथापि जिस चीज…

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आर्थिकी आमूल-चूल परिवर्तन से पूरा होगा सबके लिए घर का सपना

आमूल-चूल परिवर्तन से पूरा होगा सबके लिए घर का सपना

-सिद्धार्थ शंकर गौतम- हाल ही में मोदी कैबिनेट ने सभी के लिए घर योजना को मंजूरी दे दी है जिसमें शहरी गरीबों तथा कम आय…

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परिचर्चा इन ‘ललितों’ का तो एेसा ही है…!

इन ‘ललितों’ का तो एेसा ही है…!

-तारकेश कुमार ओझा- उन दिनों किसी अखबार में पत्रकार होना आइएएस – आइपीएस होने से किसी मायने में कम महत्वपूर्ण नहीं था। तब किसी भी…

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गजल रहते हुए भी हो कहां

रहते हुए भी हो कहां

-गोपाल बघेल ‘मधु’- (मधुगीति १५०६२१) रहते हुए भी हो कहाँ, तुम जहान में दिखते कहाँ; देही यहाँ बातें यहाँ, पर सूक्ष्म मन रहते वहाँ ।…

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विविधा हिण्डन-यमुना-गंगा नदी पंचायत निर्णय

हिण्डन-यमुना-गंगा नदी पंचायत निर्णय

-अरुण तिवारी-   1. संदर्भ: गंगा के प्रवाह में प्रदूषित पानी की आवक औसतन 700 क्युसेक है; जबकि यदि पूरी क्षमता के साथ वर्षा जल…

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