परिचर्चा धार्मिक परिवेश का एक सच ऐसा भी

धार्मिक परिवेश का एक सच ऐसा भी

-गंगानंद झा- मैं समझता था कि मेरी चेतना में  मुसलमानों की पहचान समझे जाने वाले प्रतीकों के विरुद्ध कोई पूर्वाग्रह नहीं था । पर सीवान…

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राजनीति 2017 यूपी चुनावों में मुश्किल है सपा की राह

2017 यूपी चुनावों में मुश्किल है सपा की राह

-मदन तिवारी- उत्‍तर प्रदेश की राजनीति में सत्‍ता पर काबिज हुए समाजवादी पार्टी को तकरीबन तीन वर्षों से ज्‍यादा का वक्‍त बीत चुका है। फरवरी…

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जरूर पढ़ें पेट में घुलता ज़हर

पेट में घुलता ज़हर

-अनुराग सिंह शेखर- नेस्ले के अतिलोकप्रिय उत्पाद मैगी में जब लेड 2.5 पीपीएम (पार्टिकल पर मिलियन) से अधिक व सोडियम ग्लूटामेट भी निर्धारित मात्रा से अधिक…

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राजनीति म्यांमार ऑपरेशन के दूरगामी परिणाम

म्यांमार ऑपरेशन के दूरगामी परिणाम

  मणिपुर में सेना पर आंतकी हमले के बाद भारत सरकार ने आतंकियों को मुंहतोड़ उत्तर देने की जो रणनीति अपनाई है,उससे देश की जनता…

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राजनीति छाती न पीटे, अपना घर संभाले भाजपा

छाती न पीटे, अपना घर संभाले भाजपा

जदयू-राजद गठबंधन-3 रंजीत रंजन सिंह जदयू-राजद गठबंधन को चाल, चरित्र और चेहरा की बात करनेवाली पार्टी भाजपा पचा नहीं पा रही है। लालू प्रसाद और…

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राजनीति जनता को भरोसे में लेने की चुनौती

जनता को भरोसे में लेने की चुनौती

लालू प्रसाद यादव ने नीतीश के नेतृत्व में साथ मिलकर चुनाव लड़ने की हामी भर दी है। यह दीगर है कि उन्होंने यह निर्णय मन…

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राजनीति प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक बाग्लांदेश यात्रा

प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक बाग्लांदेश यात्रा

मृत्युंजय दीक्षित विगत 6 व 7 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश यात्रा कई मायने में ऐतिहासिक व सफल कही जा सकती है। पीएम…

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राजनीति तेलंगाना विधान परिषद् का कैश फॉर वोट प्रकरण

तेलंगाना विधान परिषद् का कैश फॉर वोट प्रकरण

नोट के बदले वोट प्रमोद भार्गव तेलगांना विधान परिषद् के चुनाव में नोट देकर वोट खरीदने का मामला गहराता जा रहा है। तेलुगू देशम् पार्टी…

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कविता आज  भी न बरसे  कारे कारे  बदरा

आज भी न बरसे कारे कारे बदरा

-श्रीराम तिवारी- आज  भी न बरसे  कारे कारे  बदरा,  आषाढ़ के दिन सब सूखे बीते जावे हैं । अरब की खाड़ी से न आगे  बढ़ा मानसून ,  बनिया बक्काल दाम दुगने  बढ़ावे  है। वक्त पै  बरस  जाएँ…

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खेत-खलिहान किसान और मनरेगा अधिनियम

किसान और मनरेगा अधिनियम

–अशोक “प्रवृद्ध”- गोंदल सिंह गाँव का एक लघु कृषक था और अपने गाँव में रहकर खेती एवं पशुपालन करते हुए अपनी आजीविका मजे में चला…

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व्यंग्य व्यंग्य बाण : मिलावट के लिए खेद है

व्यंग्य बाण : मिलावट के लिए खेद है

–विजय कुमार- गरमी में इन्सान तो क्या, पेड़–पौधे और पशु–पक्षियों का भी बुरा हाल हो जाता है। शर्मा जी भी इसके अपवाद नहीं हैं। कल…

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धर्म-अध्यात्म वेदों के नासदीय-सूक्त में सिद्धान्त रूप में सृष्टि की प्रलय व उत्पत्ति का वर्णन है

वेदों के नासदीय-सूक्त में सिद्धान्त रूप में सृष्टि की प्रलय व उत्पत्ति का वर्णन है

–मनमोहन कुमार आर्य- ऋग्वेद के मण्डल 10 सूक्त 129 को नासदीय–सूक्त कहते हैं। इस सूक्त में सृष्टि की उत्पत्ति होने से पूर्व आकाश की अन्धकाररूप…

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