जादूगरी जो जानते
Updated: June 2, 2015
-गोपाल बघेल ‘मधु’- (मधुगीति १५०५२६-५) जादूगरी जो जानते, स्मित नयन बस ताकते; जग की हक़ीक़त जानते, बिन बोलते से डोलते। सब कर्म अपने कर रहे,…
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प्रमाणित करता हूं कि मैं आम आदमी हूं…!
Updated: June 2, 2015
-तारकेश कुमार ओझा- कहते हैं गंगा कभी अपने पास कुछ नहीं रखती। जो कुछ भी उसे अर्पण किया जाता है वह उसे वापस कर देती…
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एक आफिस ऐसा भी (भाग-2)
Updated: June 2, 2015
-रवि विनोद श्रीवास्तव- आप ने पहले भाग में पढ़ा था कि आफिस की तरक्की कैसे हुई? कर्मचारी के साथ बॉस का हाव- भाव अलग था। हर…
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ये कैसी इंसानियत ?
Updated: June 2, 2015
-रवि श्रीवास्तव- देश के राज्यों में एक उत्तराखण्ड़ जिसे देवभूमि कहा जाता है। 2013 में आई इस देवभूमि में प्राकृतिक आपदा ने पूरे संसार के लोगों की रूह…
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मानसून की अस्थिरता से बढ़ता सूखे का खतरा
Updated: June 2, 2015
-सिद्धार्थ शंकर गौतम- देश में भीषण गर्मी का दौर जारी है। एक ओर सूरज जहां आग बरसा रहा है वहीं मानसून को लेकर मायूसी बढ़ती…
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ढहता किला परेशान गांधी परिवार
Updated: June 2, 2015
-सत्यव्रत त्रिपाठी- भारतीय जनमानस में एक कहावत सदियों से कही जाती है, जो गरजते हैं वो बरसते नहीं ! अब अगर हम इसे भारतीय राजनीती…
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क्रीमीलेयर एक धोखा है- अजा एवं अजजा वर्गों में क्रीमीलेयर सम्भव नहीं!
Updated: June 2, 2015
-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’- मोहनदास कर्मचन्द गांधी द्वारा देश के सभी वंचित वर्गों को हमेशा के लिये पंगू बनाये रखने के लिये जबरन थोपे गये…
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यूं धुएं में न उड़ाओ जिंदगी यारो
Updated: May 31, 2015
-अरुण तिवारी- तंबाकू नशा है और इसे इस्तेमाल करने वाले – नशेड़ी! संभव है यह संबोधन तंबाकू खाने वालों को बुरा लगे, लेकिन समय का…
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आधे-अधूरे सच के मायने
Updated: May 31, 2015
-वीरेन्द्र सिंह परिहार- 16 फरवरी 2011 को प्रधानमंत्री रहते हुए मनमोहन सिंह ने कहा था -‘गठबंधन सरकारों की गई मजबूरियां होती है, जिसके कारण कई…
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आप क्यों चाहते हैं कि विरोधी भी करें मोदी-मोदी!
Updated: May 31, 2015
-संजय द्विवेदी- -भाजपा सरकार को राजनीतिक विरोधियों की आलोचना से घबराने की जरूरत नहीं- भारतीय जनता पार्टी और उसकी सरकार इन दिनों इस बात के…
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सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की आधारशिला पर खड़ा होता भारत
Updated: May 31, 2015
-डा.सौरभ मालवीय- “राष्ट्र सर्वोपरि” यह कहते नहीं बल्कि उसे जीते है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। पिछले कुछ दशकों में भारतीय जनमानस का…
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मनुष्य समाज के लिए हानिकारक फलित ज्योतिष और महर्षि दयानन्द
Updated: May 31, 2015
–मनमोहन कुमार आर्य- सृष्टि का आधार कर्म है। ईश्वर, जीवात्मा एवं प्रकृति तीन अनादि, नित्य और अविनाशी सत्तायें हैं। सृष्टि प्रवाह से अनादि है परन्तु…
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