कविता जादूगरी जो जानते

जादूगरी जो जानते

-गोपाल बघेल ‘मधु’- (मधुगीति १५०५२६-५) जादूगरी जो जानते, स्मित नयन बस ताकते; जग की हक़ीक़त जानते, बिन बोलते से डोलते। सब कर्म अपने कर रहे,…

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व्यंग्य प्रमाणित करता हूं कि मैं आम आदमी हूं…!

प्रमाणित करता हूं कि मैं आम आदमी हूं…!

-तारकेश कुमार ओझा- कहते हैं गंगा कभी अपने पास कुछ नहीं रखती। जो कुछ भी उसे अर्पण किया जाता है वह उसे वापस कर देती…

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विविधा एक आफिस ऐसा भी (भाग-2)

एक आफिस ऐसा भी (भाग-2)

-रवि विनोद श्रीवास्तव- आप ने पहले भाग में पढ़ा था कि आफिस की तरक्की कैसे हुई?  कर्मचारी के साथ बॉस का हाव- भाव अलग था। हर…

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विविधा ये कैसी इंसानियत ?

ये कैसी इंसानियत ?

-रवि श्रीवास्तव- देश के राज्यों में एक उत्तराखण्ड़ जिसे देवभूमि कहा जाता है।  2013 में आई इस देवभूमि में प्राकृतिक आपदा ने पूरे संसार के लोगों की रूह…

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जन-जागरण मानसून की अस्थिरता से बढ़ता सूखे का खतरा

मानसून की अस्थिरता से बढ़ता सूखे का खतरा

-सिद्धार्थ शंकर गौतम- देश में भीषण गर्मी का दौर जारी है। एक ओर सूरज जहां आग बरसा रहा है वहीं मानसून को लेकर मायूसी बढ़ती…

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राजनीति ढहता किला परेशान गांधी परिवार

ढहता किला परेशान गांधी परिवार

-सत्यव्रत त्रिपाठी- भारतीय जनमानस में एक कहावत सदियों से कही जाती है, जो गरजते हैं वो बरसते नहीं ! अब अगर हम इसे भारतीय राजनीती…

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महत्वपूर्ण लेख क्रीमीलेयर एक धोखा है- अजा एवं अजजा वर्गों में क्रीमीलेयर सम्भव नहीं!

क्रीमीलेयर एक धोखा है- अजा एवं अजजा वर्गों में क्रीमीलेयर सम्भव नहीं!

-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’- मोहनदास कर्मचन्द गांधी द्वारा देश के सभी वंचित वर्गों को हमेशा के लिये पंगू बनाये रखने के लिये जबरन थोपे गये…

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जन-जागरण यूं धुएं में न उड़ाओ जिंदगी यारो

यूं धुएं में न उड़ाओ जिंदगी यारो

-अरुण तिवारी- तंबाकू नशा है और इसे इस्तेमाल करने वाले – नशेड़ी! संभव है यह संबोधन तंबाकू खाने वालों को बुरा लगे, लेकिन समय का…

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राजनीति आधे-अधूरे सच के मायने

आधे-अधूरे सच के मायने

-वीरेन्द्र सिंह परिहार- 16 फरवरी 2011 को प्रधानमंत्री रहते हुए मनमोहन सिंह ने कहा था -‘गठबंधन सरकारों की गई मजबूरियां होती है, जिसके कारण कई…

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जरूर पढ़ें आप क्यों चाहते हैं कि विरोधी भी करें मोदी-मोदी!

आप क्यों चाहते हैं कि विरोधी भी करें मोदी-मोदी!

-संजय द्विवेदी- -भाजपा सरकार को राजनीतिक विरोधियों की आलोचना से घबराने की जरूरत नहीं- भारतीय जनता पार्टी और उसकी सरकार इन दिनों इस बात के…

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परिचर्चा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की आधारशिला पर खड़ा होता भारत

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की आधारशिला पर खड़ा होता भारत

-डा.सौरभ मालवीय-          “राष्ट्र सर्वोपरि” यह कहते नहीं बल्कि उसे जीते है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। पिछले कुछ दशकों में भारतीय जनमानस का…

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धर्म-अध्यात्म मनुष्य समाज के लिए हानिकारक फलित ज्योतिष और महर्षि दयानन्द

मनुष्य समाज के लिए हानिकारक फलित ज्योतिष और महर्षि दयानन्द

–मनमोहन कुमार आर्य-  सृष्टि का आधार कर्म है। ईश्वर, जीवात्मा एवं प्रकृति तीन अनादि, नित्य और अविनाशी सत्तायें हैं। सृष्टि प्रवाह से अनादि है परन्तु…

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