राजनीति जनता परिवार के विलय के बाद भी संशय बरकरार

जनता परिवार के विलय के बाद भी संशय बरकरार

निर्भय कर्ण अपने आप को समाजवाद का अग्रदूत मानने वाले जदयू, राजद, सपा, इनेलो, जेडीएस एवं एसजेपी के बीच महाविलय की बातें 2014 में हुए…

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विविधा डॉ० अम्बेडकर : धर्मान्तरण तथा हिन्दुस्तान की एकता और अखण्डता

डॉ० अम्बेडकर : धर्मान्तरण तथा हिन्दुस्तान की एकता और अखण्डता

  गुंजेश गौतम झा महात्मा बुद्ध के बाद यदि किसी महापुरूष ने धर्म, समाज, राजनीति और आर्थिक धरातल पर सामाजिक क्रांति से साक्षात्कार कराने का…

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धर्म-अध्यात्म जीव, ईश्वर तथा महर्षि दयानन्द

जीव, ईश्वर तथा महर्षि दयानन्द

मनमोहन कुमार आर्य संसार में दो प्रकार के पदार्थ हैं, एक चेतन पदार्थ है एवं दूसरे जड़ पदार्थ, जो चेतन पदार्थों के गुणों के सर्वथा…

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राजनीति जनता परिवार: उदय, पतन और विलय

जनता परिवार: उदय, पतन और विलय

90 के दशक से भारतीय राजनीति थ्रड फ्रंट यानी तीसरे मोर्चे का गवाह बनती आ रही है..मगर देशभर में मोदी लहर का विकल्प खोजने और…

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विविधा हिन्दुस्तान के रूह को तलाशती फिल्म “धरम संकट में”

हिन्दुस्तान के रूह को तलाशती फिल्म “धरम संकट में”

जावेद अनीस   भारत एक धर्मान्ध देश है,यहाँ धार्मिक जीवन को बहुत गंभीरता से स्वीकार किया जाता है, लेकिन भारतीय समाज की सबसे बड़ी खासियत…

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धर्म-अध्यात्म यशोदानंदन-४३

यशोदानंदन-४३

नन्द बाबा ने ब्रह्मास्त्र चला ही दिया। सारे संसार को समझाना आसान था लेकिन मैया को? बाप रे बाप! वे तो अपनी सहमति कदापि नहीं…

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विविधा कितनी निरापद है परमाणु ऊर्जा ?

कितनी निरापद है परमाणु ऊर्जा ?

शैलेन्द्र चौहान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति ओलांद की मुलाकात में भारत में 6 परमाणु सयंत्र शुरू करने के लिए समझौता हुआ है। भारत ने परमाणु…

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महिला-जगत रूढिय़ों से मुक्त करेंगी हमारी बेटियां

रूढिय़ों से मुक्त करेंगी हमारी बेटियां

मनोज कुमार भारतीय उत्सव एवं तीज-त्योहारों में एक प्रमुख और शुभ दिन यूं तो अक्षय तृतीया को माना गया है किन्तु यह दिन भारतीय समाज…

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विविधा आज आंबेडकर से घृणा क्यों ?

आज आंबेडकर से घृणा क्यों ?

  आज 14 अप्रैल है | आम्बेडकर साहब का जन्मदिन | वो पुष्प जो जमीन पर उगा और फकत आसमान पर खिला | जिसने लाख…

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कविता स्त्री

स्त्री

स्त्री होना, एक सहज सा अनुभव है क्यों, क्या क्या वो सब है कुछ नहीं नारी के रूप को सुन, गुन मैं संतुष्ट नहीं था…

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व्यंग्य मीडिया में माफी और मार….!!​

मीडिया में माफी और मार….!!​

तारकेश कुमार ओझा  सचमुच मीडिया से माननीयों का रिश्ता भी बड़ा अजीब है। मीडिया को ले हमारे  माननीयों का रवैया न  निगलते बने न उगलते…

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शख्सियत बाबा साहेब से बोधिसत्व और महात्मा से गांधी

बाबा साहेब से बोधिसत्व और महात्मा से गांधी

हिन्दू समाहित जाति व्यवस्था को लेकर बोधिसत्व बाबा साहेब का जिस प्रकार का मुखर विरोध रहा वह किसी से छुपा नहीं है और यह विरोध…

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