जरूर पढ़ें ‘आप’ को भी समझदार नहीं, वफादार चाहिए

‘आप’ को भी समझदार नहीं, वफादार चाहिए

-निर्मल रानी- हाईकमान कल्चर अथवा व्यक्तिगत् नेतृत्व पर आधारित राजनैतक दलों में प्राय: यह देखा गया है कि पार्टी प्रमुखों को शिक्षित, ज्ञानवान, विचारवान अथवा…

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जरूर पढ़ें मानवीयता पर राजनीति हावी…

मानवीयता पर राजनीति हावी…

-नरेश भारतीय- आआपा के अरविन्द केजरीवाल स्वयं को किसानों का हितचिन्तक सिद्ध करने के लिए अपने राज्य दिल्ली में एक जनसभा को सम्बोधित कर रहे…

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धर्म-अध्यात्म यशोदानंदन-५१

यशोदानंदन-५१

-विपिन किशोर सिन्हा- “हे नन्दलाल! हे श्रीकृष्ण-बलराम! तुम दोनों आदरणीय वीर हो। हमें महाराज द्वारा ज्ञात हुआ है कि तुम दोनों मल्ल-उद्ध में निपुण हो।…

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चिंतन क्या ईश्वर है ?

क्या ईश्वर है ?

–मन मोहन आर्य– क्या ईश्वर है, है या नहीं? इस युक्ति व तर्क से देखते हैं कि यथार्थ स्थिति क्या है? इससे पूर्व कि ईश्वर…

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परिचर्चा गर्भ में शिक्षाः कृत्रिम बौद्धिकता के बढ़ते खतरे ?

गर्भ में शिक्षाः कृत्रिम बौद्धिकता के बढ़ते खतरे ?

-प्रमोद भार्गव- संदर्भः कोख में पल रहे शिशु को शिक्षा देने की पहला के निहितार्थः- पिछले कुछ दिनों से मां के गर्भ में विकसित हो…

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जरूर पढ़ें ये सिसासत है, अभी बहुतों की जान लेगी

ये सिसासत है, अभी बहुतों की जान लेगी

-कुमार सुशांत- आम आदमी पार्टी द्बारा भूमि अधिग्रहण बिल के विरोध में बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित किसान रैली में राजस्थान से आए एक…

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चिंतन आओ चलें, जीवन के प्रश्नों का डटकर सामना करें 

आओ चलें, जीवन के प्रश्नों का डटकर सामना करें 

-ललित गर्ग- एक सफल और सार्थक जिंदगी जीने के लिए मनुष्य के पास उन रास्तों का ज्ञान होना बहुत जरूरी है जो उसे अपने लक्ष्य…

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जन-जागरण यह लोकतंत्र नहीं, यह तो ‘शोकतंत्र’ है

यह लोकतंत्र नहीं, यह तो ‘शोकतंत्र’ है

-राकेश कुमार आर्य- लोकतंत्र को सभी शासन प्रणालियों में सर्वोत्तम शासन प्रणाली के रूप में दर्शित किया जाता है। वैसे लोकतंत्र का अर्थ लोक की…

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महत्वपूर्ण लेख टेहर नरेश हरिसिंह ने मनवाया सुल्तानों सेे अपनी वीरता का लोहा

टेहर नरेश हरिसिंह ने मनवाया सुल्तानों सेे अपनी वीरता का लोहा

-राकेश कुमार आर्य- स्वतंत्रता, हमारी सांस्कृतिक धरोहर अग्नि का स्वाभाविक गुण (धर्म) जलाना है, इसलिए अग्नि से किसी को ये कहना नही पड़ता कि-‘हे, अग्निदेवता! …

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विविधा जिन्हें पाकर पुरस्कार मुस्कुराया 

जिन्हें पाकर पुरस्कार मुस्कुराया 

-अनिल द्विवेदी- साल 2000 के फरवरी माह का कोई दिन था। श्वेत-धवल वस्त्रों में लिपटी गौरवर्ण की काया, वात्सल्यमयी मुस्कान लिए विद्वान संपादक के समक्ष…

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कविता नेता  चालीसा

नेता  चालीसा

-रवि श्रीवास्तव- जय जय भारत देश के नेता       तुम्हरी  चालाकी से न कोई जीता तुम हो देश के भाग्य विधाता ,     देश को लूटना तुमको आता…

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आर्थिकी गैस की खैरात बनाम संसदीय राजनीति की साख…

गैस की खैरात बनाम संसदीय राजनीति की साख…

-डॉ. अजय खेमरिया- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर एलपीजी सब्सिडी छोड़ने का असर देश भर में दिखायी दे रहा है. 31 मार्च 2015 तक…

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