राजनीति ज्यादा जोगी मठ उजाड़न

ज्यादा जोगी मठ उजाड़न

-आलोक कुमार- बिहार भाजपा की प्रदेश इकाई कैसे अंतर्विरोधों, अंतर्कलह व गुटबाजी से जूझ रही है , इसका जिक्र मैं लोकसभा चुनावों के पहले से…

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जरूर पढ़ें साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की इस हालत का ज़िम्मेदार कौन है

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की इस हालत का ज़िम्मेदार कौन है

-डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री- साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को मालेगांव बम विस्फोट मामले में सरकार ने तब गिरफ़्तार किया था जब सरकार ने नीति के…

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जन-जागरण तालिबानी फरमान- आस्था लहूलुहान

तालिबानी फरमान- आस्था लहूलुहान

-निर्मल रानी – भय-भूख और भ्रष्टाचार से जूझने वाला हमारा देश भारतवर्ष इन दिनों अपनी मूल समस्याओं से निपटने के बजाए फिऱक़ापरस्ती, धार्मिक उन्माद तथा धार्मिक आस्था…

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जरूर पढ़ें लव जिहाद सोची समझी साजिश

लव जिहाद सोची समझी साजिश

-सुरेश हिन्दुस्थानी- लोग कत्ल करते हैं तो चर्चा नहीं होती, हम आह भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम। भारत देश में लव जिहाद को…

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टॉप स्टोरी ऐसे नहीं मानने वाला पाक

ऐसे नहीं मानने वाला पाक

-प्रवीण दुबे- इसे युद्ध विराम कहा जाए या फिर सीधे-सीधे युद्ध, कुछ लोग एक और शब्द का इस्तेमाल भी कर रहे हैं, वह है छद्म…

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राजनीति क्या परंपरा बनेगी हूटिंग

क्या परंपरा बनेगी हूटिंग

-प्रमोद भार्गव- प्रधानमंत्री के किसी भी सरकारी आयोजन में संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री का हाजिर रहना लोकतांत्रिक शिष्टाचार और अतिथि के सम्मान के तहत जरूरी…

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परिचर्चा लगा दो आग इस चीलमन में !

लगा दो आग इस चीलमन में !

-फखरे आलम- लगा दो आग इस चीलमन में, के न तुम झांको, न में झांकूं! हिन्दी हैं हम वतन हैं हिन्दुस्तान हमारा। हम हिन्दी हैं।…

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परिचर्चा आज़ादी ?

आज़ादी ?

-प्रियंका सिंह- बीते माह हम सभी ने अपना 68वां स्वतंत्रता दिवस मनाया है और हर बार की तरह इस बार भी देश-भक्ति के गीत गाते-गुनगुनाते…

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जरूर पढ़ें हमारी समृद्ध नामावली

हमारी समृद्ध नामावली

-डॉ. मधुसूदन- (एक) देववाणी का विशाल सागर: देववाणी के विशाल सागर को, बुद्धि की क्षुद्र गगरी में भरना, सर्वथा असंभव ! पर, उसके विशाल सागर…

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कला-संस्कृति अस्पृश्यता – सामाजिक विकृति 

अस्पृश्यता – सामाजिक विकृति 

-राजीव गुप्ता- भारत एक प्राचीन देश है. यहां की सभ्यता – संस्कृति अपेक्षाकृत अत्यंत पुरानी है. साथ ही प्रकृति सम्मत होने के कारण भारत का…

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कविता जीवन का मोड़

जीवन का मोड़

–राघवेन्द्र कुमार “राघव”- ये जीवन का कौन सा मोड़ है, जहाँ मार्ग में ही ठहराव है। दिखते कुछ हैं करते कुछ हैं लोग, यहाँ तो…

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कला-संस्कृति महर्षि दयानन्द की यथार्थ जन्मतिथि और इससे जुड़े कुछ प्रकरण

महर्षि दयानन्द की यथार्थ जन्मतिथि और इससे जुड़े कुछ प्रकरण

-मनमोहन कुमार आर्य- महर्षि दयानन्द की यथार्थ जन्मतिथि 12 फरवरी सन् 1825 है। इस दिन शनिवार था। हिन्दी तिथि के अनुसार इस दिन फाल्गुन मास…

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