राजनीति आखिर यूपी बिहार ही क्यों?

आखिर यूपी बिहार ही क्यों?

-रवि श्रीवास्तव- भारत के अखण्डता का प्रतीक माना जाता है। यहां हर धर्म जाति के लोग बड़ी खुशी से रहते हैं। इन सभी धर्मों के…

Read more
राजनीति जासूसी पर अनावश्यक वितंडा

जासूसी पर अनावश्यक वितंडा

-अरविंद जयतिलक- समझ से परे है कि जब केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने स्पष्ट रूप से इंकार कर दिया है कि उनके आवास…

Read more
राजनीति राजनीति के हमाम में सारे ‘ नंग-धड़ंग संग हैं ’

राजनीति के हमाम में सारे ‘ नंग-धड़ंग संग हैं ’

-आलोक कुमार- आजादी के 67 सालों पश्चात हमारे देश में कितना कुछ बदल गया है, समाज, विचार, रहन-सहन, आबोहवा, राजनीति सभी में बदलाव आया है। बस, नहीं बदला, तो हमारे जनप्रतिनिधियों…

Read more
कविता लहू तो एक रंग है

लहू तो एक रंग है

-रवि श्रीवास्तव- लहू तो एक रंग है, आपस में एक दूसरे से, हो रही क्यों जंग है ? लहू तो एक रंग है, लहू तो…

Read more
परिचर्चा मीडिया का बदलता स्वरूप

मीडिया का बदलता स्वरूप

-अंशु शरण- तह-दर-तह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मौजूद लोगों की नियति सामने आ रही है, मीडिया ने इस आम चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुये अपनी…

Read more
व्यंग्य किसकी आवाज़ बिकाऊ नहीं यहां

किसकी आवाज़ बिकाऊ नहीं यहां

-अंशु शरण- 1.  अवसरवाद लोकतन्त्र स्थापना के लिए वो हमेशा से ऐसे लड़ें, कि उखड़े न पाये सामंतवाद की जड़ें, इसलिए तो लोकतंत्र के हर…

Read more
परिचर्चा इस्लाम पर छाए संकट के काले बादल

इस्लाम पर छाए संकट के काले बादल

-तनवीर जाफ़री- पिछले दिनों इस्लाम धर्म का सबसे खुशियों भरा प्रसिद्ध,पवित्र व लोकप्रिय त्यौहार ईद-उल-फ़ितर पूरे विश्व में मनाया गया। परंतु इस बार की ईद…

Read more
टॉप स्टोरी कांग्रेस को कितना नुकसान पहुंचाएगा नटवर का किताबी बम

कांग्रेस को कितना नुकसान पहुंचाएगा नटवर का किताबी बम

-सिद्धार्थ शंकर गौतम- कांग्रेस के पूर्व कद्दावर नेता, पूर्व राजनयिक और पूर्व केंद्रीय मंत्री के. नटवर सिंह अपनी किताब वन लाइफ इज नॉट एनफ को…

Read more
कला-संस्कृति क्या भारत में विधवा को सती करने की प्रथा थी ?

क्या भारत में विधवा को सती करने की प्रथा थी ?

-शिवेश प्रताप- भारत सदा से एक वीरता प्रधान देश रहा है | सिकंदर की सेना के रक्त से झेलम के पानी को लाल करने वाली हिदू…

Read more
लेख हिन्दी को न्याय और भारत को स्वत्व की पहचान मिले

हिन्दी को न्याय और भारत को स्वत्व की पहचान मिले

-नरेश भारतीय- हाल में भारत के गृह मंत्रालय ने सरकार और समाज के बीच दूरी को पाटने की क्षमता रखने वाले सामाजिक माध्यम या कथित…

Read more
व्यंग्य वोट देवता जिन्दाबाद

वोट देवता जिन्दाबाद

-विजय कुमार- दिल्ली में ‘नमो सरकार’ बनने से सामाजिक संस्थाओं का रुख भी बदला है। जिस संस्था ने मुझे कभी श्रोता के रूप में बुलाने…

Read more
धर्म-अध्यात्म स्वस्थ मन, स्वस्थ तन और स्वस्थ समाज का द्योतक है ‘नाग पंचमी’

स्वस्थ मन, स्वस्थ तन और स्वस्थ समाज का द्योतक है ‘नाग पंचमी’

-रमेश पाण्डेय- पर्व, त्यौहार और उत्सव दो तरह के होते हैं। शाश्वत और सामयिक। शाश्वत पर्व वे हैं, जो किसी विषय वस्तु विशेष के कारण…

Read more