कविता दूध पीकर, नाग देव प्रसन्न

दूध पीकर, नाग देव प्रसन्न

-पीयूष कुमार द्विवेदी ‘पूतू’- 1.दूध पीकर, नाग देव प्रसन्न, नाग पंचमी। 2.आओ झूलेँगे, द्वारे नीम सखियां, झूला पड़ा है। 3.बहनें सजीँ, गुड़िया जैसी लगें, गुड़िया…

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विविधा जिन्होंने समाज, साहित्य और राष्ट्र को एक नई दिशा दी

जिन्होंने समाज, साहित्य और राष्ट्र को एक नई दिशा दी

-प्रमोद भार्गव- -संदर्भः मैथिलीशरण गुप्त के जन्मदिन 3 अगस्त के लिए विशेष- मैथिलीशरण गुप्त का राष्ट्रीय प्रदेय- मैथिलिशरण गुप्त का समाज,साहित्य और राष्ट्र के लिए…

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टॉप स्टोरी आरएसएस की अंतर्शक्ति: गोवा का भारत विलय और पुर्तगाली प्रतिरोध  

आरएसएस की अंतर्शक्ति: गोवा का भारत विलय और पुर्तगाली प्रतिरोध  

-प्रवीण गुगनानी- -2 अगस्त:दादरा नागर हवेली के भारत विलय दिवस और गोमान्तक सेना पर विशेष- भारत को जिस स्वरुप और जिन भौगोलिक सीमाओं को वर्तमान में…

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कविता मेरी नानी का घर

मेरी नानी का घर

–बीनू भटनागर- बहुत याद आता है कभी, मुझे मेरी नानी का घर, वो बड़ा सा आंगन, वो चौड़े दालान, वो मिट्टी की जालियां, झरोखे और छज़्जे। लकड़ी के तख्त पर  बैठी नानी, चेहरे की झुर्रियाँ, और आँखों की चमक, किनारी वाली सूती साड़ी, और हाथ से पंखा झलना। नानी की रसोई, लकड़ी चूल्हा और फुंकनी, रसोई में गरम गरम रोटी खाना, वो पीतल के बर्तन , वो काँसे की थाली, उड़द की दाल अदरक वाली, देसी घी हींग, ज़ीरे का छौंक, पोदीने की चटनी हरी मिर्च वाली। खेतों से आई ताज़ी सब्ज़ियां, बहुत स्वादिष्ट होता था वो भोजन। आम के बाग़ और खेती ही खेती।…

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कहानी उतर जा…!

उतर जा…!

-क़ैस जौनपुरी- मुंबई की लोकल ट्रेन प्लेटफ़ॉर्म पे रूकी. फ़र्स्ट क्लास के डिब्बे में फ़र्स्ट क्लास वाले आदमी चढ़ गए. फ़र्स्ट क्लास वाली औरतें अपने…

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टॉप स्टोरी फ्रान्सिस डिसूजा ने गलत क्या कहा ?

फ्रान्सिस डिसूजा ने गलत क्या कहा ?

-वीरेन्द्र सिंह परिहार- गोवा के उप मुख्यमंत्री फ्रान्सिस डिसूजा के इस बयान पर कि ‘‘भारत पहले से हिन्दू राष्ट्र है, इसे हिन्दू राष्ट्र बनाने की…

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महत्वपूर्ण लेख अच्छे दिन के निहितार्थ

अच्छे दिन के निहितार्थ

-वीरेन्द्र सिंह परिहार- विरोधी दलों का तो काम ही है, विरोध करना। पर आजकल स्थिति यह है कि जहां देखो, वही आम नागरिक भी मोदी…

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कहानी हर कदम पर बंदिशें

हर कदम पर बंदिशें

-अश्वनी कुमार- जाड़ों का समय है सूरज के किरणों ने समुद्र की कोख में जाने का मन बना लिया है. धीरे-धीरे वह अगले दिन फिर…

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महत्वपूर्ण लेख भ्रष्टाचार का कुम्भ

भ्रष्टाचार का कुम्भ

-सुधीर तालियान- देश की जनता जब उत्तर प्रदेश के कुम्भ मेले में आस्था के समंदर में डुबकी लगा रही थी तब अखिलेश सरकार भ्रष्टाचार के…

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राजनीति भारत में अवतारवादी राजनीति -एक खतरा

भारत में अवतारवादी राजनीति -एक खतरा

-सुधीर तालियान- लोकतंत्र शासन का उच्चतम मानदंड कहा जाता है। यह पद्धति विश्व में अत्यंत स्वीकार्य पद्धति के रूप में विकसित हुई है। भारत एक…

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राजनीति दिल्ली विधान सभा का उप चुनाव

दिल्ली विधान सभा का उप चुनाव

-आर सिंह- दिल्ली में आजकल बहस का एक व्यापक मुद्दा है, दिल्ली विधान सभा का चुनाव कब होगा? तुर्रा यह है कि आआप और भाजपा…

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कविता भ्रष्टाचार है इक मायावी राक्षस 

भ्रष्टाचार है इक मायावी राक्षस 

-रवि श्रीवास्तव- भ्रष्टाचार है इक मायावी राक्षस, बन गया इस देश का भक्षक, हर तरफ है ये तो फैला, लड़ा नहीं जा सकता अकेला, बन…

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