विविधा सीबीआई की बढ़ती ताकत

सीबीआई की बढ़ती ताकत

-अरविंद जयतिलक- यह स्वागतयोग्य है कि देश की शीर्ष अदालत ने दिल्ली स्पेषल पुलिस एस्टेब्लिशमेंट एक्ट (डीएसपीइए) की धारा 6(ए) को असंवैधानिक करार दिया है,…

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विविधा दलित हित के बगैर सामाजिक समरसता असंभव

दलित हित के बगैर सामाजिक समरसता असंभव

-गोपाल प्रसाद- दलितों पर अत्याचार कोई नई बात नहीं है. आए दिन ऐसी घटनाएं पढ़ने/ सुनने को मिलती रहती है की दलित दूल्हे को घोड़ी…

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जन-जागरण 80 करोड़ लोगों के निर्धन रहते देश की प्रगति असंभव

80 करोड़ लोगों के निर्धन रहते देश की प्रगति असंभव

-गोपाल प्रसाद- सर्वसमावेशक विकास की अवधारणा को अमल में लाकर भारतीय नागरिकों की उन्नति करना हमारे देश के समक्ष आज की सबसे बड़ी चुनौती है.…

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राजनीति शाह को क्लीन चिट -बनाम- छद्म सेकुलरों के हाथ से तोते का उड़ाना

शाह को क्लीन चिट -बनाम- छद्म सेकुलरों के हाथ से तोते का उड़ाना

प्रवीण गुगनानी- वर्तमान में चल रहे लोकसभा चुनावों में सीबीआई के इशरत जहां मामले में अमित शाह को क्लीन चिट देने के निर्णय की टाइमिंग…

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कविता गुलमोहर मुझे अच्छा लगने लगा है!

गुलमोहर मुझे अच्छा लगने लगा है!

-प्रवीण गुगनानी- गुलमोहर मुझे अच्छा लगने लगा है! उस दिन जो संगीत था, बड़ा ही मुखर-मुखर सा। उसमें लिखा था वो सन्देश, जिसे मैं पढ़…

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चुनाव विश्‍लेषण नीच राजनीति की पराकाष्ठा के दौर से गुज़रे लोकसभा चुनाव 2014

नीच राजनीति की पराकाष्ठा के दौर से गुज़रे लोकसभा चुनाव 2014

-तनवीर जाफ़री- 16वीं लोकसभा के लिए हुए आम चुनावों के परिणाम जो भी निकलें, परंतु घटिया, ओछी, निम्रस्तरीय, झूठ-फरेब, मक्कारी तथा व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप के जिस…

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कविता ऊसर कटोरी, बंज़र थाली

ऊसर कटोरी, बंज़र थाली

-जावेद उस्मानी- ऊसर कटोरी, बंज़र थाली, बदतर बोली, जैसे गाली। सोचो मत बस बोले जाओ, जैसे भी हो, सत्ता कुंजी पाओ! दिवास्वप्न देखो और दिखलाओ,…

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टॉप स्टोरी चुनाव आयोग की आंखें बन्द क्यों हैं?

चुनाव आयोग की आंखें बन्द क्यों हैं?

-विपिन किशोर सिन्हा- भारत की सबसे चर्चित लोकसभा की सीट से नरेन्द्र मोदी का मुकाबला अरविन्द केजरीवाल से है। एक ओर मोदी के लिये प्रशासन…

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चुनाव विश्‍लेषण कोई जीते, हारेंगे तो राहुल ही

कोई जीते, हारेंगे तो राहुल ही

-सिद्धार्थ शंकर गौतम- अमेठी- उत्तरप्रदेश का संसदीय क्षेत्र अपनी खुद की पहचान से ज़्यादा गांधी-नेहरू परिवार का दूसरा घर| इस कथित दूसरे घर ने इस…

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जरूर पढ़ें बिहार में सुशासनी शोर में दबती नरेगा की कराह

बिहार में सुशासनी शोर में दबती नरेगा की कराह

-आलोक कुमार- बिहार में बेरोजगारों को सौ दिन का रोजगार देने वाली योजना राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (नरेगा) नाकाम साबित हो रही है। इस योजना…

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जन-जागरण बीबीसी चुप ही रहे तो अच्छा है

बीबीसी चुप ही रहे तो अच्छा है

-राकेश कुमार आर्य- भारत प्राचीन काल से ही पन्थनिरपेक्ष देश रहा है। क्योंकि इसकी राज्य व्यवस्था का मूल आधार समग्र समाज की मंगल कामना रही…

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चुनाव दादा ने दिल की सुनी, जवाब आया – ना

दादा ने दिल की सुनी, जवाब आया – ना

-कुमार सुशांत- वर्ष 1998 में मौजूदा भारतीय राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी विदेश मंत्री थे। तमाम आरोपों के बीच सरकार चल रही थी। उसी वर्ष रीडिफ.कॉम ने…

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