परिचर्चा वैज्ञानिक दृष्टिकोण बनेगा विकास का आधार

वैज्ञानिक दृष्टिकोण बनेगा विकास का आधार

-नवनीत कुमार गुप्ता- आधुनिक समय विज्ञान और प्रौद्योगिकी का है। जीवन से जुड़े विभिन्न क्षेत्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से अछूते नहीं है। इसी बात को…

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जरूर पढ़ें बिहार में बिजली संकटः राज्य सरकार की उदासीनता का नतीजा

बिहार में बिजली संकटः राज्य सरकार की उदासीनता का नतीजा

-आलोक कुमार- आज पूरा उत्तर-पूर्व भारत बिजली की संकट से जूझ रहा है, बिहार में भी स्थिति भयावह है स्वाभाविक भी है, क्योंकि बिहार में…

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व्यंग्य दान वही जो दाता बनाए …!

दान वही जो दाता बनाए …!

-तारकेश कुमार ओझा- भारतीय संस्कृति में दान का चाहे जितना ही महत्व हो, लेकिन यह विडंबना ही है कि दान समर्थ की ही शोभा पाती…

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टॉप स्टोरी व्यापक इरादों पर अमल की मुश्किलें

व्यापक इरादों पर अमल की मुश्किलें

-प्रमोद भार्गव- संदर्भः- राष्ट्रपति का अभिभाषण सांसद के संयुक्त राष्ट्र में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने केंद्र की नई सरकार के इरादों, नीतियों और कार्ययोजनाओं का…

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हिंद स्‍वराज वर्धा हिन्दी शब्दकोश के बहाने से हिन्दी के विकास के संबंध में कुछ विचार

वर्धा हिन्दी शब्दकोश के बहाने से हिन्दी के विकास के संबंध में कुछ विचार

-प्रोफेसर महावीर सरन जैन- मैं दस पंद्रह दिन पहले अमेरिका से भारत लौटा तो मेरे अनेक मित्रों ने मुझे टेलिफोन करके यह सूचना दी कि…

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परिचर्चा उपेक्षित बहुसंख्यक समाज का दर्द तो जानो…?

उपेक्षित बहुसंख्यक समाज का दर्द तो जानो…?

-विनय कुमार सर्वोदय- स्वतंत्रता के बाद से विशेषतः पिछले दशक में हिन्दू विरोधी और मुस्लिम हितैषी राजनीति में भारत का बहुसंख्यक समाज जिस तरह से…

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विविधा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बनी ‘चुनौती’

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बनी ‘चुनौती’

रमेश पाण्डेय छह से 14 वर्ष के बच्चों के लिए शिक्षा के अधिकार कानून (आरटीई) को लागू करने पर सर्व शिक्षा अभियान के तहत तीन…

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कविता उदासी

उदासी

-बीनू भटनागर- मन उदास हो तो, चारों दिशायें भी, उदास नज़र आती है। बाहर चिलचिलाती धूप है, पर काले बादल, बारिश के नहीं, उदासी के,…

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जरूर पढ़ें बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बनाने के जि़म्मेदार कौन

बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बनाने के जि़म्मेदार कौन

-निर्मल रानी- अपने बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाना तथा उनके कल्याण के लिए अपने जीवन में हरसंभव कुर्बानियां देना प्रत्येक माता-पिता व बच्चों के…

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राजनीति बिहार के बुरे दिन!

बिहार के बुरे दिन!

-फखरे आलाम- जैसे ही भारत के अच्छे दिन शुरू हुये। इससे पहले ही बिहार के बुरे दिन शुरू हो गए थे। वैसे मेरे जानकारी के…

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कला-संस्कृति वर्तमान में भारतीय संस्कृति पर हिन्दी फिल्मों का बुरा प्रभाव

वर्तमान में भारतीय संस्कृति पर हिन्दी फिल्मों का बुरा प्रभाव

-विकास कुमार- भारतीय संस्कृति पर वर्तमान समय में हिन्दी फिल्मों का बुरा प्रभाव पढ़ रहा हैं| आजकल आने वाली लगभग सभी फिल्मों में हिन्दी फिल्मों…

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विविधा सत्ता मनमानी करे, दुखी प्रजाजन रोय! तो कुर्सी भी इंद्र की, डगमग-डगमग होय।

सत्ता मनमानी करे, दुखी प्रजाजन रोय! तो कुर्सी भी इंद्र की, डगमग-डगमग होय।

-श्रीराम तिवारी- इससे पहले कि ‘हम भारत के जन-गण’- इस चुनावी जीत के आकर्षक- वोटलुभावन नारों के ३५ पेजीय पुलन्दे को ठीक से पढ़ सकें…

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