“… उतरा है सुशासन मुखिया के निवास में”
Updated: April 14, 2014
-आलोक कुमार- पिछले साढ़े आठ सालों के सुशासनी शासन काल में पंचायती राज को दुरुस्त करने का काफी ढिंढोरा पीटा गया, अनेक लोक-लुभावन घोषणाएं की गयीं, सरकारी…
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हे पार्थ !
Updated: April 14, 2014
-दीप्ति शर्मा- हे पार्थ ! मैं सिंहासन पर बैठा अपने धर्म और कर्म से अंधा मनुष्य, मैं धृतराष्ट्र देखता रहा, सुनता रहा और द्रोपती के…
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भूख की रोटी, बोल के घी में लिपटाई है
Updated: April 14, 2014
-जावेद उस्मानी- भूख की रोटी, बोल के घी में लिपटाई है खाली कटोरी पर, लिखी गई मलाई है बेवफा वादो की चटनी के साथ फिर…
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बुद्धिजीवियों में बहुलतावादी दृष्टि की कमी
Updated: April 14, 2014
-प्रमोद भार्गव- अब नरेंद्र मोदी इतना आगे निकल चुके हैं कि उन्हें एकाएक सांप्रदायिक, तानाशाह अथवा फासिस्ट कहकर खारिज करना नामुमकिन है। उन्हें जितना आततायी…
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बस्तर की स्थिति से देश ना-वाकिफ
Updated: April 14, 2014
-रमेश पाण्डेय- छत्तीसगढ़ का बस्तर अपनी नैसर्गिक सुंदरता के लिए विश्व प्रसिद्ध यहां की अनूठी संस्कृति और प्राकृतिक सौन्दर्य किसका न मन मोह लें। पर…
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कांग्रेस का ‘प्रवक्ता डॉट कॉम’ पर आरोप दुर्भाग्यपूर्ण
Updated: April 14, 2014
आज सुबह से कई मित्रों के कॉल आ रहे हैं कि मध्य प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रा. संजय द्विवेदी का प्रधानमंत्री की…
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दोहरा मापदंड
Updated: April 14, 2014
-असर कानपुर- १० दिन और मुज़फ्फरनगर सहित पूरा उत्तर प्रदेश जल रहा है | यह अखिलेश सरकार की असफलता है ! वोट बैंक को बनाये…
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आरक्षण का सवाल या राजनीति की चाल
Updated: April 14, 2014
-असर कानपुरी- केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने मई २०१३ में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी ) में आरक्षण के लिए क्रीमी लेयर की आय सीमा में वृद्धि को…
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बिहार का मानस ‘खुमारी’ में है…
Updated: April 14, 2014
-व्यालोक पाठक- फगुनाहट की खुमारी खत्म होने के बाद चैत की चिलचिलाती धूप में चुनावी शोर भले ही तीखा हो गया है, लेकिन यह केवल…
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नफरत के सिक्के मंडी से बाहर
Updated: April 14, 2014
-नरेन्द्र मोदी की स्वीकार्यता का नया शिखर- -मुकेश सतांकर- भारत के मतदाता इन दिनों जनतंत्र के चुनाव महोत्सव में मशगूल हैं। 16वीं लोकसभा के चुनाव…
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किसानों की आर्थिक बदहाली और फलस्वरूप ‘आत्महत्या’
Updated: April 14, 2014
-सारदा बैनर्जी- देश में किसानोंकी आर्थिक बदहाली और उसके परिणामस्वरूप उनकी आत्महत्या की घटनाएं पिछले दो दशकों से एक बहुत बड़ी चुनौती के रूप में…
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फिल्मकार मुजफ्फर अली से मनीष कुमार जैसल की बातचीत
Updated: April 13, 2014
हिन्दी फिल्म जगत में मुजफ्फर अली एक लब्ध-प्रतिष्ठित व्यक्तित्व हैं. एक संवेदनशील और सरोकारी फिल्म निर्देशक के रूप में उन्होने तीन दशक से ज्यादा का…
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