चुनाव “… उतरा है सुशासन मुखिया के निवास में”

“… उतरा है सुशासन मुखिया के निवास में”

-आलोक कुमार-   पिछले साढ़े आठ सालों के सुशासनी शासन काल में पंचायती राज को दुरुस्त करने का काफी ढिंढोरा पीटा गया, अनेक लोक-लुभावन घोषणाएं की गयीं, सरकारी…

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कविता हे पार्थ !

हे पार्थ !

-दीप्ति शर्मा-  हे पार्थ ! मैं सिंहासन पर बैठा अपने धर्म और कर्म से अंधा मनुष्य, मैं धृतराष्ट्र देखता रहा, सुनता रहा और द्रोपती के…

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कविता भूख की रोटी, बोल के घी में लिपटाई है

भूख की रोटी, बोल के घी में लिपटाई है

-जावेद उस्मानी-  भूख की रोटी, बोल के घी में लिपटाई है खाली कटोरी पर, लिखी गई मलाई है बेवफा वादो की चटनी के साथ फिर…

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चुनाव बुद्धिजीवियों में बहुलतावादी दृष्टि की कमी

बुद्धिजीवियों में बहुलतावादी दृष्टि की कमी

-प्रमोद भार्गव-  अब नरेंद्र मोदी इतना आगे निकल चुके हैं कि उन्हें एकाएक सांप्रदायिक, तानाशाह अथवा फासिस्ट कहकर खारिज करना नामुमकिन है। उन्हें जितना आततायी…

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महत्वपूर्ण लेख बस्तर की स्थिति से देश ना-वाकिफ

बस्तर की स्थिति से देश ना-वाकिफ

-रमेश पाण्डेय-  छत्तीसगढ़ का बस्तर अपनी नैसर्गिक सुंदरता के लिए विश्व प्रसिद्ध यहां की अनूठी संस्कृति और प्राकृतिक सौन्दर्य किसका न मन मोह लें। पर…

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परिचर्चा कांग्रेस का ‘प्रवक्‍ता डॉट कॉम’ पर आरोप दुर्भाग्‍यपूर्ण

कांग्रेस का ‘प्रवक्‍ता डॉट कॉम’ पर आरोप दुर्भाग्‍यपूर्ण

आज सुबह से कई मित्रों के कॉल आ रहे हैं कि मध्‍य प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रा. संजय द्विवेदी का प्रधानमंत्री की…

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राजनीति दोहरा मापदंड

दोहरा मापदंड

-असर कानपुर-  १० दिन और मुज़फ्फरनगर सहित पूरा उत्तर प्रदेश जल रहा है | यह अखिलेश सरकार की असफलता है ! वोट बैंक को बनाये…

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चुनाव आरक्षण का सवाल या राजनीति की चाल

आरक्षण का सवाल या राजनीति की चाल

-असर कानपुरी-  केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने मई २०१३ में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी ) में आरक्षण के लिए क्रीमी लेयर की आय सीमा में वृद्धि को…

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चुनाव बिहार का मानस ‘खुमारी’ में है…

बिहार का मानस ‘खुमारी’ में है…

-व्यालोक पाठक-  फगुनाहट की खुमारी खत्म होने के बाद चैत की चिलचिलाती धूप में चुनावी शोर भले ही तीखा हो गया है, लेकिन यह केवल…

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चुनाव नफरत के सिक्के मंडी से बाहर

नफरत के सिक्के मंडी से बाहर

-नरेन्द्र मोदी की स्वीकार्यता का नया शिखर- -मुकेश सतांकर-  भारत के मतदाता इन दिनों जनतंत्र के चुनाव महोत्सव में मशगूल हैं। 16वीं लोकसभा के चुनाव…

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जरूर पढ़ें किसानों की आर्थिक बदहाली और फलस्वरूप ‘आत्महत्या’

किसानों की आर्थिक बदहाली और फलस्वरूप ‘आत्महत्या’

-सारदा बैनर्जी-  देश में किसानोंकी आर्थिक बदहाली और उसके परिणामस्वरूप उनकी आत्महत्या की घटनाएं पिछले दो दशकों से एक बहुत बड़ी चुनौती के रूप में…

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साक्षात्‍कार फिल्‍मकार मुजफ्फर अली से मनीष कुमार जैसल की बातचीत

फिल्‍मकार मुजफ्फर अली से मनीष कुमार जैसल की बातचीत

हिन्दी फिल्म जगत में मुजफ्फर अली एक लब्ध-प्रतिष्ठित व्यक्तित्व हैं. एक संवेदनशील और सरोकारी फिल्म निर्देशक के रूप में उन्होने तीन दशक से ज्यादा का…

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