राजनीति दिवालिएपन के शिकार वंशवादी……

दिवालिएपन के शिकार वंशवादी……

नरेश भारतीय जनतंत्र के त्यौहार को अब तक उमंग और उम्मीद के साथ मनाया जाता रहा है. लेकिन इस बार जिन निहित स्वार्थों ने जनतंत्र…

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राजनीति माओवादी कायर हैं और सरकारें बहादुर!

माओवादी कायर हैं और सरकारें बहादुर!

माओवादी हमलों से रक्तरंजित छत्तीसगढ़ कब मुक्त होगा ? -संजय द्विवेदी भारतीय राज्य की सहनशीलता की कहानियां देखनी हों तो माओवाद से उनके संघर्ष के तरीके…

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परिचर्चा आप – परिवर्तन या पलायन

आप – परिवर्तन या पलायन

सुजाता मिश्र  खुद को सबसे अलग , सर्वश्रेष्ठ, एकमात्र देशभक्त का तमगा देने वाली आम आदमी पार्टी का सच में क्या आम आदमी से कोई…

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राजनीति ऐतिहासिक चुनाव अभियान और निशाने पर मोदी

ऐतिहासिक चुनाव अभियान और निशाने पर मोदी

संजय द्विवेदी हिंदुस्तान के लोकतांत्रिक इतिहास में शायद ये सबसे महत्वपूर्ण चुनाव हैं, जिसमें दिल्ली की गद्दी के बैठै शासकों के बजाए गुजरात राज्य के…

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कविता कुमार रविंद्र के नवगीत छंदों से विशेष

कुमार रविंद्र के नवगीत छंदों से विशेष

-भारतेन्दु मिश्र-  गत तीन चार दशकों से लगातार जो कवि अपने गीतों नवगीतों से हिन्दी  कविता में अपनी उपस्थिति दर्ज करता आ रहा है ।जिसने…

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कविता सबकी अपनी चाल

सबकी अपनी चाल

-हिमकर श्याम-  आफ़त  में है ज़िन्दगी, उलझे हैं हालात। कैसा यह जनतंत्र है, जहां न जन की बात।। नेता जी हैं मौज में, जनता भूखी…

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राजनीति जस करनी तस भोगहु ताता…….

जस करनी तस भोगहु ताता…….

विपिन किशोर सिन्‍हा लोकतंत्र में हिंसा सर्वथा वर्जित है। मर्यादा में रहकर अपनी बात कहने का अधिकार सबको है।लेकिन वाणी, हथियार या थप्पड़ के माध्यम…

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राजनीति आडवाणी तो मैदान में पर मनमोहन सिंह कहां हैं?

आडवाणी तो मैदान में पर मनमोहन सिंह कहां हैं?

हमेशा व्यक्तिकेंद्रित ही रहे हैं चुनाव अभियान, मोदी केंद्र में हैं तो बुरा क्या है -संजय द्विवेदी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का कहना है कि…

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चुनाव जाति-धर्म आधारित राजनीति को खत्म करने की आवश्यकता

जाति-धर्म आधारित राजनीति को खत्म करने की आवश्यकता

-अभिषेक सुमन-  विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में आगामी लोकसभा चुनाव की सरगर्मियां परवान चढ़ने को है। सभी छोटी-बड़ी राजनीतिक पार्टियां भिन्न-भिन्न वर्गों को…

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आर्थिकी सच ही तो कह रहे हैं रिजर्व बैंक के गवर्नर

सच ही तो कह रहे हैं रिजर्व बैंक के गवर्नर

-रमेश पाण्डेय-  रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन का यह कहना कि किसी भी देश के पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार, उस देश को अपने…

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चुनाव ‘महाभारत’ के युद्ध का आंखों देखा हाल

‘महाभारत’ के युद्ध का आंखों देखा हाल

-राकेश कुमार आर्य-  नई दिल्ली। भारत में लोकसभा चुनावों का ‘महाभारत’ अपने चरमोत्कर्ष पर है। धृतराष्ट्र बने डॉ. मनमोहन सिंह अपने राजभवन में आराम फरमा…

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कविता खोए हुए थे इस कद्र चुनावी ख्याल में

खोए हुए थे इस कद्र चुनावी ख्याल में

-जावेद उस्मानी-  खोए हुए थे इस कद्र चुनावी ख्याल में पता चला ही नहीं क्या कह गये उबाल में क्या मालूम न था अंजाम बहकने…

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