दिवालिएपन के शिकार वंशवादी……
Updated: April 13, 2014
नरेश भारतीय जनतंत्र के त्यौहार को अब तक उमंग और उम्मीद के साथ मनाया जाता रहा है. लेकिन इस बार जिन निहित स्वार्थों ने जनतंत्र…
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माओवादी कायर हैं और सरकारें बहादुर!
Updated: April 13, 2014
माओवादी हमलों से रक्तरंजित छत्तीसगढ़ कब मुक्त होगा ? -संजय द्विवेदी भारतीय राज्य की सहनशीलता की कहानियां देखनी हों तो माओवाद से उनके संघर्ष के तरीके…
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आप – परिवर्तन या पलायन
Updated: April 20, 2014
सुजाता मिश्र खुद को सबसे अलग , सर्वश्रेष्ठ, एकमात्र देशभक्त का तमगा देने वाली आम आदमी पार्टी का सच में क्या आम आदमी से कोई…
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ऐतिहासिक चुनाव अभियान और निशाने पर मोदी
Updated: April 12, 2014
संजय द्विवेदी हिंदुस्तान के लोकतांत्रिक इतिहास में शायद ये सबसे महत्वपूर्ण चुनाव हैं, जिसमें दिल्ली की गद्दी के बैठै शासकों के बजाए गुजरात राज्य के…
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कुमार रविंद्र के नवगीत छंदों से विशेष
Updated: April 12, 2014
-भारतेन्दु मिश्र- गत तीन चार दशकों से लगातार जो कवि अपने गीतों नवगीतों से हिन्दी कविता में अपनी उपस्थिति दर्ज करता आ रहा है ।जिसने…
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सबकी अपनी चाल
Updated: April 12, 2014
-हिमकर श्याम- आफ़त में है ज़िन्दगी, उलझे हैं हालात। कैसा यह जनतंत्र है, जहां न जन की बात।। नेता जी हैं मौज में, जनता भूखी…
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जस करनी तस भोगहु ताता…….
Updated: April 12, 2014
विपिन किशोर सिन्हा लोकतंत्र में हिंसा सर्वथा वर्जित है। मर्यादा में रहकर अपनी बात कहने का अधिकार सबको है।लेकिन वाणी, हथियार या थप्पड़ के माध्यम…
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आडवाणी तो मैदान में पर मनमोहन सिंह कहां हैं?
Updated: April 14, 2014
हमेशा व्यक्तिकेंद्रित ही रहे हैं चुनाव अभियान, मोदी केंद्र में हैं तो बुरा क्या है -संजय द्विवेदी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का कहना है कि…
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जाति-धर्म आधारित राजनीति को खत्म करने की आवश्यकता
Updated: April 12, 2014
-अभिषेक सुमन- विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में आगामी लोकसभा चुनाव की सरगर्मियां परवान चढ़ने को है। सभी छोटी-बड़ी राजनीतिक पार्टियां भिन्न-भिन्न वर्गों को…
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सच ही तो कह रहे हैं रिजर्व बैंक के गवर्नर
Updated: April 12, 2014
-रमेश पाण्डेय- रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन का यह कहना कि किसी भी देश के पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार, उस देश को अपने…
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‘महाभारत’ के युद्ध का आंखों देखा हाल
Updated: April 12, 2014
-राकेश कुमार आर्य- नई दिल्ली। भारत में लोकसभा चुनावों का ‘महाभारत’ अपने चरमोत्कर्ष पर है। धृतराष्ट्र बने डॉ. मनमोहन सिंह अपने राजभवन में आराम फरमा…
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खोए हुए थे इस कद्र चुनावी ख्याल में
Updated: April 12, 2014
-जावेद उस्मानी- खोए हुए थे इस कद्र चुनावी ख्याल में पता चला ही नहीं क्या कह गये उबाल में क्या मालूम न था अंजाम बहकने…
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