विधि-कानून मनुवादियों ने संविधान को मजाक बनाया!

मनुवादियों ने संविधान को मजाक बनाया!

अन्तत: इस मनमानी मनुवादी व्यवस्था ने शासक और शासितों के मनोमस्तिष्क और सुसुप्त अवचेतन मन पर अत्यन्त गहरा स्थान बना लिया। जिसे दूर करने के…

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शख्सियत आडवानी की मृगतृष्णा

आडवानी की मृगतृष्णा

      महाभारत का युद्ध कौरवों और पांडवों के बीच नहीं था। यह धृतराष्ट्र और पाण्डवों के बीच था। युद्ध के पहले भी धृतराष्ट्र…

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विविधा बंदूक का जवाब बंदूक से या फिर संवाद का रास्ता जरूरी

बंदूक का जवाब बंदूक से या फिर संवाद का रास्ता जरूरी

-रमेश पाण्डेय-  बस्तर के जिस इलाके में सुरक्षा बलों का खून बहा है। वह इलाका सभ्यता, संस्कृति और लोकतंत्र की साख का अनूठा संगम रहा…

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चुनाव क्या होगा पाटलीपुत्र में ?

क्या होगा पाटलीपुत्र में ?

-आलोक कुमार-  इस बार पाटलीपुत्र संसदीय सीट पर राजनीतिक दृष्टिकोण से एक रोचक मुक़ाबला होने जा रहा है l इस मुक़ाबले में आमने-सामने हैं लालू…

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विविधा अंग्रेज़ी- हिंदी टक्करः 3

अंग्रेज़ी- हिंदी टक्करः 3

-डॉ. मधुसूदन –  अनुरोध: विषय आत्मसात करते हुए पढ़ें। प्रश्न अवश्य पूछें, विद्वान पाठक सुधार भी सूचित करें। यह आलेख टक्कर १ और २ पर…

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राजनीति बेतुके बयानों के बादशाह और जनता जनार्दन

बेतुके बयानों के बादशाह और जनता जनार्दन

-अरविन्द विद्रोही-  उच्च शिक्षा का ही व्यक्ति के व्यक्तित्व के ,चरित्र के निर्माण में योगदान नहीं होता है। व्यक्ति के संस्कार, निजी आचरण, उसके मुखारविंद…

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चुनाव चुनावी शोर में गायब असल मुद्दे

चुनावी शोर में गायब असल मुद्दे

-रमेश पाण्डेय-  आम चुनाव का माहौल देश की समस्याओं और जनता को मथ रहे मुद्दों का दर्पण होता है, लेकिन क्या मौजूदा माहौल को देखकर…

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राजनीति सियासी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति स्थली बनता पूर्वांचल

सियासी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति स्थली बनता पूर्वांचल

-सिद्धार्थ शंकर गौतम-  उत्तर प्रदेश का पूर्वांचल क्षेत्र २०१४ के लोकसभा चुनाव में सबसे चर्चित और अलहदा तस्वीर पेश कर रहा है। एक ओर हिन्दू-मुस्लिम…

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चुनाव सोशल मीडिया के सहारे 2014 का आम चुनाव

सोशल मीडिया के सहारे 2014 का आम चुनाव

-दीपक कुमार-  वैसे तो फेसबुक और​ ​ट्विटर जैसे सोशल साइट्स पर मेरी मौजूदगी बहुत कम ही रहती है, लेकिन इन दिनों जब भी मैं अपने…

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राजनीति बिहार में ‘जाति के वेंटिलेटर’ के सहारे ही जीवित है ‘राजनीति’

बिहार में ‘जाति के वेंटिलेटर’ के सहारे ही जीवित है ‘राजनीति’

-आलोक कुमार-    विकास की किसी भी अवधारणा का जाति या मजहब से जोड़ा जाना किसी भी दृष्टिकोण से जायज नहीं है, लेकिन बिहार में…

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चुनाव चुनाव-पूर्व जरूरी है ‘वोट-बीमा’

चुनाव-पूर्व जरूरी है ‘वोट-बीमा’

-राजीव रंजन-  मतदाताओं को हमेशा तलाश होती है- विश्वसनीय, कर्मठ और जनपक्षधर उम्मीदवार की। भारतीय राजनीतिक नेतृत्व में यह एक ऐसा आसन्न संकट है जिससे…

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प्रवक्ता न्यूज़ आम आदमी पार्टी की वास्तविकता

आम आदमी पार्टी की वास्तविकता

-डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री-  अरविन्द केजरीवाल और उनके आम आदमी पार्टी नाम से जाने वाले संगी साथियों की असलियत धीरे-धीरे सामने आ रही है ।…

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