वोटर कार्ड हाथ में, सूची में नाम नदारद
Updated: February 12, 2014
-जग मोहन ठाकन- हाल में संपन्न विधान सभा चुनावों में काफी लोग वोटर कार्ड होते हुए भी मतदाता सूची में नाम कटा होने की…
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बिहार में प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा की हकीकत
Updated: February 12, 2014
-आलोक कुमार- बिहार में सुशासन का प्रचार तो खूब किया जाता है पर बिहार की जमीनी हकीकत ठीक इस प्रचार के विपरीत है। आईए बात…
Read more‘सन्त गुरू रविदास और आर्य समाज’
Updated: February 12, 2014
-मनमोहन कुमार आर्य- भारत के प्रसिद्ध सन्तों में ’ शामिल गुरू रविदासजी ने अपनी अन्त: प्रेरणा पर सांसारिक भोगों में रूचि नहीं ली। बचपन…
Read moreकब तक
Updated: February 11, 2014
कल भी मरी थी कल भी मरेगी आखिर वो कितनी बार जलेगी । पहले तो तन को भेड़िया बन नोच डाला शरीर से आत्मा तक…
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जीवन मर्म
Updated: February 11, 2014
पाषाण हृदय बनकर कुछ भी नहीं पाओगे । वक्त के पीछे तुम बस रोओगे पछताओगे ।। ये आस तभी तक है जब तक सांसें हैं।…
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सांप्रदायिक हिंसा कानून ठंडे बस्ते में
Updated: February 11, 2014
संदर्भ- सांप्रदायिक और लक्षित हिंसा रोकथाम (न्याय एवं क्षतिपूर्ति) विधेयक 2011 -प्रमोद भार्गव- विपक्ष ने एक सुर में सुर मिलाकर सांप्रदायिक और लक्षित…
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खतरे में हैं अरावली पर्वत श्रृंखलाएं
Updated: February 11, 2014
-संदर्भः राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र बोर्ड का फैसला- -प्रमोद भार्गव- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र बोर्ड ने पर्यटन को बढ़ावा देने के बहाने अरावली पहाड़ियों में निर्माण…
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नक्सल उन्मूलन : ‘एक तथ्यात्मक विश्लेषण’
Updated: February 10, 2014
-आलोक कुमार- नक्सल उन्मूलन के मोर्चे पर केन्द्र व राज्यों की सरकार और सुरक्षा बलों में निःसंदेह बेहतर तालमेल का अभाव है। राजनीति तिकड़मबाजी…
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राजनीति की एक नई पारी
Updated: February 10, 2014
-अंकित कुमार पांडेय- आम आदमी पार्टी की सरकार आने से राजनीतिक गलियारों में एक नई और सकारात्मक सोंच उभरने लगी। मगर नए वर्श और…
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प्यार को पुष्पित-पल्लवित करने का दिन बने वेलेंटाइन-डे
Updated: February 9, 2014
-एम. अफसर खां सागर- वेलेंटाइन-डे या यूं कह लें कि प्रेम दिवस ! प्यार करने का दिन या प्रेम के इजार करने का दिन या…
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‘अराजकता का पैरोकार बनकर ‘सुराज’ का सपना नहीं देखा जा सकता’
Updated: February 9, 2014
-आलोक कुमार- संविधान पर आस्था, लोकतंत्र पर विश्वास, संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान और न्याय व्यवस्था पर भरोसा जैसे शब्द अभी भी हमारे देश में…
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बैंगन का भुरता बनाम सत्ता का जहर
Updated: February 9, 2014
– जग मोहन ठाकन- गुरूजी प्रवचन करके जैसे ही घर पर लौटे तो देखा कि बाहर कचरादानी में ताज़ा बैंगन का भुरता मंद-मंद मुस्करा…
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