अब तो आंखें खोल
Updated: May 31, 2014
-पंडित सुरेश नीरव- अमल से सिद्ध हुए हैवान जमूरे अब तो आंखें खोल। न जाने किसकी है संतान जमूरे अब तो आंखें खोल।। मिला है…
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सही दिशा देता मोदी का पहला हफ्ता
Updated: May 31, 2014
-वीपी वैदिक- यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले हफ्ते पर नजर डालें तो लगता है कि पांच साल में तो देश की शक्ल ही बदल…
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अमेरिकी मीडिया में अब नरेंद्र मोदी के कसीदे
Updated: May 30, 2014
भारत के नए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेशों में खूब प्रशंसा जारी है। चाहे वहां के राष्ट्राध्यक्ष हों या विदेशी मीडिया, सब जगह नरेंद्र मोदी…
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अब्दुल्ला परिवार छेड़ रहा मरघट की धुनें–
Updated: May 30, 2014
डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री पिछले दिनों लोकसभा के लिये हुये चुनावों में उधमपुर क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी डा० जितेन्द्र सिंह चुने गये…
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मोदी के आंसू:हिन्दुत्व की राजनीति के मोती
Updated: May 30, 2014
राकेश कुमार आर्य कभी आंसू बन जाते हैं तकदीर, कभी आंसू मिटा देते हैं तस्वीर। आंसुओं का भी अपना इतिहास है, कभी इनसे घबराती है शमशीर।…
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अपनी संवैधानिक सीमाओं, औकातों को भूल गए अब्दुल्ला
Updated: May 30, 2014
प्रवीण गुगनानी ————————————–देश को हाल ही में हुए धारा ३७० के विवाद में यह स्मरण करा दूं कि कश्मीर विषैले अब्दुल्ला वंश का कतई नहीं…
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सुनंदा थरूर की जान ट्विटर ने तो नहीं ली ?
Updated: October 8, 2014
इक़बाल हिंदुस्तानी सोशल नेटवर्किंग दुधारी तलवार है, सोच समझकर चलाना होगा! जिस तरह से चाकू बदमाश के हाथ में हो तो वह किसी की…
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हमारी शब्द रचना क्षमता
Updated: May 30, 2014
डॉ. मधुसूदन सूचना: विषय कुछ कठिन है। धीरे धीरे आत्मसात करते हुए पढें। प्रश्न अवश्य पूछें, शंका-समाधान करने का प्रयास अवश्य किया जाएगा। पर त्वरित…
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जो एक रस्मे दरबार थी ,गुज़रे वक्त में
Updated: May 30, 2014
जावेद उसमानी जो एक रस्मे दरबार थी ,गुज़रे वक्त में आज भी वही कलिब तख्तेरवां दरबार है जम्हूरियत की आड़ में ताकत का खेल है…
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अनुच्छेद 370 का राज्य के विलय की पूर्णता से कोई संबंध नहीं
Updated: May 30, 2014
वीरेन्द्र सिंह चौहान भारतीयसंविधान का अनुच्छेद 370 बार फिर चर्चा में है। राष्ट्रीय स्तर पर यहचर्चा या बहस छिडऩा नितांत स्वाभाविक है। ऐसा इसलिए चूंकि…
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भारत की आज़ादी
Updated: May 30, 2014
बिपिन किशोर सिन्हा १५ अगस्त १९४७ को इन्डिया आज़ाद हुआ था। वह एक अधूरी आज़ादी थी। हम मानसिक रूप से गुलामी की अवस्था में…
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प्रासंगिकता हिन्दुत्व की
Updated: May 30, 2014
अतुल तारे हिन्दुत्व क्या है? आज के परिप्रेक्ष्य में हिन्दुत्व की प्रासंगिकता क्या है? यह प्रश्न अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक सार्थक बहस, एक गंभीर विमर्श…
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