अन्ना को अंग्रेजी नहीं आती
Updated: December 24, 2013
– डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री – लोकपाल बिल लोक सभा और राज्य सभा दोनों में पारित हो गया है । रालेगन सिद्धी में अन्ना हज़ारे…
Read moreवोटयुक्ति का सांप्रदायिक विधेयक
Updated: December 22, 2013
अरविंद जयतिलक आखिरकार केंद्रीय कैबिनेट ने सोनिया गांधी की नेतृत्ववाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) द्वारा प्रारुपित सांप्रदायिक हिंसा रोकथाम विधेयक को हरी झंडी दे दी।…
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हर औरत से घबराने का क्या मतलब है?
Updated: December 22, 2013
इक़बाल हिंदुस्तानी 0फारूक अब्दुल्ला और नरेश अग्रवाल अपने गिरेबान में भी झांके! केंद्रीय मंत्री फारूक अब्दुल्ला और सपा नेता नरेश अग्रवाल ने कहा है कि…
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लोकशक्ति का पर्याय है, लोकपाल
Updated: December 22, 2013
प्रमोद भार्गव आजादी के बाद जनांदोलनों से सत्ता परिवर्तन हुए हैं। अनेक क्षेत्रीय दलों ने संघर्ष से असितत्व कायम करके केंद्र व राज्य सत्ताएं भी…
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मेघालय के विकास में अवैध खनन की बाधकता
Updated: December 22, 2013
मेघालय 22 हज़ार वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ एक छोटा राज्य है. सन 72 में दक्षिण असम के तीन मुख्य प्रान्तों खासी, गारो एवं जनिता…
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‘आप’ और केजरीवाल का भविष्य
Updated: December 22, 2013
आम आदमी पार्टी की दिल्ली विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित जीत ने राजनीति में प्रयोग और शुचिता की बहस को बढ़ा दिया है| ‘आप’ की जीत…
Read moreअब किसी बात का भी अंदाज़ नहीं होता
Updated: December 22, 2013
अब किसी बात का भी अंदाज़ नहीं होता हर वक़्त एक सा तो मिज़ाज नहीं होता। हैरान होता है दरिया यह देख कर बहुत क्यूँ…
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समलैंगिकता प्रकृति के नियमों के विरूद्घ
Updated: December 22, 2013
राकेश कुमार आर्य प्राचीनता और नवीनता दो विरोधी धाराएं नही हैं। समाज की उन्नति के लिए इन दोनों का समन्वय बड़ा आवश्यक है। विज्ञान के…
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एक पाती राहुल बबुआ के नाम
Updated: December 22, 2013
स्वस्ति श्री लिखीं चाचा बनारसी के तरफ़ से राहुल बबुआ को ढेर सारा प्यार, दुलार, चुम्मा। इहां हम राजी-खुशी हैं और उम्मीद…
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व्यंग्य बाण : अथ श्री महा-गारत कथा
Updated: December 22, 2013
पिछले कई दिन से शर्मा जी सुबह-शाम टहलने नहीं आ रहे थे। ठंड में बुजुर्गों को स्वास्थ्य ठीक रखने के लिए कई तरह के सुझाव…
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अमेरिका को पैगाम
Updated: December 21, 2013
प्रमोद भार्गव अमेरिका के विरुद्ध भारत ने जिस तरह से आंखे तरेरी हैं, यह अनहोनी स्थिति हैरतअंगेज है। जिस भारत का राष्ट्रीय स्वाभिमान पूर्व…
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भैया! पापुलर तो नेपाल वाले प्रचंड भी कम नहीं हुए थे!!
Updated: December 21, 2013
झूठी उम्मीद, कोरा आश्वासन और दोषारोपण। गरीब देश हो अथवा समाज या आदमी। इनकी जिंदगी नियति के इसी तिराहे पर भटकते हुए खत्म हो जाती है।…
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